नीतीश कुमार ने राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ली, 14 फरवरी को देंगे बिहार के सीएम पद से इस्तीफा?
By सतीश कुमार सिंह | Updated: April 10, 2026 12:44 IST2026-04-10T12:36:34+5:302026-04-10T12:44:15+5:30
जानकारों का मानना है कि यह बदलाव केवल नेतृत्व परिवर्तन नहीं, बल्कि बिहार की सत्ता संरचना में बड़ा बदलाव साबित हो सकता है।

photo-ani
नई दिल्लीः बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ली। 14 फरवरी को बिहार के सीएम पद से इस्तीफा देंगे। बिहार सरकार से उनके शीघ्र ही अलग होने का संकेत मिला और बिहार में नई सरकार के गठन का मार्ग प्रशस्त हुआ। एक संक्षिप्त समारोह में राज्यसभा अध्यक्ष सीपी राधाकृष्णन ने उन्हें शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण समारोह में बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा और सम्राट चौधरी, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, कानून और न्याय राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल सहित कई वरिष्ठ राजनीतिक नेता उपस्थित रहे।
Nitish Kumar takes oath as a Member of the Rajya Sabha.
— ANI (@ANI) April 10, 2026
(Pics: Sansad TV/YouTube) pic.twitter.com/atrTlNHSIh
#WATCH | Delhi: On Nitish Kumar to take oath as Rajya Sabha MP today, Bihar Deputy CM Vijay Kumar Sinha says, "Bihar CM is taking oath today. For his importance in speeding up the process of development of the people of Bihar, the public expresses great respect for him. Bihar is… pic.twitter.com/FimQ17vFyR
— ANI (@ANI) April 10, 2026
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राज्यसभा के निवर्तमान उपसभापति हरिवंश को उच्च सदन का सदस्य नामित किया है। हरिवंश का उच्च सदन के सदस्य के रूप में कार्यकाल नौ अप्रैल को समाप्त हो गया था। नीतीश कुमार के आज राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ लेने पर बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री आज शपथ लिया।
बिहार की जनता के विकास की प्रक्रिया को गति देने में उनके योगदान के लिए जनता उनके प्रति बहुत सम्मान व्यक्त करती है। बिहार को उन पर गर्व है। जेडीयू नेता और पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा और कांग्रेस नेता जयराम रमेश के अलावा भाजपा सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री राजीव प्रताप रूडी भी शपथ ग्रहण समारोह में उपस्थित रहे।
एनडीए अब 14 अप्रैल को बिहार के नए मुख्यमंत्री का चुनाव कर सकता है। अपना नया पदभार संभालने से एक दिन पहले कुमार राष्ट्रीय राजधानी गए और पुष्टि की कि वे जल्द ही मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे देंगे। अपने इस फैसले के बारे में बताते हुए उन्होंने पत्रकारों से कहा कि उनका मानना है कि उन्होंने बिहार में अपना अधिकांश काम पूरा कर लिया है।
अब वे दिल्ली में अपनी जिम्मेदारियों पर ध्यान केंद्रित करना चाहते हैं। कुमार ने कहा, "मैंने बिहार में बहुत काम किया है। अब मुझे लगा कि मुझे यहीं रहना चाहिए।" उन्होंने आगे कहा, "मैं वहां अपने पद से हटकर यहां काम करूंगा। मैं तीन-चार दिनों में इस्तीफा दे दूंगा। नए व्यक्तियों को मुख्यमंत्री और मंत्री नियुक्त किया जाएगा।"
नीतीश कुमार बिहार के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहे व्यक्ति हैं। नीतीश कुमार ने 1985 में विधायक के रूप में अपनी राजनीतिक यात्रा शुरू की और बाद में अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में केंद्रीय मंत्री के रूप में कार्य किया। वे पहली बार 2005 में बिहार के मुख्यमंत्री बने। वे देश के सबसे अनुभवी और वरिष्ठ राजनीतिक नेताओं में से एक हैं।
Nitish Kumar takes oath as a Member of the Rajya Sabha.
— ANI (@ANI) April 10, 2026
(Pic: Sansad TV/YouTube) pic.twitter.com/kkWbTymHd9
#WATCH | Nitish Kumar takes oath as a Member of the Rajya Sabha.
— ANI (@ANI) April 10, 2026
(Video Source: Sansad TV/YouTube) pic.twitter.com/ZFbf761Wrm
President Droupadi Murmu nominates Harivansh Narayan Singh to Rajya Sabha
— ANI Digital (@ani_digital) April 10, 2026
Read @ANI Story | https://t.co/1IcPpITpad#RajyaSabha#HarivanshNarayanSingh#PresidentMurmupic.twitter.com/rt1siZdm7I
शपथ ग्रहण में भाजपा और जदयू के कई बड़े नेता शामिल हुए। जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने कहा कि 13 तारीख के बाद बिहार में नई सरकार बनाने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। सियासी गलियारों में पिछले कई दिनों से लगातार खरमास के बाद बिहार में नई सरकार के गठन की चर्चा जोरों पर थी।
दिल्ली के लिए रवाना होने से पहले मंत्री विजय चौधरी ने बिहार में नई सरकार के गठन पर कहा कि अभी तो नीतीश कुमार ही हैं। अभी इस्तीफा कहां दिए हैं? इस्तीफे के बाद ही कुछ होगा। इस बीच जानकारों कहना है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के संभावित इस्तीफे के बाद एनडीए विधायक दल की बैठक बुलाई जाएगी। इस बैठक में नए नेता का चुनाव किया जाएगा।
नया नेता मुख्यमंत्री पद का दावा पेश करेगा। इसके बाद राज्यपाल के समक्ष सरकार गठन का दावा प्रस्तुत किया जाएगा। सियासी जानकारों के अनुसार, पूरी प्रक्रिया पहले से तय रोडमैप के तहत आगे बढ़ रही है, जिसमें समय-सीमा और कदम लगभग स्पष्ट हैं। इस घटनाक्रम के साथ ही बिहार में सत्ता परिवर्तन की प्रक्रिया भी तेज हो गई है।
वहीं, नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद पहली बार बिहार में भाजपा खुद का मुख्यमंत्री बनाएगी। इस पद के लिए मौजूदा उपमुख्यमंत्री का नाम सबसे आगे चल रहा है। अगर ऐसा होता है, तो यह बिहार की राजनीति में एक ऐतिहासिक बदलाव होगा, क्योंकि 2005 के बाद से नीतीश कुमार लगातार सत्ता के केंद्र में रहे हैं।
इसके साथ ही करीब दो दशक तक मुख्यमंत्री पद संभालने वाले नीतीश कुमार अब राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाने की तैयारी में हैं। राज्यसभा सदस्य बनने के बाद उनका फोकस दिल्ली की राजनीति पर होगा, जहां वे केंद्र स्तर पर अपनी भूमिका को मजबूत करने की कोशिश करेंगे। यह कदम जदयू और एनडीए दोनों के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
जानकारों का मानना है कि यह बदलाव केवल नेतृत्व परिवर्तन नहीं, बल्कि बिहार की सत्ता संरचना में बड़ा बदलाव साबित हो सकता है। नीतीश कुमार के लंबे कार्यकाल के दौरान राज्य की राजनीति एक स्थिर ढांचे में रही, लेकिन अब भाजपा के नेतृत्व में नई सरकार बनने से नीतियों और प्राथमिकताओं में बदलाव देखने को मिल सकता है।