'हम पर अनुभवहीन होने का आरोप न लगाएं', टीके कोवैक्सीन पर उठते सवाल के बीच भारत बायोटेक के चेयरमैन ने दिया जवाब

By स्वाति सिंह | Updated: January 4, 2021 19:48 IST2021-01-04T19:41:56+5:302021-01-04T19:48:08+5:30

एम्स के डायरेक्टर की ओर से भारत बायोटेक के टीके को बैकअप के रूप में इस्तेमाल करने वाले बयान पर भारत बायोटेक के एमडी ने कहा कि यह एक टीका है, यह बैकअप नहीं है।

What Bharat Biotech Chairman Said On "Safe, Like Water" Vaccine Comment | 'हम पर अनुभवहीन होने का आरोप न लगाएं', टीके कोवैक्सीन पर उठते सवाल के बीच भारत बायोटेक के चेयरमैन ने दिया जवाब

एमडी ने कहा कई लोग कहते हैं कि हमरा डेटा पारदर्शी नहीं है।

Highlightsकोवैक्सीन के इमरजेंसी इस्तेमाल की मंजूरी मिलने पर विपक्ष समेत कई पार्टी के नेता सवाल उठा रहे हैं इसके बाद अब खुद कंपनी के एमडी ने जवाब दिया है। भारत बायोटेक के एमडी कृष्ण एला ने सोमवार को कहा है कि अब टीके का राजनीतिकरण किया जा रहा है

नई दिल्ली: भारत बायोटेक के टीके कोवैक्सीन के इमरजेंसी इस्तेमाल की मंजूरी मिलने पर विपक्ष समेत कई पार्टी के नेताओं की ओर से उठाए गए सवाल पर खुद कंपनी के एमडी ने जवाब दिया है। भारत बायोटेक के एमडी कृष्ण एला ने सोमवार को कहा है कि अब टीके का राजनीतिकरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मैं यह स्पष्ट रूप से बताना चाहता हूं कि मेरे परिवार को कोई भी सदस्य किसी भी राजनीतिक दल से नहीं जुड़ा है। 

डॉ कृष्‍णा इल्‍ला ने सोमवार को मीडिया ब्रीफिंग में कहा, कहा, "हम पर अनुभवहीन होने का आरोप न लगाएं, हम कई टीकों के निर्माता हैं" उन्‍होंने कहा, 'यह कहना गलत है कि हम डेटा को लेकर पारदर्शी नहीं हैं'  उन्‍होंने कहा कि हमारे ऊपर सवाल उठाना गलत है क्योंकि हम बहुत पारदर्शी तरीके से काम कर रहे हैं।एक दूसरी कंपनी ने हमारे बारे में कहा कि हमारी वैक्सीन पानी की तरह सुरक्षित है, ऐसा कहना बहुत गलत है ( सीरम इंस्टीट्यूट के सीईओ आधार कोला वाला ने रविवार को यह टिप्पणी की थी)। वैक्सीन की प्रभाविकता के डेटा को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्‍होंने कहा कि वैक्सीन के प्रभावी होने का डेटा मार्च तक उपलब्ध होगा।

वहीं, एम्स के डायरेक्टर की ओर से भारत बायोटेक के टीके को बैकअप के रूप में इस्तेमाल करने वाले बयान पर भारत बायोटेक के एमडी ने कहा कि यह एक टीका है, यह बैकअप नहीं है। ऐसे बयान देने से पहले लोगों को जिम्मेदार होना चाहिए। हमारे पास टीकों का अच्छा अनुभव है। हम 123 देशों के संपर्क में हैं। एमडी ने कहा कई लोग कहते हैं कि हमरा डेटा पारदर्शी नहीं है। मुझे लगता है कि लोगों को इंटरनेट पर पढ़ने के लिए धैर्य होना चाहिए और हमने कितने लेख प्रकाशित किए हैं। 70 से अधिक लेख विभिन्न अंतरराष्ट्रीय पत्रिकाओं में प्रकाशित हुए हैं। 

भारत के औषधि नियामक ने सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा निर्मित ऑक्सफोर्ड कोविड-19 टीके ‘कोविशील्ड’ और भारत बायोटेक के स्वदेश में विकसित टीके ‘कोवैक्सीन’ के देश में सीमित आपात इस्तेमाल को रविवार को मंजूरी दे दी, जिससे व्यापक टीकाकरण अभियान का मार्ग प्रशस्त हो गया है। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) की कोविड-19 संबंधी विषय विशेषज्ञ समिति (एसईसी) की अनुशंसा के आधार पर भारत के औषधि महानियंत्रक (डीसीजीआई) ने यह मंजूरी प्रदान की है। डीसीजीआई डॉ वी जी सोमानी ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘सीडीएससीओ ने पर्याप्त अध्ययन के बाद विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों को स्वीकार करने का फैसला किया है और तदनुसार मेसर्स सीरम और मेसर्स भारत बायोटेक के टीकों के आपात स्थिति में सीमित उपयोग के लिए स्वीकृति प्रदान की जा रही है।’’ इससे आने वाले दिनों में भारत में कम से कम दो टीकों के जारी होने का रास्ता साफ हो गया है।

Web Title: What Bharat Biotech Chairman Said On "Safe, Like Water" Vaccine Comment

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