भारतीय संसद (राज्य सभा और लोक सभा) की हर साल होने वाली तीन बैठकों को संसद सत्र कहते हैं। इन सत्रों में सभी विधायी कार्य पूरे किये जाते हैं। भारतीय संविधान के अनुसार संसद के दो सत्रों के बीच छह महीने से ज्यादा अंतराल नहीं होना चाहिए। इस वजह से हर साल संसद के कम से कम दो सत्र जरूर आयोजित होते हैं।संसद का बज़ट सत्र फ़रवरी से मई के बीच आहुत होता है। संसद का मॉनसून सत्र जुलाई से सितम्बर के बीच आहुत होता है। संसद का शीतकालीन सत्र नवंबर से दिसंबर के बीच आयोजित होता है। बज़ट सत्र के दौरान भारत सरकार अपना सालाना या अंतरिम बज़ट पेश करती है। इस बज़ट में सरकार वार्षिक आय और व्यय का लेखा-जोखा पेश करती है। Read More
वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा अनुमोदित जन विश्वास (प्रावधान संशोधन) विधेयक, 2026 को लोकसभा में प्रस्तुत किया था। ...
Hike MPLAD fund allocation: कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य प्रमोद तिवारी ने बुधवार को कहा कि सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना (एमपीएलएडी) के तहत प्रति सांसद को हर वर्ष मिलने वाली पांच करोड़ रुपये की राशि “काफी कम” है और इसे बढ़ाकर कम से कम 20 करोड़ रुपय ...
कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने नियम 72 (1) के तहत विधेयक पेश किए जाने का विरोध करते हुए कहा कि संवैधानिक सिद्धातों के अनुरूप नहीं है और इसमें बहुत सारी खामियां हैं। ...