प्रयागराज में माघ मेला 2026 का आगाज, संगम तट पर उमड़ा श्रद्धा का सैलाब
प्रयागराज में शुक्रवार तड़के माघ मेला 2026 की औपचारिक शुरुआत हो गई। भोर होते ही संगम तट की ओर श्रद्धालुओं का रेला उमड़ पड़ा, जहां गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के पावन संगम में स्नान कर लोगों ने पुण्य लाभ प्राप्त किया। पहले ही दिन मेला क्षेत्र में आस्था और भक्ति का अनोखा नज़ारा देखने को मिला।
हिंदू पंचांग के अनुसार पौष पूर्णिमा से माघ पूर्णिमा तक संगम तट पर आयोजित होने वाला यह माघ मेला सनातन परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस अवधि में संगम में स्नान करने से मनुष्य को जन्म-जन्मांतर के पापों से मुक्ति मिलती है। इसी विश्वास के चलते देशभर से संत, महात्मा, साधु-सन्यासी, कल्पवासी और आम श्रद्धालु प्रयागराज पहुंचते हैं।
इस वर्ष माघ मेला 3 जनवरी से शुरू होकर 15 फरवरी 2026 को महाशिवरात्रि के पावन पर्व तक चलेगा। इस दौरान कई प्रमुख स्नान तिथियां और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। पहले बड़े स्नान पर्व पौष पूर्णिमा को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस ने व्यापक इंतजाम किए थे, जिनका असर व्यवस्था में साफ तौर पर दिखाई दिया।
मेला क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर इस बार विशेष तकनीकी व्यवस्था की गई है। पूरे इलाके में 400 से अधिक एआई-सक्षम सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनसे चौबीसों घंटे निगरानी की जा रही है। इसके साथ ही ड्रोन कैमरों के जरिए भी भीड़ प्रबंधन और यातायात पर नजर रखी जा रही है।
माघ मेला 2026 का पहला प्रमुख स्नान पर्व आज संपन्न हो रहा है। ठंड के बावजूद श्रद्धालु तड़के सुबह संगम में डुबकी लगाकर आध्यात्मिक शांति और पुण्य की कामना कर रहे हैं। माघ मेला केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि संयम, साधना और भारतीय सनातन संस्कृति की जीवंत झलक भी प्रस्तुत करता है।