लाइव न्यूज़ :

पश्चिम बंगाल में विदेश राज्य मंत्री वी. मुरलीधरन के काफिले पर हमला

By भाषा | Updated: May 6, 2021 20:36 IST

Open in App

कोलकाता, छह मई केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री वी. मुरलीधरन की कार पर पश्चिम मिदनापुर जिले के पंचकुरी गांव में बृहस्पतिवार को अज्ञात लोगों ने लाठी से हमला कर दिया और पथराव किया। वह भगवा दल के कार्यकर्ताओं के खिलाफ चुनाव बाद कथित रूप से हिंसा के सिलसिले में इलाके का दौरा कर रहे थे।

मुरलीधरन ने ट्विटर पर आरोप लगाया कि उनके काफिले पर हमले में ‘टीएमसी के गुंडों’ का हाथ है।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने किसी का नाम लिए बगैर या किसी विशिष्ट घटना का जिक्र किए बगैर केंद्रीय मंत्रियों पर चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद हिंसा भड़काने के मकसद से गांवों का दौरा करने के आरोप लगाए।

मुरलीधरन ने कहा, “ मैं पश्चिम मिदनापुर में पार्टी के उन कार्यकर्ताओं से मिलने गया था जिन पर हमला किया गया है और जिनके घरों में तोड़फोड़ की गई है। मैं अपने काफिले के साथ एक घर से दूसरे घर जा रहा था और तभी लोगों का एक समूह अचानक हमारी ओर बढ़ने लगा तथा हमला कर दिया।”

मंत्री ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, “ मैं सुरक्षित हूं, लेकिन मेरा चालक जख्मी हो गया और कुछ कारों की खिड़कियां टूट गईं।”

मंत्री ने ट्वीट किया कि घटना को देखते हुए उन्होंने अपनी यात्रा बीच में ही स्थगित कर दी है।

मंत्री के साथ मौजूद भाजपा के राष्ट्रीय सचिव राहुल सिन्हा ने दावा किया कि पुलिसकर्मियों की मौजूदगी के बावजूद हमला हुआ।

पश्चिमी मिदनापुर में कोतवाली थाने के एक अधिकारी ने बताया कि वे मंत्री के काफिले पर हमले की घटना की जांच कर रहे हैं।

उन्होंने कहा, “यह आज दोपहर करीब साढ़े 12 बजे तब हुआ जब कुछ अज्ञात लोगों ने मंत्री के काफिले पर हमला कर दिया।”

पुलिस अधिकारी ने कहा कि अब तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है और न ही किसी को हिरासत में लिया गया है।

गांव के दौरे के समय संवाददाताओं से मुरलीधरन ने कहा कि यह बंगाल की संस्कृति नहीं है कि महिलाओं पर अत्याचार किया जाए।

उन्होंने कहा, ‘‘जो हो रहा है वह राजनीति नहीं, बल्कि गुंडागर्दी है।’’ उन्होंने आरोप लगाए कि राज्य में चुनाव परिणाम की घोषणा के बाद से ही महिलाओं और भाजपा कार्यकर्ताओं पर अत्याचार हो रहे हैं।’’

मुख्यमंत्री ने किसी का नाम लिए बगैर कहा कि चुनाव खत्म होने के बाद केंद्रीय मंत्री गांवों में जा रहे हैं और उन पर हिंसा को भड़काने के आरोप लगाए।

उन्होंने राज्य प्रशासनिक मुख्यालय ‘नबन्ना’ में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘कोविड की स्थिति को देखते हुए राज्य में जब राजनीतिक बैठक एवं रैलियां रोक दी गई हैं, तो मैं नहीं जानती कि क्यों कुछ केंद्रीय नेता गांवों में जा रहे हैं और हिंसा भड़का रहे हैं।’’

ममता ने कहा, ‘‘मैं उनसे आग्रह करती हूं कि भड़काकर स्थिति को खराब नहीं करें।’’

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘इस स्थिति में लोगों का सहयोग करने के बजाए वे केंद्रीय टीमों को बंगाल भेज रहे हैं... उनके मंत्री बंगाल क्यों आ रहे हैं और संक्रमण फैलाने के लिए गांवों में क्यों जा रहे हैं। इसके बजाए उन्हें कोविड-19 के अस्पतालों का दौरा करना चाहिए।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

क्रिकेट3 मैच, 22 रन, 2 चौके, 1 छक्का और 19 गेंद?, टी20 विश्व कप में भारत की जीत में अहम भूमिका निभाने वाले संजू सैमसन क्यों आईपीएल में हो रहे फेल?, सिंगल डिजिट स्कोर पर आउट

भारतकौन थे डॉ. मणि छेत्री?, 106 वर्ष की आयु में निधन

भारतपवन खेड़ा और गौरव गोगोई ने दो प्रेस कॉन्फ्रेंस कीं, सीएम सरमा ने कहा-फर्जी डॉक्यूमेंट्स के साथ जनता के सामने बात रखते हैं तो IPC की धारा 420 और 468 लगती है?

क्रिकेटगांगुली और रोहित क्लब में शामिल होंगे गायकवाड़, केवल 1 मैच दूर?, आईपीएल में भारतीय कप्तानों द्वारा लगातार हारे गए मैच?

भारतपश्चिम एशिया युद्धः ओमान तट के निकट ड्रोन बोट हमले में जान गंवाने वाले 25 वर्षीय नाविक दीक्षित सोलंकी का शव मुंबई लाया

भारत अधिक खबरें

भारतगोदामों से सीधे एलपीजी सिलेंडर की बिक्री पर सख्त प्रतिबंध, सीएम रेखा गुप्ता ने कहा-भंडारण केंद्रों पर न जाएं और न ही भीड़ में इकट्ठा हों

भारतउच्च शिक्षा और अनुसंधान की चुनौतियां

भारतआदिवासी खेल: नई प्रतिभाओं की तलाश में एक सार्थक पहल

भारतबारामती विधानसभा उपचुनावः सीएम फडणवीस की बात नहीं मानी?, कांग्रेस ने उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के खिलाफ आकाश मोरे को चुनाव मैदान में उतारा

भारतUP की महिला ने रचा इतिहास! 14 दिनों में साइकिल से एवरेस्ट बेस कैंप पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला बनीं