दिल्ली पहुंची यमुना पदयात्रा, बदरपुर बॉर्डर पर फूल बरसाकर स्वागत

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: February 25, 2026 19:24 IST2026-02-25T19:22:23+5:302026-02-25T19:24:17+5:30

जल सहेलियों ने की यूपी के पचनदा से दिल्ली तक करीब 500 किमी की यात्रा, वासुदेव घाट पर बृहस्पतिवार होगा समापन।

Yamuna Padyatra reaches Delhi, welcomed with flower showers at Badarpur border | दिल्ली पहुंची यमुना पदयात्रा, बदरपुर बॉर्डर पर फूल बरसाकर स्वागत

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Highlightsअविरल-निर्मल यमुना के लिए यमुना से जुड़े समाज में फैलाई जागरूकता, किए ढेरों संवाद।यात्रा में शामिल जल सहेलियों सहित लगभग एक हजार लोग उपस्थित रहेंगे।

नई दिल्लीः यूपी के पचनदा से शुरू हुई जल सहेलियों की यमुना पदयात्रा बुधवार दिल्ली बार्डर पर पहुंची। बदरपुर में प्रवेश करते ही फूल बरसाकर पदयात्रियों का स्वागत हुआ। करीब 500 किमी लंबी यात्रा का समापन बृहस्पतिवार कश्मीरी गेट के नजदीक वासुदेव घाट पर होगा। इसमें यमुना श्वेत पत्र भी जारी होगा। इस मौके पर केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत, दिल्ली सरकार के कला एवं संस्कृति मंत्री कपिल मिश्रा, उत्तर प्रदेश के जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, दिल्ली भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा, सांसद बांसुरी स्वराज समेत दूसरे कई राजनेता एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहेंगे।

यात्रा में शामिल जल सहेलियों सहित लगभग एक हजार लोग उपस्थित रहेंगे। समापन अवसर पर पिछले 28 दिनों में समुदाय से प्राप्त अनुभवों के आधार पर यमुना नदी की अविरलता एवं निर्मलता के लिए समाज एवं सरकार द्वारा किए जाने वाले प्रयासों को लेकर जल सहेलियां अपनी बात सरकार के समक्ष रखेंगी।

आपको बता दें कि यह 500 किमी की पदयात्रा जल सहेलियों द्वारा 29 जनवरी को शुरू की गई थी, जो इटावा, आगरा, मथुरा, पलवल और फरीदाबाद होते हुए आज दिल्ली पहुँची। यात्रा के माध्यम से जल सहेलियों ने यमुना नदी की अविरलता एवं निर्मलता के लिए समाज को जागरूक करने का कार्य किया।

इसके माध्यम से समाज को यह आभास कराने का प्रयास किया गया कि जब तक समाज स्वयं खड़ा नहीं होता और व्यक्तिगत रूप से अपनी नदियों को बचाने के लिए प्रयास नहीं करता, तब तक नदियों का पुनर्जीवन संभव नहीं है। यात्रा के दौरान जल सहेलियों ने 100 से अधिक स्कूल, कॉलेज एवं विश्वविद्यालयों के 50 हजार से अधिक विद्यार्थियों के साथ यमुना संरक्षण को लेकर चर्चा की।

साथ ही 100 से अधिक गाँवों में ‘यमुना संवाद’ के माध्यम से यमुना नदी के संरक्षण की अलख जगाने का कार्य किया गया। आज यात्रा के 28वें दिन यात्रा का आरम्भ आइडियल पब्लिक स्कूल, बदरपुर से किया गया। यात्रा जैतपुर एवं मीठापुर होते हुए गाँधी दर्शन में विश्राम करेगी।

स्वागत अवसर पर स्वाभिमान देश संगठन के संस्थापक एवं सांसद प्रतिनिधि सुरेन्द्र सिंह बिधूड़ी ने कहा कि जल सहेलियों के साहस और समर्पण को नमन है कि वे बुंदेलखंड से दिल्ली की जनता को यमुना नदी की महत्ता बताने के लिए 500 किलोमीटर की पदयात्रा कर यहाँ पहुँची हैं। दिल्ली की लाइफ लाइन माँ यमुना को दिल्लीवासियों को ही बचाना होगा।

यमुना भिक्षु रविशंकर तिवारी ने कहा कि दिल्ली से लेकर आगरा तक यमुना की स्थिति अत्यंत चिंताजनक है। 500 किलोमीटर की यह यात्रा केवल कदमों की दूरी नहीं, बल्कि संकल्प और समर्पण का प्रतीक है। जल सहेलियो द्वारा इस प्रकार की नदी संरक्षण पदयात्रा के उदाहरण विश्व स्तर पर विरले ही देखने को मिलते हैं।

उन्होंने बताया कि कल यमुना यात्रा के समापन अवसर पर यमुना की अविरलता एवं निर्मलता के लिए जल सहेलियों द्वारा श्वेत पत्र जारी किया जाएगा, जिसमें मांग की जाएगी कि यमुना को उसकी प्राकृतिक धारा में अविरल रूप से बहने दिया जाए। इस दौरान जल सहेली संगठन के संस्थापक डॉ. संजय सिंह ने भी यमुना की स्थिति को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की।

उन्होंने कहा कि यमुना की यह हालत केवल एक नदी की नहीं, बल्कि हमारी सामूहिक लापरवाही का परिणाम है। जिस नदी ने हमें जीवन और सभ्यता दी, आज वही प्रदूषण और उपेक्षा का शिकार है। यदि अब भी ठोस और कठोर कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाली पीढ़ियों के लिए यह स्थिति और भयावह हो सकती है।

जल सहेली समिति की राष्ट्रीय अध्यक्ष पुष्पा कुशवाहा ने कहा कि यह यात्रा केवल एक अभियान नहीं, बल्कि जल और जीवन की रक्षा का संकल्प है। कल केवल यात्रा का समापन होगा, किन्तु हम नदियों की अविरलता एवं निर्मलता के लिए निरंतर कार्य करते रहेंगे।

Web Title: Yamuna Padyatra reaches Delhi, welcomed with flower showers at Badarpur border

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