लाइव न्यूज़ :

RO के पानी से नुकसान, पानी में टीडीएस लेवल कितना होना चाहिए, हार्ट और लिवर की बीमारियों से होगा बचाव

By संदीप दाहिमा | Updated: March 7, 2022 13:28 IST

Open in App
1 / 6
रिवर्स ऑस्मोसिस (RO) को पानी को शुद्ध करने के सबसे भरोसेमंद तरीकों में से एक माना जाता है। यह पानी को शुद्ध करने की प्रक्रिया के दौरान पानी से सभी आवश्यक खनिजों को निकालता है, दूसरा यह पानी के पीएच स्तर को भी कम करता है।
2 / 6
आपको जानकार हैरानी होगी कि आरओ पानी से कैल्शियम और मैग्नीशियम जैसे कुछ आवश्यक खनिजों को भी हटाता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि इन खनिजों के अणु का आकार पानी की तुलना में बड़ा है और आरओ झिल्ली केवल पानी के अणुओं को इससे गुजरने की अनुमति देता है।
3 / 6
आरओ पानी के पीएच स्तर को भी कम करता है। जब पानी एक सेमी पर्मिबल आरओ मेम्ब्रेन के माध्यम से पारित होता है, तो कई कार्बनिक और अकार्बनिक घटक गुजरने में विफल होते हैं
4 / 6
पानी में टीडीएस टीडीएस मीटर से मापा जा सकता है। यह आपको पानी में घुली अशुद्धियों की कुल मात्रा की जानकारी भी देता है। भारतीय मानक ब्यूरो के अनुसार पीने के पानी के लिए टीडीएस की स्वीकार्य सीमा 500 मिलीग्राम/लीटर है।
5 / 6
1980 में प्रकाशित डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट के अनुसार, डी-मिनरलाइज्ड पानी या कम खनिज पानी को आदर्श नहीं माना जाता है और इसके नियमित सेवन से कुछ आवश्यक खनिजों की कमी हो सकती है।
6 / 6
टीडीएस आपके पानी में मौजूद ठोस पदार्थों को मापता है, टीडीएस पीने के सुरक्षित पानी की गारंटी नहीं दे सकता। पानी में मौजूद जहरीले आयनों जैसे लेड, कैडमियम, नाइट्रेट और आर्सेनिक की मौजूदगी कई गंभीर स्वास्थ्य चिंताओं के लिए जिम्मेदार है।
टॅग्स :हेल्थ टिप्समेडिकल ट्रीटमेंटघरेलू नुस्खे
Open in App

संबंधित खबरें

स्वास्थ्यसन फार्मा ने लॉन्च किया ‘हार्ट के लिए 8- मेकिंग इंडिया हार्ट स्ट्रॉन्ग’ कैंपेन, दिल के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए भारतीयों से रोजाना में अच्छी आदतें अपनाने का आग्रह

स्वास्थ्यरात में सिर्फ़ 11 मिनट ज़्यादा सोने से हार्ट अटैक का खतरा हो सकता है कम

स्वास्थ्यरूमेटॉइड आर्थराइटिस विशेषज्ञ डॉ. मुकेश शारदा को Guinness World Records से अंतरराष्ट्रीय सम्मान

स्वास्थ्यक्या हीटवेव के दौरान आपकी किडनी को खतरा है? पीक गर्मी आने से पहले जानने हैल्थ टिप्स की ज़रूरी बातें

स्वास्थ्यWorld Hearing Day: जम्‍मू कश्‍मीर में सुनने की क्षमता में बढ़ती कमी पर विशेषज्ञों ने जताई चिंता, जानें वजह

स्वास्थ्य अधिक खबरें

स्वास्थ्यऑटिज्म : समझ और स्वीकार्यता की जरूरत

स्वास्थ्यफोर्टिफाइड चावल : पोषण या स्वास्थ्य पर संकट ?

स्वास्थ्यचीनी का सेवन कम कीजिए और खाना बनाते समय तेल का प्रयोग 10 प्रतिशत तक घटाएं?, प्रधानमंत्री मोदी बोले-छोटे प्रयास करिए और मोटापे को दूर भगाएं?

स्वास्थ्यसाल 2024 में 34539 लोगों की मौत हार्ट अटैक?, दिल्ली पुलिस और iLive Connect में करार, हृदय बीमारी पर वार

स्वास्थ्य1 अप्रैल से महंगी होंगी दवाइयां; पेनकिलर और एंटीबायोटिक के लिए देने होंगे इतने रुपये, जानें कितनी ढीली होगी जेब