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Vijaya Ekadashi 2023: विजया एकादशी व्रत कब है? जानें तिथि, पूजा मुहूर्त, व्रत विधि और कथा

By रुस्तम राणा | Updated: February 11, 2023 14:35 IST

इस साल विजया एकादशी व्रत 16 फरवरी गुरुवार को रखा जाएगा। एकादशी तिथि 16 फरवरी 2023 को सुबह 5.32 बजे आरंभ होगी। जबकि इसका समापन अगले दिन 17 फरवरी 2023 को सुबह 2.49 बजे होगा।

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Vijaya Ekadashi 2023: हिंदू पंचांग के अनुसार, फाल्गुन कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को विजया एकादशी कहा जाता है। धार्मिक मान्यता है कि जो जातक विजया एकादशी व्रत को विधि-विधान के साथ रखता है। वह प्रत्येक क्षेत्र में विजय प्राप्त करता है। उसके जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है और समस्त प्रकार के पापों से मुक्ति मिलती है। इस साल विजया एकादशी व्रत 16 फरवरी गुरुवार को रखा जाएगा। एकादशी तिथि 16 फरवरी 2023 को सुबह 5.32 बजे आरंभ होगी। जबकि इसका समापन अगले दिन 17 फरवरी 2023 को सुबह 2.49 बजे होगा। वहीं व्रत का पारण 18 फरवरी 2023 को सुबह 6.57 बजे से 9.09 बजे तक के बीच किया जा सकेगा।

विजया एकादशी व्रत विधि

एकादशी तिथि व्रत की तैयारी एक दिन पहले ही करें। दशमी की रात्रि में सात्विक भोजन करें। इसके बाद एकादशी तिथि पर सुबह जल्दी उठकर स्नान ध्यान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें। इसके पश्चात हाथ में जल लेकर एकादशी व्रत का संकल्प करें। अब श्रीहरि पूजा के लिए कलश स्थापना करें। भगवान विष्णु की मूर्ति स्थापना करें। उन्हें पीले फूल, वस्त्र, अक्षत्, धूप, दीप, गंध, तुलसी पत्ता, पंचामृत, फल, चंदन, हल्दी, रोली आदि से पूजन करें। पूजा के अंत में क्षमा प्रार्थना मंत्र पढ़ें और कपूर या घी के दीपक से भगवान विष्णु की आरती करें।

पौराणिक कथा

पौराणिक कथा के अनुसार जब भगवान श्रीराम लंका पर चढ़ाई करने के लिए समुद्र तट पर पहुंचे, तो श्री राम ने समुद्र देव से मार्ग देने की प्रार्थना की। परन्तु समुद्र देव ने भगवान राम को लंका जाने का मार्ग नहीं दिया, तब भगवान राम ने मुनि की आज्ञा के अनुसार विजय एकादशी का व्रत किया, मान्यता है जिसके प्रभाव से समुद्र ने मार्ग प्रदान किया। साथ ही भगवान श्री राम से रावण से निर्णायक युद्ध से पहले भी विजया एकादशी पर व्रत विधि पूर्वक किया था और रावण को युद्ध में परास्त किया था।

करें ये उपाय

विजया एकादशी के दिन विष्णु जी को तुलसी की माला अर्पित करें। मान्यता है कि ऐसा करने से वे प्रसन्न होते हैं और आशीर्वाद प्रदान करते हैं। भगवान विष्णु को कमल का फूल प्रिय है, इसदिन मंदिर जा कर भगवान कृष्ण या भगवान राम की मूर्ति पर कमल का फूल चढ़ाएं। द्वादशी के दिन किसी जरुरतमंद व्यक्ति या ब्राह्मण को भोजन कराकर, दान-दक्षिणा देकर व्रत का पारण करें।

टॅग्स :एकादशीभगवान विष्णुहिंदू त्योहार
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