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वक्फ बोर्ड की नियुक्तियों को पीएससी पर छोड़ने के मुद्दे पर विजयन ने समस्त के नेताओं के साथ की बैठक

By भाषा | Updated: December 7, 2021 14:09 IST

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तिरुवनंतपुरम, सात नवंबर वक्फ बोर्ड की नियुक्तियां राज्य लोक सेवा आयोग (पीएससी) को सौंपने के एलडीएफ सरकार के कदम पर मचे विवाद के बीच, केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने मंगलवार को प्रभावशाली ‘समस्त केरल जमीयतुल उलेमा’ के नेताओं के साथ बातचीत की और उन्हें आश्वासन दिया कि अंतिम फैसला किए जाने से पहले इस पर विस्तृत चर्चा की जाएगी।

‘समस्त’ के नेताओं के साथ बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य में मुस्लिम धार्मिक बोर्ड में नियुक्ति के लिए पीएससी को अधिकृत करने पर, मुस्लमानों के अलावा किसी और धर्म के लोगों को वक्फ बोर्ड में नौकरी दिए जाने की खबरों को ‘‘बेबुनियाद’’ बताया।

मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने एक बयान में बताया कि विजयन ने ‘समस्त’ के नेताओं को बताया कि नियुक्ति के लिए पीएससी को अधिकृत करने का फैसला वक्फ बोर्ड ने ही किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘ वक्फ बोर्ड ने फैसला किया और सरकार को इसकी जानकारी दी। यह सरकार का सुझाव नहीं था। सरकार इस मामले को लेकर हठी नहीं हो रही है।’’

विजयन ने उनसे वादा किया कि इस संबंध में अंतिम निर्णय करने से पहले विस्तृत चर्चा की जाएगी। उन्होंने कहा कि कोई भी फैसला किए जाने तक यथा स्थिति बनी रहेगी।

बैठक के बाद ‘समस्त’ नेताओं ने मुख्यमंत्री के साथ अपनी चर्चा के परिणाम पर संतोष व्यक्त किया, लेकिन वक्फ बोर्ड की नियुक्तियों को पीएससी को सौंपने के निर्णय को रद्द करने की अपनी मांग पर कायम रहे।

समस्त नेताओं ने कहा कि वे इस मामले पर भविष्य की कार्रवाई पर चर्चा करेंगे।

बैठक में समस्त नेताओं के अली कुट्टी मुसलियार, के उमर फैजी मुक्कम, अद्रीसरी हम्सा कुट्टी मुसलियार, डॉ. एनएएम अब्दुल कादर, अब्दुस्समद पुकोट्टूर, के. मोइनकुट्टी मास्टर और ओनामपिल्ली मुहम्मद फैजी शामिल हुए।

‘इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग’ (आईयूएमएल) ने इसे एक बड़े राजनीतिक मुद्दे के रूप में उठाने और एलडीएफ सरकार पर मुस्लिम समुदाय के प्रति शत्रुतापूर्ण दृष्टिकोण अपनाने का आरोप लगाने के बाद मुख्यमंत्री ने समस्त नेताओं के साथ बैठक की।

इससे पहले, समस्त नेतृत्व ने वक्फ नियुक्तियों को लेकर एलडीएफ सरकार के खिलाफ अभियान शुरू करने के लिए मस्जिदों में शुक्रवार की सभा का उपयोग करने के आईयूएमएल के कदम का विरोध किया था।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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