बिहार के मोतिहारी स्थित बापूधाम रेलवे स्टेशन के पास RPF और चाइल्ड हेल्पलाइन ने 21 नाबालिग बच्चों को कराया मुक्त

By एस पी सिन्हा | Updated: May 10, 2026 21:20 IST2026-05-10T21:20:01+5:302026-05-10T21:20:21+5:30

पूछताछ में बच्चों ने बताया कि उन्हें पढ़ाई के नाम पर मोतिहारी लाया गया था। सभी बच्चों को शहर के चांदमारी स्थित एक होटल में रखा गया था और वहां से उन्हें भागलपुर ले जाने की तैयारी थी। 

The RPF and the Child Helpline rescued 21 minors near Bapudham Railway Station in Motihari, Bihar. | बिहार के मोतिहारी स्थित बापूधाम रेलवे स्टेशन के पास RPF और चाइल्ड हेल्पलाइन ने 21 नाबालिग बच्चों को कराया मुक्त

बिहार के मोतिहारी स्थित बापूधाम रेलवे स्टेशन के पास RPF और चाइल्ड हेल्पलाइन ने 21 नाबालिग बच्चों को कराया मुक्त

पटना:बिहार में पूर्वी चंपारण जिले के मोतिहारी स्थित बापूधाम रेलवे स्टेशन के पास आरपीएफ और चाइल्ड हेल्पलाइन की संयुक्त टीम ने मानव तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 21 नाबालिग बच्चों को मुक्त कराया है। इस दौरान बच्चों को ले जा रहे एक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है। वहीं आरपीएफ ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पूछताछ में बच्चों ने बताया कि उन्हें पढ़ाई के नाम पर मोतिहारी लाया गया था। सभी बच्चों को शहर के चांदमारी स्थित एक होटल में रखा गया था और वहां से उन्हें भागलपुर ले जाने की तैयारी थी। 

पुलिस के अनुसार, बच्चों को ले जा रहा व्यक्ति फोनसिस क्रिसपोटा रांची का रहने वाला है। हालांकि वह बच्चों को भागलपुर ले जाने के संबंध में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दे सका। मुक्त कराए गए सभी बच्चे आदिवासी समाज से संबंध रखते हैं। हैरानी की बात यह है कि किसी भी बच्चे के पास कोई पहचान पत्र नहीं मिला। ऐसे में सभी बच्चों को फिलहाल चाइल्ड हेल्पलाइन के सुपुर्द कर दिया गया है। जीआरपी प्रभारी संतोष कुमार ने बताया कि चाइल्ड हेल्पलाइन से सूचना मिली थी कि कुछ बच्चों को ट्रेन के माध्यम से दूसरे स्थान पर ले जाया जा रहा है। सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। 

पुलिस को आशंका है कि आदिवासी समाज से आने वाले इन नाबालिग बच्चों को धर्म परिवर्तन के उद्देश्य से भागलपुर ले जाया जा रहा था। इस एंगल से भी जांच की जा रही है। हिरासत में लिए गए व्यक्ति के पास से कोई वैध दस्तावेज नहीं मिला और वह संतोषजनक जवाब भी नहीं दे सका। सूत्रों के मुताबिक, यह पूरा मामला तब उजागर हुआ जब स्टेशन परिसर में संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिली। टीम ने तुरंत घेराबंदी की और एक युवक को हिरासत में लिया। 

शुरुआती पूछताछ में जो तथ्य सामने आए, उन्होंने सुरक्षा एजेंसियों को भी चौंका दिया। पकड़ा गया युवक पहले हिंदू धर्म से जुड़ा था, लेकिन बाद में उसने कथित तौर पर ईसाई धर्म अपना लिया था। गिरफ्तार किया गया युवक पिछले लगभग तीन महीनों से मोतिहारी के चांदमारी मोहल्ले में एक किराए के मकान में रह रहा था। फिलहाल पुलिस का पूरा फोकस इस बात पर है कि इस नेटवर्क का असली सरगना कौन है? इस पूरे खेल के पीछे अंतिम मकसद क्या था? जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, इस रहस्यमयी मामले की परतें और भी गहरी होती जा रही हैं।

Web Title: The RPF and the Child Helpline rescued 21 minors near Bapudham Railway Station in Motihari, Bihar.

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