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Ram-Sita Vivah 2019: इस तारीख को मनाई जाएगी विवाह पंचमी, जानिए इस दिन क्यों नहीं होता शादी का शुभ मुहूर्त

By मेघना वर्मा | Updated: November 28, 2019 13:12 IST

धार्मिक नजरिए से विवाह पंचमी का काफी महत्व होता है मगर क्या आप जानते हैं कि विवाह पंचमी भले ही काफी महत्वपूर्ण हो मगर इस दिन को विवाह के लिए शुभ नहीं माना जाता है।

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ठळक मुद्देभगवान राम और सीता के विवाह के दिन देशभर में विवाह पंचमी मनाई जाती है। माना जाता है कि मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी को भगवान राम और माता सीता की शादी हुई थी।

भारत वर्ष में भगवान राम को पूजने की प्रथा है। लोगों की आस्था भगवान राम और सीता के प्रति सबसे ज्यादा है। भगवान राम और सीता के विवाह के दिन देशभर में विवाह पंचमी मनाई जाती है। माना जाता है कि मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी को भगवान राम और माता सीता की शादी हुई थी। तभी से इसे विवाह पंचमी के नाम से जाना जाता है। 

धार्मिक नजरिए से विवाह पंचमी का काफी महत्व होता है मगर क्या आप जानते हैं कि विवाह पंचमी भले ही काफी महत्वपूर्ण हो मगर इस दिन को विवाह के लिए शुभ नहीं माना जाता है। भारत समेत नेपाल के कुछ इलाकों में इस दिन शादी करने को निषेध माना जाता है। आइए आपको बताते हैं क्या है इसका कारण।

विवाह पंचमी पर क्यों नहीं होती शादी

लोककथाओं की मानें तो विवाह पंचमी के दिन राम सीता का विवाह हुआ था। जो इस साल 1 दिसंबर को पड़ रहा है। मगर शादी के बाद भगवान राम और सीता माता का जीवन कष्टों से भरा रहा। यही कारण है कि मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष को शादी के लिए अनुचित बताया जाता है। 

राजा जनक ने लिया था निर्णय

माना जाता है कि सीता माता के पिता राजा जनक ने ये फैसला लिया था कि जो भी शिव का धनुष जिसे पिनाक कहते हैं उठा पाएगा उसी से सीता का विवाह होगा। सीता स्वयंवर में कई राजकुमार आए थे। जिनमें से अयोध्या के राजकुमार राम भी थे। मर्हषि वशिष्ठ ने भगवान राम को शिव के धनुष की प्रत्यंचा चढ़ाने को कहा। 

गुरु की आज्ञा का पालन करते हुए भगवान राम शिव के धनुष पर प्रत्यंचा चढ़ा दी। इससे धनुष टूट गया। पूरा राजमहल शोर से गूंज गया। इसी प्रकार सीता जी का विवाह श्रीराम के साथ संपन्न हो गया। कहते हैं सीता के स्वंयवर में खुद रावण भी आया था। 

 

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