यदि केंद्र सरकार 6 फरवरी तक एससी-एसटी अधिनियम को वापस नहीं लेती है तो 7 फरवरी से दिल्ली में आंदोलन करेंगे, आखिर क्यों अलंकार अग्निहोत्री अड़े?

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: February 2, 2026 16:24 IST2026-02-02T16:23:27+5:302026-02-02T16:24:05+5:30

शंकराचार्य से मुलाकात को लेकर पूछे गए सवाल पर अग्निहोत्री ने कहा कि यह भेंट एक शुभ संयोग है और इसका कोई राजनीतिक उद्देश्य नहीं है।

why Alankar Agnihotri adamant Central Government not withdraw SC-ST Act February 6 then February 7 protest in Delhi with upper caste organizations | यदि केंद्र सरकार 6 फरवरी तक एससी-एसटी अधिनियम को वापस नहीं लेती है तो 7 फरवरी से दिल्ली में आंदोलन करेंगे, आखिर क्यों अलंकार अग्निहोत्री अड़े?

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Highlightsकाशी आगमन के दौरान उनसे मुलाकात का अवसर मिला।दावा किया कि इससे 85 प्रतिशत लोग प्रभावित हैं।आरोप में 26 जनवरी की देर रात निलंबित कर दिया था।

वाराणसीः बरेली के नगर मजिस्ट्रेट पद से इस्तीफा देने के बाद सुर्खियों में आए 2019 बैच के प्रांतीय प्रशासनिक सेवा (पीसीएस) अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री ने रविवार को घोषणा की कि यदि केंद्र सरकार अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम वापस नहीं लेती है तो वह सात फरवरी से दिल्ली में सवर्ण समाज के संगठनों के साथ आंदोलन करेंगे। इस्तीफा देने के बाद उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा निलंबित किए गए पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री रविवार शाम वाराणसी के केदार घाट स्थित श्रीविद्या मठ पहुंचे, जहां उन्होंने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से मुलाकात कर आशीर्वाद लिया। यहां उन्होंने कहा कि यदि केंद्र सरकार छह फरवरी तक एससी-एसटी अधिनियम को वापस नहीं लेती है तो वह सात फरवरी को सवर्ण समाज के संगठनों के साथ दिल्ली में आंदोलन करेंगे।

शंकराचार्य से मुलाकात को लेकर पूछे गए सवाल पर अग्निहोत्री ने कहा कि यह भेंट एक शुभ संयोग है और इसका कोई राजनीतिक उद्देश्य नहीं है। उन्होंने कहा कि इससे पहले शंकराचार्य ने उन्हें प्रयागराज में मिलने के लिए आमंत्रित किया था, लेकिन समय के अभाव में वह नहीं जा सके थे। काशी आगमन के दौरान उनसे मुलाकात का अवसर मिला।

अग्निहोत्री ने कहा, ‘‘विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नए नियमों को लेकर लोगों में आक्रोश है और सरकार का बड़ा मतदाता वर्ग इससे नाराज है।’’ उन्होंने एससी/एसटी अधिनियम को 1989 में लागू किया गया देश का “सबसे काला कानून” करार देते हुए दावा किया कि इससे 85 प्रतिशत लोग प्रभावित हैं।

उन्होंने यह भी दावा किया कि एससी/एसटी कानून के 95 प्रतिशत मामले फर्जी होते हैं और पूरे देश के सवर्ण समाज के संगठन उनके साथ खड़े हैं। उत्तर प्रदेश सरकार ने बरेली के नगर मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री को अनुशासनहीनता के आरोप में 26 जनवरी की देर रात निलंबित कर दिया था।

इससे पहले उन्होंने 26 जनवरी को दिन में सरकार की नीतियों, विशेषकर यूजीसी के नए नियमों और शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़े एक मामले को लेकर नाराजगी जताते हुए पद से इस्तीफा दे दिया था, जिससे प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर विवाद खड़ा हो गया। 

Web Title: why Alankar Agnihotri adamant Central Government not withdraw SC-ST Act February 6 then February 7 protest in Delhi with upper caste organizations

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