जो डर गया, समझो मर गया?, सौरभ भारद्वाज ने राघव चड्ढा पर निशाना साधा, कहा- केजरीवाल गिरफ्तार हुए तो विदेश में छिपा?
By सतीश कुमार सिंह | Updated: April 3, 2026 13:03 IST2026-04-03T12:58:33+5:302026-04-03T13:03:33+5:30
सरकार असली मतदाताओं के नाम मिटाकर और फर्जी मतदाता सूची में डालकर चुनाव जीत रही है। पश्चिम बंगाल में भी यही हो रहा है।

file photo
नई दिल्लीः आम आदमी पार्टी (आप) में रार जारी है। राज्यसभा में आम आदमी पार्टी (आप) के उपनेता पद से हटाए जाने के एक दिन बाद पार्टी सांसद राघव चड्ढा ने शुक्रवार को कहा कि ‘‘मेरी खामोशी को मेरी हार मत समझ लेना’’। इस बीच आम आदमी पार्टी (आप) के नेता और दिल्ली इकाई के प्रमुख सौरभ भारद्वाज ने एक वीडियो संदेश में आम सांसद राघव चड्ढा पर संसद में आरोप लगाया। वीडियो भारद्वाज के आधिकारिक X अकाउंट पर शुक्रवार को "राघव भाई, अभी आपका वीडियो देखा। मैं बस इतना कहना चाहता हूँ—'जो डर गया, समझो मर गया'।"
Just saw ur video Raghav bhai.
— Saurabh Bharadwaj (@Saurabh_MLAgk) April 3, 2026
I just want to say - “जो डर गया, समझो मर गया” pic.twitter.com/cgXN9cI4aG
Silenced, not defeated
— Raghav Chadha (@raghav_chadha) April 3, 2026
My message to the ‘aam aadmi’
—
खामोश करवाया गया हूँ, हारा नहीं हूँ
'आम आदमी’ को मेरे संदेश pic.twitter.com/poUwxsu0S3
हिंदी में बोलते हुए भारद्वाज ने कहा, "राघव भाई, मैंने अभी आपका वीडियो देखा। हम सब अरविंद केजरीवाल जी के सिपाही हैं और हमने एक बात सीख ली है, जो डरता है, वह मरा हुआ ही समझो। हमारा कर्तव्य है कि हम जनता के मुद्दों को उठाएँ और सरकार का सीधे सामना करें।" सरकार सोशल मीडिया पर अपने खिलाफ आवाज उठाने वालों के अकाउंट बैन कर रही है, केस दर्ज किए जा रहे हैं।
सरकार को इस बात की परवाह नहीं है कि कोई संसद में सॉफ्ट पीआर कर रहा है, क्योंकि एक छोटी पार्टी के पास वहां बोलने के लिए बहुत कम समय होता है।" राज्यसभा में चड्ढा के एक भाषण पर कटाक्ष करते हुए, जिसमें उन्होंने हवाई अड्डे पर समोसे और चाय की कीमतों को लेकर बात की थी, उन्होंने कहा, "समोसे की बात करने के बजाय, बड़े मुद्दों को उठाना ज्यादा जरूरी है।"
उन्होंने आगे कहा कि सरकार असली मतदाताओं के नाम मिटाकर और फर्जी मतदाता सूची में डालकर चुनाव जीत रही है। पश्चिम बंगाल में भी यही हो रहा है। हाल ही में सभी विपक्षी दलों ने महाभियोग प्रस्ताव लाया था, लेकिन आपने उस पर हस्ताक्षर नहीं किए। जब भी विपक्ष वॉकआउट करता है, आप कभी वॉकआउट नहीं करते। आपने प्रधानमंत्री और भाजपा सरकार के खिलाफ कभी कोई मुद्दा नहीं उठाया है।