इस्लामी कैलेंडर का नौवां महीना रमजान है जिसे अरबी भाषा में रमादान कहते हैं। नौवें महीने यानी रमजान को 610 ईस्वी में पैगंबर मोहम्मद पर कुरान प्रकट होने के बाद मुसलमानों के लिए पवित्र घोषित किया गया था। रोजे रखना इस्लाम के पांच स्तंभों (कलमा, नमाज, जकात, रोजा और हज ) में से एक है। कुरान सूरा 2 के आयात 183 और 184 मे हर व्यक्ति को इस पाक महीने मे हुजूर की तरह ही सुबह से लेकर शाम सूरज डूबने तक कुछ भी खाने-पीने की मनाही है। अल्लाह रोजेदार और इबादत करने वालों की दुआ कूबुल करता है और इस पवित्र महीने में गुनाहों से बख्शीश मिलती है। Read More
Ramadan 2026: मुसलमान स्वयं को पूरी तरह से उपासना में समर्पित करते हैं और सांसारिक मोह-माया से दूर रहते हैं। यह प्रथा पैगंबर मुहम्मद के इ'तिक़ाफ़ के उदाहरण का अनुसरण करती है। इ'तिक़ाफ़ रमज़ान की 20 तारीख से शुरू होकर रमज़ान की 30 तारीख को समाप्त हो ...
Ramadan 2026: करीम के मशहूर कबाब से लेकर मटिया महल के ताज़गी भरे मोहब्बत-ए-शरबत तक, जामा मस्जिद के पास सबसे बेहतरीन इफ्तार और सेहरी के ठिकाने जानें। ...
Ramadan 2026: रमजान 2026 उमराह करने वाले विश्वासियों के लिए आध्यात्मिक रूप से एक शक्तिशाली अवसर लेकर आया है। उपवास के इस महीने के दौरान इस छोटी तीर्थयात्रा को करने के महत्व, लाभों और गहरे अर्थ को जानें। ...
Ramadan 2026: रमजान के नाम से भी जाना जाता है, इस्लामी चंद्र कैलेंडर का पवित्र महीना है। चंद्रमा के दर्शन के आधार पर रमजान की शुरुआत गुरुवार, 19 फरवरी को हुई, जिसमें सुबह तड़के सेहरी का भोजन किया गया और उसके बाद सूर्यास्त तक उपवास रखा गया। ...
Ramadan 2026: रमजान 2026 की शुरुआत फरवरी के मध्य में होने की उम्मीद है, बशर्ते चांद दिखाई दे। रोज़े के समय से लेकर सेहरी और इफ्तार की रस्मों तक, भारत और सऊदी अरब में इस पवित्र महीने की शुरुआत से जुड़ी हर जानकारी यहां दी गई है। ...