भारतीय संसद (राज्य सभा और लोक सभा) की हर साल होने वाली तीन बैठकों को संसद सत्र कहते हैं। इन सत्रों में सभी विधायी कार्य पूरे किये जाते हैं। भारतीय संविधान के अनुसार संसद के दो सत्रों के बीच छह महीने से ज्यादा अंतराल नहीं होना चाहिए। इस वजह से हर साल संसद के कम से कम दो सत्र जरूर आयोजित होते हैं।संसद का बज़ट सत्र फ़रवरी से मई के बीच आहुत होता है। संसद का मॉनसून सत्र जुलाई से सितम्बर के बीच आहुत होता है। संसद का शीतकालीन सत्र नवंबर से दिसंबर के बीच आयोजित होता है। बज़ट सत्र के दौरान भारत सरकार अपना सालाना या अंतरिम बज़ट पेश करती है। इस बज़ट में सरकार वार्षिक आय और व्यय का लेखा-जोखा पेश करती है। Read More
राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाद संसद भवन परिसर में सिंह ने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुये कहा, ‘‘कांग्रेस के लिये आज प्रायश्चित करने का दिन था। राष्ट्रपति के अभिभाषण के दौरान ऐसा ओछा व्यवहार हमने पहले कभी नहीं देखा। ...
आर्थिक समीक्षा में कहा गया है कि वृद्धि दर में जारी सुस्ती का दौर अब समाप्त हो चुका है और अगले वित्त वर्ष 2020-21 में वृद्धि दर सुधर कर 6 से 6.50 प्रतिशत के दायरे में पहुंच जायेगी। ...
सरकार ने बजट सत्र के दौरान 45 विधेयक पेश करने के लिए चिह्नित किए हैं. इनमें से सात वित्तीय विषय से जुड़े हैं और दो अध्यादेश से जुड़े हैं. बजट सत्र में कुल 39 बैठकें होंगी. ...