Mahashivratri 2026: महाशिवरात्रि के दिन कब और कैसे करें रुद्राभिषेक? पूजा के लिए किन-किन चीजों की जरूरत, जानें यहां

By अंजली चौहान | Updated: February 14, 2026 08:26 IST2026-02-14T08:25:30+5:302026-02-14T08:26:22+5:30

Mahashivratri 2026: महाशिवरात्रि 2026 रुद्राभिषेक के माध्यम से भगवान शिव से जुड़ने का एक शक्तिशाली आध्यात्मिक अवसर प्रदान करती है। चाहे घर पर किया जाए या मंदिर में, यह अनुष्ठान समर्पण, शुद्धि और भक्ति का प्रतीक है। भक्तों का मानना ​​है कि सही समय, पवित्र अर्पण और भावपूर्ण प्रार्थना के साथ, यह शुभ रात्रि स्थायी शांति, शक्ति और दिव्य कृपा प्रदान कर सकती है।

Mahashivratri 2026 When and how to perform Rudrabhishek on Mahashivratri Learn what all is needed for puja | Mahashivratri 2026: महाशिवरात्रि के दिन कब और कैसे करें रुद्राभिषेक? पूजा के लिए किन-किन चीजों की जरूरत, जानें यहां

Mahashivratri 2026: महाशिवरात्रि के दिन कब और कैसे करें रुद्राभिषेक? पूजा के लिए किन-किन चीजों की जरूरत, जानें यहां

Mahashivratri 2026:महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर रुद्राभिषेक करना अत्यंत फलदायी माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन स्वयं भगवान शिव शिवलिंग में विराजमान होते हैं। भक्त भगवान शिव की कृपा पाने के लिए महाशिवरात्रि के दिन पूजा-अर्चना करते हैं जिसमें रुद्राभिषेक बहुत खास माना जाता है। माना जाता है कि महाशिवरात्रि पर रुद्राभिषेक करने से बाधाएं दूर होती हैं, मन शुद्ध होता है और भगवान का आशीर्वाद मिलता है। 

महाशिवरात्रि 2026 कब है

महाशिवरात्रि फाल्गुन महीने में कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि (14वां दिन) को पड़ती है। 2026 में, भक्त भगवान शिव और देवी पार्वती के दिव्य मिलन को बड़ी श्रद्धा से महाशिवरात्रि मनाएंगे। भक्त व्रत रखते हैं, “ॐ नमः शिवाय” का जाप करते हैं और पूरी रात जागकर सेहत, खुशहाली और पिछले कर्मों से मुक्ति का आशीर्वाद मांगते हैं।

रुद्राभिषेक करने का शुभ समय क्या है?

महाशिवरात्रि पर रुद्राभिषेक के लिए चार प्रहर की पूजा का विशेष महत्व है। आप अपनी सुविधा के अनुसार इनमें से किसी भी समय अभिषेक कर सकते हैं:

प्रथम प्रहर: शाम 06:15 से रात 09:24 तक

द्वितीय प्रहर: रात 09:24 से रात 12:33 तक

तृतीय प्रहर: रात 12:33 से तड़के 03:42 तक

चतुर्थ प्रहर: तड़के 03:42 से सुबह 06:51 तक (15 फरवरी)

भक्त इनमें से किसी भी प्रहर में रुद्राभिषेक कर सकते हैं, लेकिन आधी रात को खास तौर पर शुभ माना जाता है।

अपने शहर के हिसाब से सही मुहूर्त के लिए लोकल पंचांग का समय देखना सही रहेगा।

रुद्राभिषेक की रस्मों के लिए कौन सी पवित्र चीज़ें ज़रूरी हैं?

रुद्राभिषेक करने के लिए भक्ति के साथ साधारण लेकिन पवित्र चीज़ें चढ़ानी होती हैं। इनमें शामिल हैं:

शिवलिंग (पत्थर या मेटल)
गंगाजल (पवित्र जल)
कच्चा दूध
दही
शहद
घी
चीनी
बेल (बिल्व) के पत्ते
धतूरा और सफेद फूल
चंदन (चंदन का लेप)
अगरबत्ती और दीया

पंचामृत — दूध, दही, शहद, चीनी और घी से बना, आमतौर पर शिवलिंग को स्नान कराने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

बेल के पत्ते भगवान शिव को खास तौर पर प्रिय माने जाते हैं और यह एक ज़रूरी प्रसाद है।

रुद्राभिषेक कैसे करें 

अगर आप घर पर अभिषेक कर रहे हैं, तो इन चरणों का पालन करें:

संकल्प: हाथ में जल और अक्षत लेकर अपनी मनोकामना का स्मरण करते हुए संकल्प लें।

आह्वान: भगवान शिव, माता पार्वती, गणेश जी और नंदी जी का ध्यान करें।

अभिषेक की शुरुआत: सबसे पहले जल से, फिर दूध, दही, घी, शहद और अंत में गन्ने के रस या गंगाजल से शिवलिंग का अभिषेक करें।

मंत्र जप: अभिषेक के दौरान 'ॐ नमः शिवाय' या महामृत्युंजय मंत्र का निरंतर जप करते रहें।

श्रृंगार: अभिषेक के बाद शिवलिंग को साफ कपड़े से पोंछकर चंदन, भस्म और अक्षत लगाएं। बेलपत्र और फूल अर्पित करें।

आरती व क्षमा प्रार्थना: अंत में धूप-दीप दिखाकर आरती करें और पूजा में हुई किसी भी भूल के लिए क्षमा मांगें।

(डिस्क्लेमर- मौजूद आर्टिकल में दी गई जानकारी सामान्य ज्ञान पर आधारित है, इसमें मौजूद किसी दावे की पुष्टि लोकमत हिंदी नहीं करता है। सटीक जानकारी के लिए कृपया किसी विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।)

Web Title: Mahashivratri 2026 When and how to perform Rudrabhishek on Mahashivratri Learn what all is needed for puja

पूजा पाठ से जुड़ीहिंदी खबरोंऔर देश दुनिया खबरोंके लिए यहाँ क्लिक करे.यूट्यूब चैनल यहाँ इब करें और देखें हमारा एक्सक्लूसिव वीडियो कंटेंट. सोशल से जुड़ने के लिए हमारा Facebook Pageलाइक करे