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उत्तराखंड: रूड़की गिरिजाघर हमले में कोई गिरफ्तारी नहीं

By भाषा | Updated: October 4, 2021 21:57 IST

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देहरादून, चार अक्टूबर उत्तराखंड पुलिस ने रूड़की गिरिजाघर हमले के आरोपियों को पकड़ने के लिए सोमवार को हरिद्वार जिले और उसके आसपास के क्षेत्रों में कई जगह दबिश दी लेकिन उसे सफलता नहीं मिली।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि रूड़की के सोलानीपुर में रविवार को हुई इस घटना के संबंध में पुलिस की टीमों ने आरोपियों की तलाश में कई जगह दबिश दी। रूड़की के पुलिस क्षेत्राधिकारी विवेक कुमार ने बताया कि गिरिजाघर पर हमले के संबंध में आठ नामजद और 150—200 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गयी है।

इस बीच, उत्तराखंड सरकार ने हिंसा की घटनाओं की आशंका को देखते हुए प्रदेश में सभी जिलाधिकारियों को तीन माह के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा कानून का उपयोग करने का अधिकार दे दिया है।

प्रदेश के पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने कहा कि गिरिजाघर पर हमला करने वाले उपद्रवियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

उधर, दूसरे पक्ष की तरफ से भी पुलिस को शिकायत देकर आरोप लगाया गया है कि गिरिजाघर में लोगों को धन और नौकरी का लालच देकर जबरन धर्मांतरण कराया जा रहा था और इसके लिए राजी न होने वाले लोगों के साथ गाली गलौज की गई।

हालांकि, अशोक कुमार ने स्पष्ट किया कि हमला, तोड़-फोड़ जैसी हिंसक घटनाएं किसी भी स्थिति में 'स्वीकार्य' नहीं हैं और उन्होंने अधिकारियों को इस प्रकार की हिंसक गतिविधियों में लिप्त लोगों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘हमने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि जिन्होंने हमला और तोड़-फोड़ की है, उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। प्रदेश में इस प्रकार की घटनाएं किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं हैं।’’ कुमार ने बताया कि गिरिजाघर और आसपास के इलाकों में पर्याप्त पुलिस बल तैनात है और वहां मुस्तैदी से गश्त की जा रही है।

इस बीच, उत्तराखंड सरकार के अपर मुख्य सचिव आनंद बर्धन द्वारा यहां जारी एक अधिसूचना में एक अक्टूबर से 31 दिसंबर 2021 तक तीन माह के लिए प्रदेश के सभी 13 जिलों के जिलाधिकारियों को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के उपयोग का अधिकार दिया गया है।

अधिसूचना के अनुसार, पिछले दिनों उत्तराखंड के कुछ जिलों में हिंसा की घटनाएं हुई हैं और उनकी प्रतिक्रियास्वरूप भी ऐसी घटनाएं हुई हैं, भविष्य में राज्य के अन्य भागों में ऐसी घटनाएं होने की आशंका के मददेनजर यह निर्णय लिया गया है।

रविवार को सैकड़ों उपद्रवियों ने जबरन धर्मांतरण का आरोप लगाते हुए रूड़की गिरिजाघर पर हमला कर दिया था। आरोप है कि उन्होंने गिरिजाघर में रखे गमले तोड़ दिए और वहां लगे पखों तथा फर्नीचर को भी नुकसान पहुंचाया और वहां मौजूद लोगों के विरोध करने पर उनके साथ मारपीट भी की।

उपद्रवियों के सत्ताधारी भाजपा के आनुषांगिक संगठनों से संबंध होने के आरोपों के बारे में पूछे जाने पर प्रदेश भाजपा के मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने कहा कि पार्टी के संज्ञान में उसके किसी पदाधिकारी के इन गतिविधियों में संलिप्त होने की बात नहीं आई है।

उन्होंने कहा, ‘‘हमारी सरकार धर्मांतरण को लेकर पूरी तरह से सजग है और धर्मांतरण का विरोध करती है। लेकिन इस तरह की गतिविधियों का हम समर्थन नहीं करते। मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है और जो दोषी पाया जाएगा, उस पर कार्रवाई होगी।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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