मैंने कभी किसी को 75 वर्ष की आयु में सेवानिवृत्त होने के लिए नहीं कहा?, RSS प्रमुख मोहन भागवत ने कहा-जहां तक मेरी बात है, वीडियो
By सतीश कुमार सिंह | Updated: February 8, 2026 15:20 IST2026-02-08T15:19:22+5:302026-02-08T15:20:02+5:30
आरएसएस प्रमुख के पद के लिए कोई चुनाव नहीं होता। क्षेत्रीय और मंडल प्रमुख प्रमुख की नियुक्ति करते हैं।

मैंने कभी किसी को 75 वर्ष की आयु में सेवानिवृत्त होने के लिए नहीं कहा?, RSS प्रमुख मोहन भागवत ने कहा-जहां तक मेरी बात है, वीडियो
मुंबईः आरएसएस प्रमुख मोहन भगवत ने रविवार को कहा कि संघ ने उनसे उनकी बढ़ती उम्र के बावजूद काम जारी रखने को कहा है। संघ प्रमुख ने इस बात पर जोर दिया कि संगठन के निर्देश मिलते ही वे पद छोड़ देंगे। वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की शताब्दी के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में उपस्थित लोगों के साथ संवाद सत्र के दौरान प्रश्नों का उत्तर दे रहे थे। आरएसएस प्रमुख ने कहा, "मैंने कभी किसी को 75 वर्ष की आयु में सेवानिवृत्त होने के लिए नहीं कहा।" आरएसएस प्रमुख के पद के लिए कोई चुनाव नहीं होता। क्षेत्रीय और मंडल प्रमुख प्रमुख की नियुक्ति करते हैं।
#WATCH | Mumbai, Maharashtra: RSS Chief Mohan Bhagwat says, "... Instead of harbouring fears of the partition of India in 2047, imagine the rise of an undivided India in 2047. The Sultans and emperors who ruled here for 500 years couldn't do it, the British couldn't do it in 200… pic.twitter.com/ZebFGxgZj0
— ANI (@ANI) February 8, 2026
आमतौर पर यह कहा जाता है कि 75 वर्ष की आयु के बाद किसी को कोई पद धारण किए बिना काम करना चाहिए। जहां तक मेरी बात है, मेरे 75 साल पूरे हुए गए, तो मैंने कार्यकर्ताओं से कहा, कि मेरा हो गया लेकिन उन्होंने कहा कि आपको क्या हो गया है? आप घूम रहे हैं, काम कीजिए..." तो मैं रोक गया। मैं यहाँ हूँ यह मेरी मर्ज़ी नहीं है।
अगर मैं यहां नहीं रहूं तो यह भी मेरा ऑप्शन नहीं होता, यह संघ का ऑप्शन है। ज़िम्मेदारी से रिटायर होने के बाद भी, संघ का काम ज़िंदगी भर चलता रहता है। बांग्लादेश में जो घटना घटी। बांग्लादेश में अभी भी 12.5 करोड़ हिंदू हैं। अगर वे एकजुट हो जाएं, तो वे वहां की राजनीतिक व्यवस्था का इस्तेमाल अपने फायदे और अपनी सुरक्षा के लिए कर सकते हैं, लेकिन उन्हें एकजुट होना होगा।
#WATCH | Mumbai, Maharashtra: RSS Chief Mohan Bhagwat says, "... The incident that happened in Bangladesh... there are still 1.25 crore Hindus in Bangladesh. If they unite, they can utilise the political system there for their own benefit, for their own security, but they have to… pic.twitter.com/NamEd0hDPc
— ANI (@ANI) February 8, 2026
सौभाग्य से इस बार उन्होंने भागने का नहीं, बल्कि वहीं रहकर लड़ने का फैसला किया है। अब, अगर उन्हें लड़ना ही है, तो एकता बेहद जरूरी होगी। जितनी जल्दी वे एकजुट हों, उतना ही अच्छा है। बांग्लादेश में मौजूद हिंदुओं की मौजूदा संख्या को देखते हुए, वे अपनी स्थिति में काफी सुधार कर सकते हैं।
#WATCH | Mumbai, Maharashtra: RSS Chief Mohan Bhagwat says, "Police are under pressure. If they have the cooperation of society, they won't be under pressure. Before the British system came to our country, everything was fine. Society had a certain quality, so very few people… pic.twitter.com/zmXLOum0wT
— ANI (@ANI) February 8, 2026
इसे हासिल करने के लिए, हम यहां अपनी सीमाओं के भीतर और दुनिया भर में अपने-अपने स्थानों पर मौजूद हिंदू, उनके लिए हर संभव प्रयास करेंगे, मैं आपको यह आश्वासन दे सकता हूं। 2047 में भारत के विभाजन के भय में डूबने के बजाय 2047 में एक अविभाजित भारत के उदय की कल्पना कीजिए।
यहाँ 500 वर्षों तक शासन करने वाले सुल्तान और सम्राट ऐसा नहीं कर सके, अंग्रेज 200 वर्षों में ऐसा नहीं कर सके, तो स्वतंत्र भारत में ऐसा दोबारा क्यों होगा? यह 1947 नहीं है। हम अब बहुत प्रगति कर चुके हैं। जो लोग भारत को तोड़ने की कोशिश करेंगे, वे स्वयं टूट जाएंगे।
भारत एकजुट होगा। ऐसा होगा, और हम इसे करके दिखाएंगे। यदि आप अपने मन में इस संकल्प को दृढ़ कर लें, तो इन भयावह सपनों को देखने वालों की योजनाएँ कभी सफल नहीं होंगी। हम मजबूत लोग हैं, हम उन्हें ऐसा करने या इस तरह सोचने नहीं देंगे।