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समान चुनाव चिन्ह के लिए भीम आर्मी प्रमुख की याचिका पर विचार करेंगे : निर्वाचन आयोग ने अदालत से कहा

By भाषा | Updated: November 12, 2021 17:54 IST

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नयी दिल्ली, 12 नवंबर निर्वाचन आयोग (ईसी) ने शुक्रवार को दिल्ली उच्च न्यायालय को बताया कि वह पांच राज्यों में आगामी विधानसभा चुनावों के लिए अपनी राजनीतिक पार्टी के लिए एक समान चुनाव चिन्ह के आवंटन के लिए चंद्रशेखर आजाद के आवेदन पर कानून के अनुसार विचार करेगा।

अपनी पार्टी ‘आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम)’ के लिए एक समान चुनाव चिन्ह के आवंटन के लिए ‘भीम आर्मी’ प्रमुख की याचिका पर सुनवाई कर रहे न्यायमूर्ति प्रतीक जालान से आयोग के वकील ने कहा कि चार राज्यों - उत्तराखंड, गोवा, पंजाब और मणिपुर - के लिए चुनाव चिन्हों के आवंटन के लिए आवेदनों पर अब विचार किया जा रहा है और उत्तर प्रदेश के लिए प्रक्रिया 14 नवंबर से शुरू होगी।

निर्वाचन आयोग के रुख को ध्यान में रखते हुए, न्यायाधीश ने याचिका का निस्तारण करते हुए कहा कि याचिकाकर्ता के आवेदन पर आयोग द्वारा चुनाव चिन्ह की व्यवस्था और अन्य लागू कानूनों के संदर्भ में विचार किया जा सकता है।

निर्वाचन आयोग की ओर से पेश हुए वकील सिद्धांत कुमार ने कहा कि प्रत्येक विधानसभा चुनाव के लिए आवंटन की एक अलग प्रक्रिया होती है और इसलिए याचिकाकर्ता की गैर-मान्यता प्राप्त, पंजीकृत पार्टी के लिए समान प्रतीक के लिए याचिका पर कानून के अनुसार “विचार” किया जा सकता है। किसी एक चुनाव चिन्ह के लिए कोई “दावेदारी” नहीं होनी चाहिए।

उन्होंने कहा, “उन्हें प्रत्येक राज्य के लिए पात्रता मानदंडों को पूरा करना होगा और चिन्हों का आवंटन आवेदक द्वारा दी गई वरीयता (चिन्हों की) पर निर्भर करता है।”

उन्होंने कहा कि आवंटन के लिए आवेदन निर्धारित प्रारूप में किया जाना है और याचिकाकर्ता द्वारा एक समान चुनाव चिन्ह के आवंटन के लिए पूर्व में पूर्व में किया गया संवाद समय से पहले था।

याचिकाकर्ता के वकील एम एस आर्य ने कहा कि चुनाव चिन्हों के आवंटन के लिए आयोग द्वारा जारी नोटिस के संदर्भ में एक आवेदन को प्राथमिकता दी जाएगी।

चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि उनकी राजनीतिक पार्टी क्योंकि आगामी विधानसभा चुनाव लड़ने जा रही है और लगातार रैलियां आयोजित कर रही है, इसलिए आम जनता “समान चुनाव चिन्ह को जानना” चाहती है।

याचिका में दावा किया गया है कि आजाद को कोई एक चुनाव चिन्ह नहीं होने के कारण “अपूरणीय क्षति” हो रही है।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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