येचुरी ने फलस्तीन के मुद्दे पर मतदान से भारत के अनुपस्थित रहने पर विरोध जताया
By भाषा | Updated: June 4, 2021 22:09 IST2021-06-04T22:09:18+5:302021-06-04T22:09:18+5:30

येचुरी ने फलस्तीन के मुद्दे पर मतदान से भारत के अनुपस्थित रहने पर विरोध जताया
नयी दिल्ली, चार जून माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनएचआरसी) में फलस्तीन के मुद्दे पर मतदान से भारत के अनुपस्थित रहने को लेकर शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर विरोध दर्ज कराया।
पत्र में येचुरी ने कहा, ‘‘भारत की जनता अपने देश की मांग से जुड़े उचित फलस्तीनी अधिकार का समर्थन करती है। यह रुख स्वतंत्रता के समय से चला आ रहा है और हमारे स्वतंत्रता के संघर्ष का हिस्सा था। फलस्तीनी मकसद के प्रति हमारा समर्थन राष्ट्रीय सहमति के आधार पर है। भारत का मतदान से अनुपस्थित होना इस सहमति का उल्लंघन है।’’
उन्होंने यह भी कहा, ‘‘भारत निरंतर संयुक्त राष्ट्र प्रस्तावों की पैरवी करता रहा है और इजरायल की ओर से किए उल्लंघन एवं फलस्तीनी भूमि पर उसके कब्जे का विरोध भी करता रहा है।’’
माकपा नेता ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि सरकार को फलस्तीन के मुद्दे पर अपने पारंपरिक रुख को दोहराना चाहिए।
गौरतलब है कि गाजा में इजरायल और हमास के बीच हाल में 11 दिन तक चले संघर्ष के दौरान कथित तौर पर मानवाधिकार के उल्लंघन और अपराधों की जांच शुरू करने के संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के प्रस्ताव पर वोट डालने से पिछले दिनों भारत समेत 14 देश अनुपस्थित रहे।
जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र के लिए भारत के स्थायी प्रतिनिधि इंद्रमणि पांडे ने विशेष सत्र में कहा था कि भारत गाजा में इजरायल और सशस्त्र समूह हमास के बीच संघर्ष विराम में सहयोग देने वाले क्षेत्रीय देशों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के कूटनीतिक प्रयासों का स्वागत करता है।
उन्होंने यह भी कहा था, ‘भारत सभी पक्षों से अत्यधिक संयम बरतने और उन कदमों से गुरेज करने की अपील करता है जो तनाव बढ़ाते हों। साथ ही ऐसे प्रयासों से परहेज करने को कहता है जो पूर्वी यरुशलम और उसके आस-पड़ोस के इलाकों में मौजूदा यथास्थिति को एकतरफा तरीके से बदलने के लिए हों।
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