महिला आरक्षण अधिनियमः 3 लाइन व्हिप?, लोकसभा-राज्यसभा के सभी भाजपा सदस्य 16 से 18 अप्रैल तक संसद में रहे?

By सतीश कुमार सिंह | Updated: April 12, 2026 11:24 IST2026-04-12T11:20:51+5:302026-04-12T11:24:27+5:30

लोकसभा और राज्यसभा के सभी भाजपा सदस्यों को गुरुवार से शनिवार, 16 से 18 अप्रैल 2026 तक तीन-पंक्ति का व्हिप जारी किया जा रहा है।

Women's Reservation Act 3-line whip issued All BJP members Lok Sabha and Rajya Sabha remained Parliament 16 to 18 April? special Parliament session | महिला आरक्षण अधिनियमः 3 लाइन व्हिप?, लोकसभा-राज्यसभा के सभी भाजपा सदस्य 16 से 18 अप्रैल तक संसद में रहे?

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Highlightsमहिला आरक्षण संशोधन विधेयक पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।केंद्रीय मंत्रियों और सदस्यों से अनुरोध है कि वे उपरोक्त तीनों तिथियों पर सदन में उपस्थित रहें।सदन में उपस्थिति अनिवार्य है। कोई अवकाश स्वीकृत नहीं किया जाएगा।

नई दिल्लीः भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने रविवार को लोकसभा और राज्यसभा के अपने सभी सांसदों को तीन-पंक्ति का व्हिप जारी किया, जिसमें उन्हें आगामी संसद सत्र के दौरान 16 से 18 अप्रैल तक सदन में उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया है। व्हिप में उपस्थिति अनिवार्य बताई गई है और कहा गया है कि इस अवधि के दौरान कोई अवकाश स्वीकृत नहीं किया जाएगा। यह व्हिप ऐसे समय में जारी किया गया है जब संसद 16 अप्रैल से शुरू होने वाले तीन दिवसीय विशेष सत्र के लिए गठित होने जा रही है, जिसमें महिला आरक्षण संशोधन विधेयक पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

व्हिप में लिखा है, "लोकसभा और राज्यसभा के सभी भाजपा सदस्यों को गुरुवार से शनिवार, 16 से 18 अप्रैल 2026 तक तीन-पंक्ति का व्हिप जारी किया जा रहा है। सभी माननीय केंद्रीय मंत्रियों और सदस्यों से अनुरोध है कि वे उपरोक्त तीनों तिथियों पर सदन में उपस्थित रहें।

सदन में उपस्थिति अनिवार्य है। कोई अवकाश स्वीकृत नहीं किया जाएगा। सदस्यों से अनुरोध है कि वे व्हिप का सख्ती से पालन करें और सदन में अपनी निर्बाध उपस्थिति सुनिश्चित करें। आपके सहयोग की अत्यधिक सराहना की जाती है।"

महिला आरक्षण अधिनियम को लागू करने का समय आ गया है: प्रधानमंत्री मोदी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि महिला आरक्षण अधिनियम को लागू करने का समय आ गया है और 2029 के लोकसभा चुनाव एवं विधानसभा चुनाव महिलाओं के लिए आरक्षण के साथ कराए जाने चाहिए।संसद के तीन दिवसीय विशेष सत्र से पहले लोकसभा और राज्यसभा के सदन के नेताओं को लिखे पत्र में मोदी ने सभी सदस्यों से महिला आरक्षण कानून में संशोधनों को पारित करने के लिए एकजुट होने का आह्वान किया। इस कानून को आधिकारिक रूप से नारी शक्ति वंदन अधिनियम के नाम से जाना जाता है।

उन्होंने कहा, ‘‘विस्तृत विचार-विमर्श के बाद हम इस निष्कर्ष पर पहुंचे हैं कि अब नारी शक्ति वंदन अधिनियम को देश भर में उसके सच्चे स्वरूप में लागू करने का समय आ गया है।’’ प्रधानमंत्री ने 11 अप्रैल को लिखे अपने पत्र में कहा, ‘‘यह अनिवार्य है कि 2029 के लोकसभा चुनाव और विधानसभा चुनाव महिलाओं के लिए आरक्षण के साथ आयोजित किए जाएं।’’

संसद के बजट सत्र की अवधि बढ़ा दी गई है और सदन का एक विशेष तीन दिवसीय सत्र 16 से 18 अप्रैल तक बुलाया गया है। महिला आरक्षण अधिनियम से लोकसभा में सीट की संख्या बढ़कर 816 हो जाएगी जिनमें से 273 सीट महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान 2023 में संविधान में संशोधन करके लाया गया था।

हालांकि महिला आरक्षण 2027 की जनगणना के आधार पर परिसीमन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही लागू हो पाता। इसका मतलब यह था कि यदि वर्तमान कानून यथावत रहता है तो आरक्षण 2034 से पहले लागू नहीं हो पाता। इसे 2029 के लोकसभा चुनाव से लागू करने के लिए नारी शक्ति वंदन अधिनियम में बदलाव की आवश्यकता थी; इसलिए सरकार कानून में संशोधन पारित करने के लिए एक विशेष सत्र आयोजित कर रही है।

Web Title: Women's Reservation Act 3-line whip issued All BJP members Lok Sabha and Rajya Sabha remained Parliament 16 to 18 April? special Parliament session

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