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यूपी सरकार ने किया बड़ा ऐलान, भूतपूर्व सैनिकों को समूह 'ख' के पदों में पांच प्रतिशत आरक्षण, जानिए मामला

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: October 12, 2020 13:55 IST

उत्तर प्रदेश के मूल निवासी भारतीय सेना, केन्द्रीय अर्द्ध सैन्य बलों/प्रदेशों के अर्द्ध सैन्य बलों के शहीद के परिवार को दी जा रही 25 लाख रुपये की अनुग्रह आर्थिक सहायता बढ़ाकर 50 लाख रुपये की गई है।

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ठळक मुद्देउत्तर प्रदेश वह प्रांत है, जहां से सर्वाधिक लोग सेना में जाते हैं। राज्य में बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक हैं।प्रवक्ता ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा शहीद सैनिकों के आश्रितों को सेवायोजित किए जाने की व्यवस्था भी की गई है।एक अप्रैल, 2017 के पश्चात शहीद होने वाले सैनिकों व अर्द्धसैनिक बलों के आश्रितों को शासकीय सेवा में लिए जाने का निर्णय लिया गया।

लखनऊः उत्‍तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश के मूल निवासी भूतपूर्व सैनिकों को राज्‍य सरकार के अधीन समूह 'ख' के पदों में पांच प्रतिशत आरक्षण प्रदान करने का निर्णय लिया है।

सरकार की ओर से जारी एक बयान में मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने कहा कि इस फैसले से भारतीय सेना के भूतपूर्व अधिकारियों तथा कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा और उनके परिवार को प्रभावी संबल प्राप्त होगा। राज्य सरकार के प्रवक्ता ने बताया, ‘‘ उत्तर प्रदेश वह प्रांत है, जहां से सर्वाधिक लोग सेना में जाते हैं। राज्य में बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक हैं।

वर्तमान सरकार सैनिकों, भूतपूर्व सैनिकों एवं उनके परिवारों के कल्याण के लिए संवेदनशील है। उत्तर प्रदेश के मूल निवासी भारतीय सेना, केन्द्रीय अर्द्ध सैन्य बलों/प्रदेशों के अर्द्ध सैन्य बलों के शहीद के परिवार को दी जा रही 25 लाख रुपये की अनुग्रह आर्थिक सहायता बढ़ाकर 50 लाख रुपये की गई है।’’

प्रवक्ता ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा शहीद सैनिकों के आश्रितों को सेवायोजित किए जाने की व्यवस्था भी की गई है। इस संबंध में सशस्त्र सेना के तीनों सेनाओं (थल, नौ एवं वायु सेना) और अर्द्धसैनिक बलों में कार्यरत रहते हुए कर्तव्यपालन के दौरान एक अप्रैल, 2017 के पश्चात शहीद होने वाले सैनिकों व अर्द्धसैनिक बलों के आश्रितों को शासकीय सेवा में लिए जाने का निर्णय लिया गया।

इसके लिए 19 मार्च, 2018 को ‘उत्तर प्रदेश के मूल निवासी शहीद सैनिकों के आश्रितों को अनुकम्पा नियुक्ति के सम्बन्ध में कार्यकारी आदेश’ जारी किया गया। इससे पूर्व, शहीद सैनिकों एवं अर्द्धसैनिक बलों के आश्रितों को शासकीय सेवा में लिए जाने की व्यवस्था नहीं थी। वर्तमान में राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के वीरता पुरस्कारों से सम्मानित पदक विजेताओं को एकमुश्त व वार्षिकी उच्च दरों से दी जा रही है।

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