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देवोत्थान एकादशी 2019: भूलकर भी ना करें ये 4 बड़ी गलतियां, उठाना पड़ सकता है भारी नुकसान

By मेघना वर्मा | Updated: November 7, 2019 10:46 IST

देवउठनी एकादशी पर ना सिर्फ तुलसी की पूजा होती है बल्कि भगवान विष्णु अपनी नींद से जागते हैं और आज ही के दिन विवाह जैसे कार्यों का शुभारम्भ हो जाता है।

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ठळक मुद्देदेवउठनी एकादशी को देवोत्थान एकादशी भी कहते हैं। इस दिन तुलसी जी की शादी विष्णु रूपी शालीग्राम भगवान से करवाया जाता है।

हिन्दू धर्म में कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की एकादशी को बेहद शुभ माना जाता है। इस दिन पूजनीय तुलसी का विवाह विष्णु के रूप शालीग्राम से करवाया जाता है। इस एकादशी को कई नामों जैसे देवोत्थान, देवउठनी एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन ना सिर्फ तुलसी की पूजा होती है बल्कि भगवान विष्णु अपनी नींद से जागते हैं और आज ही के दिन विवाह जैसे कार्यों का शुभारम्भ हो जाता है। इस साल यह एकादशी 8 नवंबर को पड़ रही है। 

तुलसी का विवाह करवाना हो या इस देवोत्थान एकादशी की पूजा। इस दिन कुछ खास बातों का ध्यान रखाना जरूरी है। मान्यता है कि ऐसा ना करने से मां तुलसी और भगवान विष्णु के गुस्से का सामना करना पड़ सकता है। आप भी इस एकादशी मां तुलसी का पूजन और भगवान विष्णु की अराध्या करने जा रहे हों तो इन बातों का ध्यान जरूर रखें। 

1. ना करें चावल का सेवन

देवोत्थान एकादशी के दिन उपवास रखे या ना रखे मगर इस दिन कतई चावल का सेवन ना करें। वैसे तो शास्त्रों में साल भर की 24 एकादशियों में चावल खाना वर्जित है मगर फिर भी लोग साधारण एकादशी के दिन चावल खा लेते हैं। मगर देवोत्थान एकादशी के दिन चावल कतई ना खाएं। ऐसी मान्यता है कि इस दिन चावल खाने वाले मनुष्य रेंगने वाले जीव की योनी के रूप में जन्म लेता है। 

2. ना बनाएं शारिरीक संबंध

देवोत्थान एकादशी व्रत के दिन सात्विक व्यवहार करना शुभ माना गया है। इस दिन पति-पत्नी को भी ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए। इस दिन पति-पत्नि को किसी भी तरह का शारीरिक संबंध नहीं बनाना चाहिए। ऐसा करना हिन्दू धर्म में अशुभ बताया गया है। 

3. ना करें किसी से भी लड़ाई-झगड़ा

वैसे तो किसी से भी लड़ाई और झगड़ा करना अच्छा नहीं माना जाता। देवोत्थान के शुभ समय में भी घर-परिवार वालों या आस-पड़ोस के लोगों से भी लड़ाई व झगड़ा नहीं करना चाहिए। किसी भी तरह का कठोर शब्द नहीं बोलना चाहिए। 

4. शाम के वक्त सोने से बचें

अक्सर लोग शाम के समय यानी जब घरों में लाइट जल जाती है तब तक सोते रहते हैं। एकादशी का दिन भगवान की अराधना का दिन होता है तो इस दिन सुबह जल्दी उठकर दिन भर भगवान विष्णु का ध्यान करें और शाम के वक्त कतई सोएं नहीं। इसके साथ ही इस दिन क्रोध ना करें और किसी को गाली ना दें। 

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