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उत्तर प्रदेश सरकार का बजट बेरोजगार, नौजवान, किसान, महिला विरोधी : विपक्ष

By भाषा | Updated: February 25, 2021 22:23 IST

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लखनऊ, 25 फरवरी उत्तर प्रदेश विधानसभा में बृहस्पतिवार को बजट पर चर्चा के दौरान विपक्ष ने इसे तथ्यहीन, बेरोजगार, किसान विरोधी बताते हुए कहा कि इससे आम जनता का कोई भला नहीं होने वाला।

विधानसभा में वार्षिक बजट पर चर्चा के दौरान समाजवादी पार्टी विधायक दल के नेता राम गोविंद चौधरी ने कहा कि यह सरकार का पेपर लेस नहीं बल्कि हर बात से लेस बजट है। यह तथ्यहीन, बेरोजगार, किसान, नौजवान, महिला विरोधी बजट है। यह बजट कॉरपोरेट घरानों को मजबूत करने वाला है इससे आम जनता का कोई भला होने वाला नहीं है।

उन्होंने कहा कि सरकार पिछले बजट का आधा धन भी नहीं खत्म कर पायी है और फिर एक बार भारी भरकम बजट लेकर आ गयी है। मंहगाई लगातार बढ़ रही है, आम जनता परेशान है लेकिन डबल इंजन वाली सरकार कुछ कर नहीं पा रही है।

बहुजन समाज पार्टी के नेता लालजी वर्मा ने कहा कि उत्तर प्रदेश नंबर एक बने, लेकिन यह कहने से और केवल घोषणायें करने से नहीं होगा, इसके लिये जरूरी है कि सरकार के पास इच्छा शक्ति हो, कानून व्यवस्था अच्छी हो, पक्षपात पूर्ण निर्णय ना हो, सबका साथ सबका विकास नारा नहीं बल्कि वास्तविकता बने।

उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि इस सरकार के पास कोई 'भभूत' है कि बिना बजट खर्च किये, बिना वित्तीय संसाधन के प्रदेश को स्वर्ग बनाने का काम कर रही है, क्योंकि सरकार पिछले बजट का पैसा ही नहीं खर्च कर पायी है। सरकार ने कहा था कि किसान की आमदनी दोगुनी करेंगे, नौजवानों को रोजगार देंगे, छात्राओं को डिग्री कॉलेज तक नि:शुल्क शिक्षा दी जायेगी जैसे तमाम वायदे किये थे। चार साल बीत गये सरकार के, यह पांचवा बजट है लेकिन इसमें भी इस तरह की कोई व्यवस्था दिखाई नहीं पड़ती।’’

बसपा नेता ने कहा सरकार ने हर जिला अस्पताल को मेडिकल कॉलेज का दर्जा दे दिया लेकिन केवल मेडिकल कॉलेज का दर्जा देने से प्रदेश का विकास नहीं होगा। केवल एमबीबीएस की पढ़ाई शुरू कर दी जाए लेकिन शिक्षक ना हों तो उससे क्या लाभ होगा। इसके लिये पहले संसाधन जुटाने चाहिये थे।

किसानों के मुद्दो पर उन्होंने कहा कि किसान की आमदनी तो नहीं बढ़ी लेकिन उनका लागत मूल्य जरूर बढ़ा दिया गया, इससे प्रदेश का किसान परेशान है।

सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के नेता ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि सरकार का यह बजट किसी भी वर्ग को हित पहुंचाने वाला नहीं है।

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने सोमवार को वित्तीय वर्ष 2021—22 के लिये राज्य विधानसभा में 5,50,270.78 करोड़ रुपये का बजट पेश किया था।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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