'दम मारो दम' से 'चुरा लिया' तक: आशा ताई के सुरों का जादू, जिसने बदल दिया संगीत का अंदाज
By अंजली चौहान | Updated: April 12, 2026 14:59 IST2026-04-12T14:54:14+5:302026-04-12T14:59:58+5:30

दिग्गज गायिका आशा भोसले का 92 साल की उम्र में निधन हो गया है। उनके बेटे आनंद भोसले ने आज यह जानकारी दी कि गायिका को रविवार को मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। आशा भोसले ने आज ब्रीच कैंडी अस्पताल में ही अपनी अंतिम सांस ली। ब्रीच कैंडी अस्पताल ने एक बयान में बताया कि कई अंगों के काम करना बंद कर देने (मल्टी-ऑर्गन फेलियर) के कारण उनका निधन हुआ।

भारतीय संगीत जगत में जब भी वर्सटैलिटी की बात आती है, तो सबसे पहला नाम 'आशा भोसले' का आता है। सात दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने 12,000 से ज्यादा गानों को अपनी आवाज दी है। पॉप, गजल, भजन से लेकर क्लासिकल तक, उन्होंने हर विधा में अपनी अलग छाप छोड़ी है। आइए एक नजर डालते हैं उनके उन 5 गानों पर जिन्होंने संगीत की दुनिया में इतिहास रच दिया।

1. दम मारो दम (हरे रामा हरे कृष्णा - 1971): आर.डी. बर्मन के साथ उनकी यह जोड़ी कमाल की रही। इस गाने ने न केवल आशा जी को एक 'रॉकस्टार' इमेज दी, बल्कि यह गाना भारतीय पॉप संस्कृति का एक बड़ा हिस्सा बन गया।

2. चुरा लिया है तुमने जो दिल को (यादों की बारात - 1973): यह एक ऐसा रोमांटिक गाना है जिसे आज भी रीमेक किया जाता है, लेकिन जो कशिश आशा जी की आवाज में थी, वह कोई और पैदा नहीं कर सका। रफी साहब के साथ उनकी जुगलबंदी ने इसे कालजयी बना दिया।

3. इन आँखों की मस्ती के (उमराव जान - 1981): खय्याम के संगीत में ढली इस गजल ने साबित कर दिया कि आशा जी सिर्फ चुलबुले या तेज गानों के लिए ही नहीं, बल्कि गंभीर और शास्त्रीय गायकी के लिए भी बेमिसाल हैं। इसके लिए उन्हें नेशनल अवॉर्ड भी मिला।

4. पिया तू अब तो आजा (कारवां - 1971): हेलन के डांस और आशा जी की 'सांसों की आवाज' वाली तकनीक ने इस गाने को उस दौर का सबसे बड़ा चार्टबस्टर बना दिया। यह गाना उनकी प्रयोगधर्मी गायकी का बेहतरीन नमूना है।

5. तन्हा तन्हा यहाँ पे जीना (रंगीला - 1995): 90 के दशक में जब ए.आर. रहमान आए, तब भी आशा भोसले की आवाज उतनी ही नई और फ्रेश लगी। 'रंगीला' के गानों ने साबित किया कि उनकी आवाज वक्त की मोहताज नहीं है और वह हर दौर के हिसाब से खुद को ढाल सकती हैं।















