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निर्मला सीतारमण के बजट भाषण में आया सिंधु सभ्यता का जिक्र, जानिए इस 'सबसे पुरानी' सभ्यता से जुड़ी रोचक बातें

By विनीत कुमार | Updated: February 1, 2020 13:26 IST

Budget 2020: निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में कहा कि सरस्वती सिंधु सभ्यता बताती है कि समुद्री कारोबार में भारत एक अग्रणी देश था और हम हजारों साल से कारोबार की विधा जानते हैं।

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ठळक मुद्देनिर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में किया सिंधु घाटी सभ्यता का जिक्रसीतारमण ने कहा कि प्राचीन काल में समुद्री कारोबार में भारत एक अग्रणी देश था

Budget 2020: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को देश का आम बजट पेश करते हुए सिंधु घाटी सभ्यता का जिक्र किया। सीतारमण ने कहा कि सरस्वती सिंधु सभ्यता से पता चलता है कि कैसे हजारों साल पहले भारत कारोबार में सबसे आगे था।

सीतारमण ने कहा कि समुद्री कारोबार में भारत एक अग्रणी देश था और हम हजारों साल से कारोबार की विधा जानते हैं। दरअसल, सिंधु घाटी सभ्यता करीब चार से पांच हजार साल पुरानी है। कई जानकार इसके 8000 साल पुराने होने का भी दावा करते हैं। जानिए, दुनिया की इस सबसे पुरानी सभ्या से जुड़ी 10 बड़ी बातें...

1. इसे दुनिया की सबसे पुरानी और उन्नत सभ्यताओं में गिना जाता है। कुछ साल पहले नेचर जर्नल में छपे शोध में तो इसे मिस्र और मेसोपोटामिया की सभ्यता से भी पुराना बताया गया।

2. भौगोलिक लिहाज से देखें तो सिंधु घाटी सभ्यता जिसे सरस्वती सिंधु सभ्यता भी कहते हैं, वह चार पुरानी सभ्यताओं (मेसोपोटामिया, मिस्र और चीन) में सबसे बड़ी थी। यह सभ्यता करीब 1,260,000 स्क्वॉयर किलोमीटर के बीच फैली हुई थी और आज के भारत, पाकिस्तान, अफगानिस्तान तक फैली थी।

3. ऐसा कहा जाता है कि अपने सबसे विकसित समय में सिंधु घाटी सभ्यता की जनसंख्या 50 लाख से ज्यादा थी। इस सभ्यता में ज्यादातर व्यापारी या कुछ सामान बनाने वाले कारीगर होते थे।

4. अभी तक हड़प्पा सभ्यता काल के 1000 से ज्यादा छोटे-बड़े शहरों या गांव के बारे में जानकारी सामने आई है। इनमें से ज्यादातर सिंधु नदी और घाघर-हाकरा नदी के किनारे बसे थे। इसमें हड़प्पा और मोहनजोदाड़ों के अलावा धोलावारिया, राखीगढ़ी, लोथल जैसे कुछ अहम शहर शामिल हैं।

5. ब्रिटिश काल में हुई खोज के आधार पर इतिहासकारों का अनुमान है कि यह अत्यंत विकसित सभ्यता थी। यहां बनी नालियां, सड़के और गलियां दर्शाती हैं कि उस काल में शहरों को बेहद सुनियोजित तरीके से बसाया गया था।

टॅग्स :बजट २०२०-२१निर्मला सीतारमण
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