लाइव न्यूज़ :

पेंटागन रिपोर्ट में उल्लिखित एलएसी पर स्थित गांव चीन के नियंत्रण वाले क्षेत्र में है: सूत्र

By भाषा | Updated: November 9, 2021 20:07 IST

Open in App

नयी दिल्ली, नौ नवंबर अरुणाचल प्रदेश सेक्टर में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर एक विवादित क्षेत्र में चीन के एक बड़ा गांव निर्मित करने की पेंटागन की एक रिपोर्ट के कुछ दिनों बाद मंगलवार को भारतीय सुरक्षा प्रतिष्ठान के सूत्रों ने इस रिपोर्ट को तवज्जो नहीं देते हुए कहा कि यह भू-भाग करीब छह दशकों से चीनी सेना के नियंत्रण में है।

उन्होंने यह भी कहा कि चीन द्वारा एक ऐसे क्षेत्र में गांव निर्मित किया गया है जिस पर 1959 में असम राइफल्स की एक चौकी पर कब्जे के बाद से पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) का कब्जा है।

एक सूत्र ने कहा, ‘‘ऊपरी सुबानसिरी जिले में विवादित सीमा से लगा गांव चीन के नियंत्रण वाले क्षेत्र में है। उन्होंने वर्षों से उस क्षेत्र में अपनी सेना की एक चौकी बरकरार रखी है और चीनियों द्वारा किए गए विभिन्न तरह के निर्माण कार्य बहुत कम समय पहले के नहीं हैं।’’

अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन ने अपनी हालिया रिपोर्ट में कहा है कि चीन ने अपने तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र और एलएसी के पूर्वी क्षेत्र में भारत के अरूणाचल प्रदेश के बीच विवादित क्षेत्र में 100 घरों वाला आम नागरिकों का एक गांव निर्मित किया है।

सूत्र ने कहा, ‘‘इस गांव का निर्माण चीन ने उस इलाके में किया है, जिस पर 1959 में पीएलए ने अरुणाचल प्रदेश के सीमांत क्षेत्र में एक अभियान में असम राइफल्स की चौकी पर हमले के बाद कब्जा कर लिया था। इसे लोंगजू घटना के तौर पर जाना जाता है।’’

चीन की संलिप्तता वाले सैन्य एवं सुरक्षा घटनाक्रमों पर अपनी रिपोर्ट में अमेरिकी रक्षा विभाग ने कहा है कि चीन एलएसी पर अपने दावे को लेकर दबाव बनाने के लिए उत्तरोत्तर वृद्धि के साथ और तरकीबी कार्रवाई जारी रखे हुए है, जबकि वह सीमा पर तनाव घटाने के लिए भारत के साथ राजनयिक व सैन्य स्तर की वार्ता भी कर रहा है।

इसने कहा, ‘‘2020 में कभी चीन ने अपने तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र और एलएसी के पूर्वी क्षेत्र में भारत के अरूणाचल प्रदेश राज्य के बीच विवादित भू-भाग पर 100 घरों वाला आम नागरिक का एक बड़ा गांव निर्मित किया। ’’

पूर्वी थल सेना कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल मनोज पांडे ने पिछले महीने कहा था कि नये गांव सीमा के उस ओर चीनी क्षेत्र में कुछ खास भू-भाग पर निर्मित किये गये हैं और भारत ने अपनी अभियानगत रणनीति का संज्ञान लिया है।

उल्लेखनीय है कि एलएसी पर दोनों ओर संवदेनशील क्षेत्र में करीब 50,000 से 60,000 सैनिक तैनात हैं।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

क्रिकेटRR vs MI: राजस्थान रॉयल्स का IPL 2026 में अजेय अभियान जारी, मुंबई इंडियंस को 27 रनों से हराया, शीर्ष पर पहुंची

क्रिकेटयशस्वी जायसवाल ने MI के गेंदबाजों की उखेड़ी बखिया, छक्के लगाकर 'सेंचुरी ऑफ़ मैक्सिमम्स' क्लब में हुए शामिल

क्रिकेटRR vs MI: वैभव सूर्यवंशी ने बुमराह को भी नहीं बख़्शा, एमआई पेसर को जड़े 2 छक्के | VIDEO

विश्व'अगले 48 घंटों तक घर के अंदर ही रहें' : ईरान में मौजूद नागरिकों के लिए भारतीय दूतावास तत्काल सुरक्षा एडवाइज़री जारी की

ज़रा हटकेक्या है नंदगोपाल गुप्ता नंदी और यूपी के उन्नाव में चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी का नाता?

भारत अधिक खबरें

भारतNagpur: पवनी सफारी में दिखा दुर्लभ ‘काला चीतल’, पर्यटकों में बढ़ा रोमांच

भारत‘अपने स्तर को नीचे न गिराएं’: मल्लिकार्जुन खड़गे के ‘गुजरात के लोग अनपढ़ हैं’ वाले बयान पर शशि थरूर की सलाह

भारत'इस बार पाकिस्तान के कितने टुकड़े होंगे ये तो सिर्फ ऊपरवाला जानता है', राजनाथ सिंह ने PAK के रक्षामंत्री ख्वाजा आसिफ की धमकी का दिया करारा जवाब

भारत403 करोड़ रुपए खर्च?, योगी सरकार का सियासी दांव, बीआर अंबेडकर की मूर्ति पर लगेगा छत्र

भारतमहाराष्ट्र सरकार ने ऑटो और टैक्सी चालकों के लिए मराठी भाषा टेस्ट अनिवार्य रूप से किया शुरू