विदेश में रोड शो करने पर 20 करोड़ रुपए खर्च करेगी योगी सरकार, जापान, जर्मनी, यूएस सहित सात देशों में रोड शो करने ही तैयारी
By राजेंद्र कुमार | Updated: March 31, 2026 18:19 IST2026-03-31T18:19:16+5:302026-03-31T18:19:27+5:30
उत्तर प्रदेश की सरकार विदेशी निवेश को बढ़ाने के लिए जापान, सिंगापुर, जर्मनी, यूके, दक्षिण कोरिया, फ्रांस, रूस व अमेरिका में रोड शो की तैयारी करने लगी है. इन आठ देशों में रोड शो आयोजित करने के लिए प्रदेश सरकार ने इन्वेस्ट यूपी को 20 करोड़ रुपये की राशि जारी की है.

विदेश में रोड शो करने पर 20 करोड़ रुपए खर्च करेगी योगी सरकार, जापान, जर्मनी, यूएस सहित सात देशों में रोड शो करने ही तैयारी
लखनऊ: ईरान के साथ अमेरिका और इजरायल के हो रहे युद्ध से पूरी दुनिया में तनाव है. युद्ध का व्यापक असर चमड़ा, कपड़ा, इंजीनियरिंग, प्लास्टिक, पैकेजिंग, केमिकल उद्योग पर पड़ रहा है. फैक्ट्रियों में उत्पादन घटाना पड़ रहा है क्योंकि खाड़ी के देशों के साथ अमेरिका और यूरोप के बाज़ारों में अनाज और अन्य उत्पादों को भेज पाना कठिन हो गया है. ऐसे माहौल में उत्तर प्रदेश की सरकार विदेशी निवेश को बढ़ाने के लिए जापान, सिंगापुर, जर्मनी, यूके, दक्षिण कोरिया, फ्रांस, रूस व अमेरिका में रोड शो की तैयारी करने लगी है. इन आठ देशों में रोड शो आयोजित करने के लिए प्रदेश सरकार ने इन्वेस्ट यूपी को 20 करोड़ रुपये की राशि जारी की है. यह राशि संबंधित देशों में रोड शो और निवेशकों के लिए गोल मेज सम्मेलन के आयोजन पर खर्च की जाएगी. बताया जा रहा है कि अगले तीन माह के भीतर ही इन देशों में रोड शो आयोजित किए जाएंगे. इन रोड शो में सरकार में मंत्री और अधिकारी प्रदेश के नेतृत्व करेंगे.
चाइना प्लस योजना पर हो रहा काम
इन्वेस्ट यूपी के अफसरों के अनुसार, राज्य में विदेशी निवेश को बढ़ाने के लिए चाइना प्लस योजना पर काम शुरू किया है. इस योजना के तहत उन देशों के निवेशकों के साथ लगातार संपर्क किया जा रहा है कि जहां के निवेशकों ने चीन में निवेश किया है. इन्वेस्ट यूपी के अधिकारी इन निवेशकों से संपर्क कर उन्हें उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित कर रहे हैं. इन्वेस्ट यूपी की कोशिश है कि चीन में निवेश करने वाली सिंगापुर, दक्षिण कोरिया, जापान, अमेरिका व जर्मनी की कंपनियों को उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित किया जाए.
इसी सिलसिले में दो माह पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में राज्य सरकार का प्रतिनिधिमंडल सिंगापुर व जापान के दौरे पर गया था. इस दौरे में चार लाख करोड़ रुपये के निवेश के प्रस्ताव सरकार को मिले हैं। वहीं एक प्रतिनिधिमंडल उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की अध्यक्षता में जर्मनी गया था. इन्वेस्ट यूपी के अफसरों की कोशिश है कि यूपी में जल्दी ही होने वाली पांचवीं ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी (जीबीसी) से पहले इन रोड का आयोजन करके ज्यादा से ज्यादा विदेशी निवेश को आमंत्रित किया जाए.
विदेशी निवेश लाने के लिए हो रहे प्रयास
प्रदेश में विदेशी निवेश लाने के लिए योगी सरकार बीते नौ वर्षों से लगातार प्रयास कर रही है. सरकार के प्रयासों के चलते बीते सात वर्षों में प्रदेश में कुल करीब 2.75 बिलियन डॉलर (करीब 23,000 करोड़ रुपए ) से अधिक का विदेशी निवेश आया है. इस निवेश में इजाफा करने के लिए सूबे की सरकार ने कई विशेष कदम उठाए हैं. जिसके चलते एफडीआई नीति 2023 लायी गई.
इस नीति के तहत यूपी देश का पहला ऐसा राज्य बना जिसने फॉर्च्यून ग्लोबल 500 और फॉर्च्यून इंडिया 500 कंपनियों को सीधे प्रोत्साहन देने के लिए विशेष छूट देने का फैसला किया है. जिसके चलते आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स, एमएसएमई, इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) और डेटा सेंटर के लिए अलग-अलग 25 से अधिक नीतियां लागू की गई हैं. इसके साथ ही राज्य में जापान, दक्षिण कोरिया, सिंगापुर, जर्मनी और अमेरिका जैसे देशों के लिए समर्पित 'कंट्री डेस्क' बनाई गई हैं ताकि वहां के निवेशकों को वन-स्टॉप समाधान मिल सके.