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Yogini Ekadashi 2022: योगिनी एकादशी पर भूलकर भी न करें ये 5 गलतियां, नहीं तो मां लक्ष्मी हो जाएंगी रुष्ट

By रुस्तम राणा | Updated: June 20, 2022 13:57 IST

शास्त्रों के अनुसार, योगिनी एकादशी व्रत विधि-विधान के साथ करने से सारे पाप मिट जाते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि के साथ-साथ मोक्ष की प्राप्ति होती है।

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Yogini Ekadashi 2022: हिंदू पंचांग के अनुसार, आषाढ़ मास कृष्ण पक्ष की एकादशी को योगिनी एकादशी कहते हैं। इस बार 24 जून, शुक्रवार को योगिनी एकादशी व्रत रखा जाएगा। इस एकादशी व्रत के दौरान भगवान विष्णु के साथ-साथ मां लक्ष्मी की पूजा होती है। शास्त्रों के अनुसार, योगिनी एकादशी व्रत विधि-विधान के साथ करने से सारे पाप मिट जाते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि के साथ-साथ मोक्ष की प्राप्ति होती है। योगिनी एकादशी व्रत में कुछ बातों का विशेष ध्यान रखा जाता है। आइए जानते हैं कि योगिनी एकादशी व्रत के दौरान क्या नहीं करना चाहिए।

1. नियमानुसार, अपरा एकादशी के दिन चावल नही खाना चाहिए। मान्यता है कि एकादशी के दिन चावल खाने से अगला जन्म रेंगने वाले जीव योनि में होता है। द्वादशी के दिन चावल खाना चाहिए। 

2. एकादशी तिथि पर शारीरिक संबंध या गलत विचारों आदि से दूर रहना चाहिए। इस दिन ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए और जगत के पालनहार विष्णु जी का स्मरण करना चाहिए। 

3. एकादशी के दिन व्रती को क्रोध नहीं करना चाहिए। साथ ही उसे झूठ नहीं बोलना चाहिए। कहा जाता है कि इस दिन क्रोध करने से भगवान विष्णु अप्रसन्न होते हैं जिससे जीवन की खुशियां चली जाती है।

4. इस दिन महिलाओं का अपमान नहीं करना चाहिए। ऐसा कहते हैं कि इससे मां लक्ष्मी नाराज हो जाती हैं। इसके अलावा इस दिन नहाते समय साबुन का प्रयोग नहीं करना चाहिए और न ही नाखून और बाल काटना चाहिए। 

5. एकादशी के दिन देर तक नहीं सोना चाहिए और न ही किसी तरह का अनैतिक कार्य करना चाहिए। इस दिन जल्दी उठकर गंगाजल से स्नान करना चाहिए और पीले वस्त्र धारण करना चाहिए। विष्णु जी की पूजा करें।  

6. इस दिन तुलसी की पूजा करना न भूलें। शाम को तुलसी के समीप शुद्ध घी का दीपक जलाएं। इस दिन ऊँ वासुदेवाय नमः मंत्र का जाप करें और तुलसी की 11 बार परिक्रमा करें। मान्यता है कि ऐसा करने से आपका आर्थिक पक्ष मजबूत होगा।

(डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं पर आधारित है। लोकमत हिन्दी इसकी पुष्टि नहीं करता है।)  

टॅग्स :एकादशीभगवान विष्णुमां लक्ष्मी
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