क्या मोहब्बत सचमुच हर दीवार ढहा देती है? बिहार के मुजफ्फरपुर में 60 वर्षीय स्कूल संचालक राकेश शाह और उसी स्कूल की 28 वर्षीय शिक्षिका शाइस्ता परवीन ने कर ली शादी
By एस पी सिन्हा | Updated: February 22, 2026 16:51 IST2026-02-22T15:53:52+5:302026-02-22T16:51:17+5:30
एक निजी स्कूल के 60 वर्षीय संचालक राकेश साह और उसी स्कूल की 28 वर्षीय शिक्षिका शाइस्ता परवीन के विवाह की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए हैं।

क्या मोहब्बत सचमुच हर दीवार ढहा देती है? बिहार के मुजफ्फरपुर में 60 वर्षीय स्कूल संचालक राकेश शाह और उसी स्कूल की 28 वर्षीय शिक्षिका शाइस्ता परवीन ने कर ली शादी
पटना: बिहार में मुजफ्फरपुर जिले के औराई थाना क्षेत्र में इन दिनों मोहब्बत की एक कहानी ने पूरे गांव को हैरत में डाल दिया है। दरअसल, एक निजी स्कूल के 60 वर्षीय संचालक राकेश साह और उसी स्कूल की 28 वर्षीय शिक्षिका शाइस्ता परवीन के विवाह की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए हैं। उम्र का फासला करीब बत्तीस साल, मज़हब का फर्क और समाज की कानाफूसी इन सबके दरमियान यह रिश्ता सुर्खियों में है।
राकेश साह और शाइस्ता परवीन (18 फरवरी को अचानक गायब हो गए और नेपाल के जनकपुर पहुंचकर शादी कर ली। शादी की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करते ही यह मामला पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गया। इस विवाह के बाद गांव में तनाव का माहौल है। शिक्षिका के भाई ने औराई थाने में अपहरण की प्राथमिकी दर्ज कराई है, जिसमें उन्होंने कई गंभीर आरोप लगाए हैं।
भाई का आरोप है कि राकेश साह ने शादी की नीयत से उनकी बहन को अगवा किया। वहीं, परिजनों का आरोप है कि शाइस्ता को डरा-धमका कर या मजबूर कर मुस्लिम से हिंदू बनाया गया है। हालांकि, इस मामले में राकेश साह की पत्नी और बेटी को भी नामजद आरोपी बनाया गया है। वहीं, इस विवाद के बीच शाइस्ता परवीन का एक वीडियो बयान सामने आया है।
वीडियो में उन्होंने स्पष्ट किया है कि उन्होंने किसी दबाव में नहीं, बल्कि अपनी स्वेच्छा से राकेश साह से शादी की है। उनका दावा है कि यह विवाह 2025 में ही हो गया था और वह पूरी तरह सुरक्षित हैं। उन्होंने पुलिस और प्रशासन से अपील की है कि राकेश साह पर लगाए गए आरोप झूठे हैं और उन्हें परेशान न किया जाए।
कहा जा रहा है कि बच्चों को पढ़ाते-पढ़ाते दोनों के दरमियान मोहब्बत ने चुपके से दस्तक दी और रिश्ता गहराता चला गया। उम्र का लगभग बत्तीस साल का अंतर और अलग-अलग समुदाय से होने के बावजूद दोनों ने 18 फरवरी को घर-परिवार की सरहदों से निकलकर अपने रिश्ते को नाम देने का फैसला किया। स्कूल संचालक चार बच्चों के पिता बताए जाते हैं।
इस मोहब्बत की कहानी ने गांव को दो हिस्सों में बांट दिया है। एक तबका इसे दो दिलों की आज़ाद पसंद का नाम दे रहा है, तो दूसरा इसे सामाजिक मर्यादाओं के खिलाफ बगावत बता रहा है। आरोपित के स्कूल और घर पर फिलहाल ताला लटका है और दो समुदायों के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए पुलिस लगातार गश्त कर रही है। गांव में इस घटना के बाद दो गुटों के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है।
फिलहाल, गांव की गलियों में बस एक ही चर्चा है दिल की अदालत में उम्र और सरहदें क्या मायने रखती हैं? वहीं इश्क की यह कहानी किसी के लिए दो दिलों की आज़ाद पसंद है, तो किसी के लिए सामाजिक बगावत। मुजफ्फरपुर की फिज़ा में एक ही सवाल गूंज रहा है क्या मोहब्बत सचमुच हर दीवार ढहा देती है?