Narendra Modi: नरेंद्र मोदी भारतीय जनता पार्टी के नेता और भारत के वर्तमान प्रधानमंत्री हैं। वो साल 1950 में वडनगर गुजरात में पैदा हुए थे। शुरुआती जीवन में ही वो आरएसएस से जुड़ गए और 1974 में नवनिर्माण आंदोलन से जुड़ गए। 1980 के दशक में जब मोदी गुजरात की भाजपा ईकाई में शामिल हुए तो माना गया कि पार्टी को संघ के प्रभाव का सीधा फायदा होगा। वे वर्ष 1988-89 में भारतीय जनता पार्टी की गुजरात ईकाई के महासचिव बनाए गए। नरेंद्र मोदी ने लाल कृष्ण आडवाणी की 1990 की सोमनाथ-अयोध्या रथ यात्रा के आयोजन में अहम भूमिका अदा की। इसके बाद वो भारतीय जनता पार्टी की ओर से कई राज्यों के प्रभारी बनाए गए।मोदी को 1995 में भारतीय जनता पार्टी का राष्ट्रीय सचिव और पांच राज्यों का पार्टी प्रभारी बनाया गया। इसके बाद 1998 में उन्हें महासचिव (संगठन) बनाया गया। मोदी के सत्ता संभालने के लगभग पांच महीने बाद ही गोधरा रेल हादसा हुआ जिसमें कई हिंदू कारसेवक मारे गए। इसके ठीक बाद फरवरी 2002 में ही गुजरात में मुसलमानों के खिलाफ़ दंगे भड़क उठे। इन दंगों में सरकार के मुताबिक एक हजार से ज्यादा और ब्रिटिश उच्चायोग की एक स्वतंत्र समिति के अनुसार लगभग 2000 लोग मारे गए। इनमें ज्यादातर मुसलमान थे।इसके बाद 2007 के विधानसभा चुनावों में उन्होंने गुजरात के विकास को मुद्दा बनाया और फिर जीतकर लौटे। फिर 2012 में भी नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा गुजरात विधानसभा चुनावों में विजयी रहे। 2014 लोकसभा चुनावों में उन्हें बीजेपी ने प्रधानंत्री पद का प्रत्याशी बनाया और पूर्ण बहुमत से सरकार बनाई। नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा ने 2019 के लोकसभा चुनाव में भी जीत हासिल की। Read More
भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति (सीईसी) पश्चिम बंगाल और केरल विधानसभा चुनावों के संभावित उम्मीदवारों के नामों पर विचार करने के लिए 12 मार्च को बैठक कर सकती है। ...
एक्स पर पोस्ट करते हुए, प्रधानमंत्री मोदी ने टीम के प्रदर्शन की तारीफ़ की और फाइनल में भारत की शानदार जीत के बाद पूरे टूर्नामेंट में उनके पक्के इरादे की तारीफ़ की। ...
राष्ट्रपति मुर्मू का ज़िक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि यह टिप्पणी देश के सबसे बड़े संवैधानिक पद की गरिमा का अपमान है। प्रधानमंत्री ने कहा, “देश और ‘नारी शक्ति’ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के इस अपमान को माफ़ नहीं करेंगे।” ...
सिलीगुड़ी के अपने दौरे के दौरान बोलते हुए, राष्ट्रपति ने प्रोटोकॉल और तैयारियों में हुई कमियों की ओर भी इशारा किया, और बताया कि दौरे के दौरान न तो मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और न ही उनके किसी मंत्री ने उनका स्वागत किया। ...
बिहार की जनता और बिहार के कार्यकर्ताओं ने अपने खून-पसीने से नीतीश कुमार को 2025-30 के कार्यकाल के लिए जनादेश दिया है... बीच में छोड़कर नहीं जाना चाहिए... ...
नीतीश कुमार, चिराग पासवान, जीतन राम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा को साथ रखते हुए बिहार में भाजपा को मजबूत करने वाले नेता की तलाश किस पर जाकर रुकेगी, ये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और भाजपा के अध्यक्ष नितिन नबीन के अलावा कोई नहीं बता सकत ...
सियासी हलकों में यह कयास भी लगाया जा रहा है कि राष्ट्रीय राजनीति में बड़ी भूमिका के लिए नीतीश कुमार दिल्ली की ओर रुख करें और बिहार में निशांत के नेतृत्व की नई पारी शुरू हो। ...