देश में कई गुणा बढ़ सकता है ऑनलाइन गेमिंग का बाजार
By भाषा | Updated: April 11, 2019 12:31 IST2019-04-11T12:30:27+5:302019-04-11T12:31:45+5:30

Future of Online Gaming in India
उद्योग जगत के विशेषज्ञों का मानना है कि देश में ऑनलाइन गेमिंग (ई-स्पोर्ट्स) का बाजार आने वाले समय में कई गुणा बढ़ने वाला है। उनका कहना है कि उपकरणों के सस्ते होने, डेटा बैंडविथ के बढ़ने तथा ऑनलाइन गेमिंग की स्वीकार्यता विस्तृत होने से यह करियर का बेहतर विकल्प बनता जा रहा है।
इंटेल इंडिया के उपाध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक (बिक्री एवं विपणन समूह) प्रकाश माल्या ने कहा, "भारत में ई-स्पोर्ट्स का बाजार लगातार बड़ा हो रहा है और न केवल खेलने वालों की संख्या बढ़ रही है बल्कि इसे देखने वालों की संख्या भी बढ़ रही है। इसके कई कारण हैं जैसे बुनियादी संरचना में सुधार, युवा आबादी की वृद्धि, बढ़ती आय आदि।"
फिक्की और अर्नेस्ट यंग की एक रिपोर्ट के अनुसार, ऑनलाइन गेमिंग का बाजार 2018 में 49 अरब रुपये का था और इसके 2021 तक बढ़कर 120 अरब रुपये पर पहुंच जाने का अनुमान है। रिपोर्ट के अनुसार इस बाजार में सालाना 35.40 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान है। वर्ष 2018 में ऑनलाइन गेम खेलने वालों की संख्या करीब 27.80 करेाड़ रहने का भी अनुमान है।
हालांकि इस क्षेत्र में मुख्यत मोबाइल गेमिंग का दबदबा है लेकिन पर्सनल कम्पयूटर के मामले में भी मजबूत वृद्धि का अनुमान है। नॉडविन गेमिंग के प्रबंध निदेशक अक्षत राठी ने कहा कि सरकार से नियामकीय समर्थन तथा गेमिंग को करियर बनाने के प्रति सांस्कृतिक बदलाव से पारिस्थितिकी को बल मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में गेमर होने से इतर कमेंटेटर, इंफ्लूएंसर, कोडर, वॉयस आर्टिस्ट्स जैसे अन्य करियर विकल्प भी सामने आ रहे हैं। इन सबके लिये 50 हजार रुपये से दो लाख रुपये तक के वेतन की पेशकश की जा रही है।