कौन बनेगा डीजीपी?, सुप्रीम कोर्ट की सख्ती, योगी सरकार ने इन नामों को भेजा, देखिए लिस्ट में कौन अधिकारी शामिल?

By राजेंद्र कुमार | Updated: March 19, 2026 18:02 IST2026-03-19T18:01:48+5:302026-03-19T18:02:56+5:30

अधिकारियों के अनुसार हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब, हिमाचल प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, गोवा, मणिपुर और मिजोरम को इस मामले में अवमानना नोटिस जारी किया था.

uttar pradesh new police boss Who become DGP Supreme Court's strictness Yogi government sent these names see which officer list | कौन बनेगा डीजीपी?, सुप्रीम कोर्ट की सख्ती, योगी सरकार ने इन नामों को भेजा, देखिए लिस्ट में कौन अधिकारी शामिल?

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Highlightsसुप्रीम कोर्ट ने देश के सभी राज्यों को नियमों के अनुसार पूर्णकालिक डीजीपी तैनात करने को कहा था.मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई भी हो रही है और आगामी 01 अप्रैल को सुनवाई होनी है.सरकार के इस कदम से अब प्रदेश में पूर्णकालिक डीजीपी की तैनाती का रास्ता साफ हो गया है. 

लखनऊः उत्तर प्रदेश की योगी सरकार चार वर्षों से प्रदेश में पूर्णकालिक (स्थायी) पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) की तैनाती करने में आनाकानी कर रही थी. 11 मई 2022 को डीजीपी के पद से मुकुल गोयल को हटाने के बाद योगी सरकार ने अभी तक कार्यवाहक डीजीपी तैनात कर रही थी. जबकि सुप्रीम कोर्ट ने देश के सभी राज्यों को नियमों के अनुसार पूर्णकालिक डीजीपी तैनात करने को कहा था.

इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई भी हो रही है और आगामी 01 अप्रैल को सुनवाई होनी है. अधिकारियों के अनुसार हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब, हिमाचल प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, गोवा, मणिपुर और मिजोरम को इस मामले में अवमानना नोटिस जारी किया था. कोर्ट की इस सख्ती को देखते हुए ही प्रदेश सरकार ने पूर्णकालिक डीजीपी की तैनाती के लिए संघ लोक सेवा आयोग को आईपीएस अधिकारियों के नाम का पैनल भेज दिया है. सरकार के इस कदम से अब प्रदेश में पूर्णकालिक डीजीपी की तैनाती का रास्ता साफ हो गया है. 

इसलिए लिया गया फैसला

गृह विभाग के अफसरों के अनुसार, प्रदेश की सत्ता पर काबिज होने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सुलखान सिंह को प्रदेश का डीजीपी बनाया था. इसके बाद ओपी सिंह, एचसी अवस्थी और मुकुल गोयल ने सूबे के पूर्णकालिक डीजीपी बने. इसके बाद किसी बात से नाराज होकर मुख्यमंत्री योगी ने 11 मई 2022 को मुकुल गोयल की डीजीपी के पद हटा दिया.

उसके बाद 13 मई 2022 को देवेंद्र सिंह चौहान को सूबे का कार्यवाहक डीजीपी बनाया. इसके बाद आरके विश्वकर्मा, विजय कुमार और प्रशांत कुमार भी सूबे के कार्यवाहक डीजीपी बने .ऐसा नहीं है कि प्रदेश सरकार ने मुकुल गोयल को हटाए जाने के बाद पूर्णकालिक डीजीपी की तैनाती के लिए प्रयास नहीं किया.

सरकार ने देवेंद्र सिंह चौहान को पूर्णकालिक डीजीपी बनाने के लिए आयोग को आईपीएस अफसरों पैनल भेजा था तो आयोग ने मुकुल गोयल को हटाए जाने की वजह सरकार से पूछ ली. सरकार ने आयोग को इस संबंध में कोई उत्तर नहीं दिया और राज्य में कार्यवाहक डीजीपी तैनात कर कामकाज करने लगी.

इस बीच सरकार ने पूर्णकालिक डीजीपी तैनात करने के लिए पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश चयन एवं नियुक्ति नियमावली-2024 बनाई. परंतु इस नियमावली के मुताबिक राज्य में स्थायी डीजीपी की तैनाती का प्रयास नहीं किया और अब आयोग को पूर्णकालिक डीजीपी की तैनाती का पैनल भेजा है. सरकार के इस फैसले को लेकर कहा जा रहा है कि चूंकि इस मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में कुछ दिनों में होनी है, इसलिए सरकार ने यह कदम उठाया है.

इन अफसरों ने नाम आयोग को भेजे गए

गृह विभाग के अफसरों के मुताबिक, सरकार ने स्थायी डीजीपी की नियुक्ति के लिए अफसरों का पैनल संघ लोक सेवा आयोग को भेजा है. उसमें वर्ष 1990 से 1996 बैच के तीन दर्जन से अधिक अधिकारियों के नाम हैं. आयोग वरिष्ठता के आधार पर तीन अधिकारियों को चिन्हित कर उनके नाम राज्य सरकार को भेजेगा.

इसके बाद सरकार इनमें से किसी एक का चयन डीजीपी के पद के लिए करेगी. बताया जा रहा है कि वर्ष 1990 बैच की रेणुका मिश्रा के अलावा 1991 बैच के आलोक शर्मा, पीयूष आनंद और मौजूदा कार्यवाहक डीजीपी राजीव कृष्ण के नाम भी आयोग को भेजे गए पैनल में शामिल हैं. वर्तमान में आईपीएस अफसरों की वरिष्ठता सूची में वर्ष 1990 बैच की आईपीएस एवं डीजी रेणुका मिश्रा का नाम सबसे ऊपर है.

रेणुका मिश्रा वर्ष 2024 से डीजीपी ऑफिस से अटैच हैं और उन्होने वीआरएस के लिए भी अप्लाई किया हुआ है. इनके बाद केंद्र में तैनात वर्ष 1991 बैच के आलोक शर्मा जो डीजी एसपीजी के पद पर कार्यरत हैं. पीयूष आनंद जो एनडीआरएफ के डीजी हैं के बाद वर्तमान डीजीपी राजीव कृष्ण का नाम है.

आलोक शर्मा को उत्तर प्रदेश में लंबी फील्ड पोस्टिंग का अनुभव है. माना जा रहा है कि आयोग को भेजे गए तीन दर्जन अफसरों में से सीनियर अफसरों के जो तीन नाम आयोग सरकार को भेजेगा उनमे  से योगी सरकार राजीव कृष्ण के नाम पर ही मुहर लगाएगी, क्योंकि उन्हें मुख्यमंत्री का चहेता अधिकारी माना जाता है.

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