48 वर्षों तक कांग्रेस का मुख्यालय?, 24 अकबर रोड और 5 रायसीना रोड स्थित कार्यालयों को 28 मार्च तक खाली करने का नोटिस, जानिए इतिहास?

By सतीश कुमार सिंह | Updated: March 25, 2026 16:21 IST2026-03-25T15:40:07+5:302026-03-25T16:21:10+5:30

एस्टेट डिपार्टमेंट ने कांग्रेस पार्टी को 24 अकबर रोड, 28 मार्च तक ख़ाली करने का नोटिस दिया। भविष्य में किसी वरिष्ठ सांसद 24 अकबर रोड के निवास के लिए हकदार हो उनके नाम पर अलॉट करवाया जा सकता है।

watch Congress headquarters 48 years Notice vacate offices 24 Akbar Road and 5 Raisina Road by March 28, why sonia gandhi rahul gandhi Lutyens Office see video | 48 वर्षों तक कांग्रेस का मुख्यालय?, 24 अकबर रोड और 5 रायसीना रोड स्थित कार्यालयों को 28 मार्च तक खाली करने का नोटिस, जानिए इतिहास?

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Highlightsअकबर रोड स्थित यह बंगला 48 वर्षों तक कांग्रेस का मुख्यालय रहा है।विपक्षी दल ने कोटला मार्ग स्थित अपने नए मुख्यालय इंदिरा भवन का उद्घाटन किया था। अकबर रोड स्थित कार्यालय की दीवारें इतिहास से भरी हुई हैं।

नई दिल्लीः केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय ने कांग्रेस को अकबर रोड और रायसीना रोड स्थित कार्यालयों को खाली करने का नोटिस जारी किया है। सूत्रों ने यह जानकारी दी। सूत्रों के मुताबिक, मंत्रालय के संपदा विभाग ने 24 अकबर रोड और 5 रायसीना रोड स्थित कार्यालयों को 28 मार्च तक खाली करने का नोटिस दिया है। दिल्ली में 24 अकबर रोड पर कांग्रेस कार्यालय से है। सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा, "भाजपा सरकार लोकतांत्रिक सरकार नहीं है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है। नोटिस हम तक पहुंचने दें। हम उसपर राजनीति रूप से विचार करके कार्रवाई करेंगे।"

एक ऐसे घटनाक्रम में जिससे राजनीतिक तनाव बढ़ने की आशंका है। सरकार ने मुख्य विपक्षी कांग्रेस को शनिवार तक अकबर रोड स्थित 24 नंबर का कार्यालय खाली करने को कहा है। कांग्रेस सूत्रों के अनुसार, अकबर रोड स्थित यह बंगला 48 वर्षों तक कांग्रेस का मुख्यालय रहा है।

पिछले वर्ष विपक्षी दल ने कोटला मार्ग स्थित अपने नए मुख्यालय इंदिरा भवन का उद्घाटन किया था। लेकिन अकबर रोड स्थित परिसर को अभी तक खाली नहीं किया गया है और पार्टी की गतिविधियां वहीं जारी हैं। कांग्रेस को रायसीना रोड स्थित 5 नंबर के भारतीय युवा कांग्रेस कार्यालय को भी खाली करने को कहा गया है।

पार्टी सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस इस मामले में कुछ राहत पाने के लिए कानूनी विकल्पों पर विचार कर रही है। पिछले वर्ष जब सोनिया गांधी ने नए कांग्रेस मुख्यालय का उद्घाटन किया था, तब कई वरिष्ठ पार्टी नेताओं ने कहा था कि अकबर रोड स्थित 24 नंबर के कार्यालय से उनका भावनात्मक जुड़ाव हमेशा बना रहेगा। अकबर रोड स्थित कार्यालय की दीवारें इतिहास से भरी हुई हैं।

ब्रिटिश राज के दौरान वायसराय लॉर्ड लिनलिथगो की कार्यकारी परिषद के सदस्य सर रेजिनाल्ड मैक्सवेल कभी यहां रहते थे। 1960 के दशक के आरंभ में, यह बंगला भारत में म्यांमार की राजदूत दाव खिन की का निवास स्थान था। दाव खिन की की बेटी, आंग सान सू की, जिन्हें बाद में नोबेल शांति पुरस्कार मिला, ने इस घर में कई वर्ष बिताए।

लेकिन बंगले के इतिहास का सबसे गौरवशाली अध्याय 1970 के दशक के उत्तरार्ध में शुरू हुआ। 1977 के चुनावों में कांग्रेस की करारी हार के बाद, पार्टी में फूट पड़ गई। इंदिरा गांधी के नेतृत्व में एक अलग गुट बना और इस समूह को काम करने के लिए एक जगह की आवश्यकता थी। राज्यसभा सांसद जी वेंकटस्वामी, जो इंदिरा गांधी के वफादार थे, ने अपना अकबर रोड स्थित बंगला प्रस्तावित किया।

यह बंगला कांग्रेस के जोरदार पुनरुत्थान का साक्षी बना। यह राजीव गांधी, पीवी नरसिम्हा राव और फिर डॉ. मनमोहन सिंह के प्रधानमंत्रित्व काल में कांग्रेस का मुख्यालय बना रहा। कांग्रेस को नया पता मिलने तक स्थान की मांग को पूरा करने के लिए बंगले का आकार भी बढ़ाया गया।

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