गुवाहाटीः प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि असम ने लंबे समय तक अस्थिरता का दौर देखा, लेकिन पिछले एक दशक में स्थिति बदली है क्योंकि भाजपा की डबल-इंजन सरकार ने राज्य में शांति सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव प्रयास किया। असम की जनता ने इस बार दो काम पक्के कर लिए हैं। एक तो इस बार असम में भाजपा—एनडीए की हैट्रिक लगेगी। और दूसरा काम, कांग्रेस के शाही परिवार के नामदार जो दिल्ली में बैठे हैं, उनकी हार की सेंचुरी का रिकॉर्ड भी असम के लोग ही बनवाएं। ये जनसैलाब एक ही घोषणा कर रहा है आपकी बार बीजेपी-NDA की सरकार।
आज भाजपा का स्थापना दिवस है। इस अवसर पर मैं देश और दुनिया में भाजपा परिवार से जुड़े सभी कार्यकर्ताओं का अभिनंदन करता हूं। ‘राष्ट्र प्रथम’ के मंत्र के साथ हम सभी मां भारती की सेवा में समर्पित भाव से जुटे हुए हैं। हमारा संकल्प देश को विकसित बनाना है।
इसी संकल्प के साथ इस चुनाव में भी भाजपा आप सभी से अपना आशीर्वाद मांग रही है। आपका वोट इस बार विकसित असम के निर्माण की नींव को और मजबूत करने वाला है। हम असम को उस बुलंदी की तरफ लेकर जा रहे हैं, जिसके असम के लोग हकदार हैं।
2013 में जब केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी, तब धान का एमएसपी मात्र 1,300 रुपए/क्विंटल था। आज धान का एमएसपी करीब 2,370 रुपए/क्विंटल है और असम की भाजपा सरकार अपनी तरफ से भी इसमें वृद्धि करती है। 2014 के पहले के 10 वर्षों में जब कांग्रेस सत्ता में थी, तब देश के धान किसानों को एमएसपी के सिर्फ 4 लाख करोड़ रुपए मिले थे।
लेकिन 2014 के बाद के 10 वर्षों में धान किसानों को हमारी सरकार ने 16 लाख करोड़ रुपये दिए हैं। साफ है कांग्रेस कभी धान किसानों का भला नहीं कर सकती। कांग्रेस कभी जनता के बीच अपना रिपोर्ट कार्ड लेकर नहीं जाती। जबकि बीजेपी सरकार, साफ नीयत से जनता को बताती है कि हमने जनता की सेवा के लिए क्या किया।
कांग्रेस ने अपने 60—65 साल के राज में हमारे आदिवासियों के साथ सबसे बड़ा अन्याय किया है। सबसे ज्यादा गरीबी आदिवासी क्षेत्रों में रही, हिंसा की बम बंदूक की सबसे बड़ी समस्या आदिवासी क्षेत्रों में रही। देश के आदिवासी समाज को कांग्रेस ने यही सब दिया। इसके लिए कानून में संशोधन आवश्यक है। इसलिए 16 अप्रैल से सरकार ने संसद का एक विशेष सत्र बुलाया है।
हमने देश की सभी पार्टियों से इसकी चर्चा की है। हमने सभी से कहा है कि आइए, देश की बहनों बेटियों के हक से जुड़े इस काम को सर्वसम्मति से आगे बढ़ाएं। विकसित भारत बनाने के लिए विधानसभा में और संसद में महिलाओं की भूमिका हो, ये बहुत जरूरी है, इसलिए हमारी सरकार ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित किया था। इसमें महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण तय हुआ है। देश की बहन बेटियों ने 40 साल तक इसका इंतजार किया है। इसलिए जरूरी है 2029 के लोकसभा चुनाव से ही महिलाओं को ये हक मिले।