Chandra Grahan 2026: 3 मार्च को ऐसा दिखेगा पूर्ण चंद्र ग्रहण, नासा ने जारी किया वीडियो, चेक करें टाइमिंग, सूतक काल, दृश्य क्षेत्र और प्रभाव
By रुस्तम राणा | Updated: February 26, 2026 15:56 IST2026-02-26T15:54:56+5:302026-02-26T15:56:35+5:30
यह पूर्ण चंद्र ग्रहण दोपहर 3:20 बजे से शाम 6:47 बजे तक रहेगा। भारत में चंद्रमा उदय लगभग 6:26 बजे होगा, इसलिए यहां ग्रहण का अंतिम चरण ही दिखाई देगा।

Chandra Grahan 2026: 3 मार्च को ऐसा दिखेगा पूर्ण चंद्र ग्रहण, नासा ने जारी किया वीडियो, चेक करें टाइमिंग, सूतक काल, दृश्य क्षेत्र और प्रभाव
Lunar Eclipse On March 3: तीन मार्च को पूर्ण चंद्र ग्रहण दिखेगा, जो 2026 की पहली ऐसी खगोलीय घटना होगी। क्योंकि पूरा चांद पृथ्वी की छाया से होकर गुज़रेगा, इसलिए चांद की सतह गहरे लाल या नारंगी रंग की दिखाई देगी, जिससे एक दुर्लभ खगोलीय घटना होगी जिसे "ब्लड मून" कहा जाता है। साल का पहला पूर्ण चंद्र ग्रहण उत्तरी अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, न्यूज़ीलैंड और पूर्वी एशिया में दिखाई देगा।
नासा के अनुसार, 3 मार्च की सुबह-सुबह, पूरा चांद पृथ्वी की छाया से होकर गुज़रेगा। नासा ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "पूर्ण चंद्र ग्रहण आ रहा है। 3 मार्च, 2026 (UTC) की सुबह-सुबह, पूरा चांद पृथ्वी की छाया से होकर गुज़रेगा, जिससे चांद की सतह लाल हो जाएगी।"
A total lunar eclipse is coming 🌕 🌏 ☀️
— NASA Solar System (@NASASolarSystem) February 24, 2026
In the early morning hours of March 3, 2026 (UTC), the full Moon will pass through Earth’s shadow, reddening the lunar surface. Here’s what you need to know: https://t.co/3yyVsE22An
Credit: NASA’s Scientific Visualization Studio pic.twitter.com/D091JHDdqd
भारत में चंद्र ग्रहण का समय
यह पूर्ण चंद्र ग्रहण दोपहर 3:20 बजे से शाम 6:47 बजे तक रहेगा। भारत में चंद्रमा उदय लगभग 6:26 बजे होगा, इसलिए यहां ग्रहण का अंतिम चरण ही दिखाई देगा। अधिकतम ग्रहण का समय शाम 6:33 से 6:40 बजे के बीच रहेगा।
सूतक का समय
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, चंद्र ग्रहण का सूतक काल ग्रहण शुरू होने से नौ घंटे पहले लग जाता है। चूंकि यह ग्रहण भारत में दृश्य है, इसलिए सूतक के नियम मान्य माने जाएंगे।
सूतक आरंभ: 3 मार्च 2026, सुबह 06:20 बजे
सूतक समाप्त: शाम 06:47 बजे (ग्रहण की समाप्ति के साथ)
पूर्ण चंद्र ग्रहण कैसे होता है?
यह दुर्लभ खगोलीय घटना तब होती है जब पृथ्वी सीधे सूर्य और चंद्रमा के बीच से गुज़रती है। इससे सूर्य की ज़्यादातर रोशनी चंद्रमा की सतह तक नहीं पहुँच पाती है। जो रोशनी चंद्रमा तक पहुँचती है, वह पृथ्वी के वायुमंडल से फ़िल्टर होकर गुज़रती है, जिससे चंद्रमा की सतह पर एक बड़ी छाया पड़ती है। तब चंद्रमा गहरा लाल-नारंगी दिखता है।
चंद्र ग्रहण कहाँ दिखाई देगा?
भारत में, चंद्र ग्रहण दिखेगा, हालांकि ग्रहण का दृश्य हर स्थान पर एक जैसा नहीं होगा। असम, अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड जैसे पूर्वोत्तर राज्यों में चंद्रमा के उदय से पहले ही पूर्ण ग्रहण की अवस्था रहेगी, जिससे वहां पूर्ण चंद्र ग्रहण देखा जा सकेगा। बिहार, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और मुंबई सहित देश के अधिकांश हिस्सों में यह ग्रहण ग्रस्तोदित रूप में दिखाई देगा, जहां चंद्रमा उदय के समय पहले से ग्रहणग्रस्त रहेगा और केवल अंतिम चरण यानी मोक्ष काल का दृश्य दिखाई देगा।
जबकि अमेरिका और पश्चिमी यूरोप के कुछ हिस्सों में इसे पूरा देखा जा सकेगा। पूर्वी एशिया और ऑस्ट्रेलिया में 3 मार्च की शाम को पूरा चंद्र ग्रहण दिखेगा। पैसिफ़िक रीजन में रहने वाले लोग इस घटना को पूरी रात देख सकते हैं। उत्तरी और मध्य अमेरिका और दूर पश्चिमी दक्षिणी अमेरिका में रहने वाले लोग 3 मार्च की सुबह पूरा ग्रहण देख पाएंगे। हालांकि, नासा ने कहा कि दक्षिण अमेरिका और मध्य एशिया के ज़्यादातर हिस्सों में ग्रहण थोड़ा दिखेगा। यूरोप या अफ़्रीका में लोग ब्लड मून बिल्कुल नहीं देख पाएंगे।