उत्तर प्रदेश उपचुनाव 2026ः घोसी, फरीदपुर और दुद्धी विधानसभा सीट पर पड़ेंगे वोट?, 2027 विस चुनाव से पहले सेमीफाइनल, सीएम योगी-अखिलेश यादव में टक्कर?
By राजेंद्र कुमार | Updated: April 3, 2026 17:31 IST2026-04-03T17:29:51+5:302026-04-03T17:31:09+5:30
Uttar Pradesh by-elections 2026: सुधाकर सिंह ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के दारा सिंह चौहान को चुनाव हराकर इस सीट पर कब्जा जमाया था.

Uttar Pradesh by-elections 2026
लखनऊः उत्तर प्रदेश की तीन विधानसभा सीटों पर चुनाव आयोग उपचुनावों की घोषणा इसी महीने करेगा. राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा के अनुसार, प्रदेश में वोटर लिस्ट के हो रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) की प्रक्रिया के पूरा होने का इंतजार किया जा रहा है. इसी 10 अप्रैल को वोटर लिस्ट जारी होनी है, इसके के बाद तीन सीटों पर होने वाले उपचुनाव के कार्यक्रम को अंतिम रूप देकर चुनाव की तारीख का ऐलान किया जाएगा. चुनाव आयोग के इस कार्यक्रम का सत्ता पर काबिज योगी सरकार को और समाजवादी पार्टी (सपा) के मुखिया अखिलेश यादव को इंतजार है. इस दोनों की दलों ने उप चुनाव में लड़ने वाले उम्मीदवारों के नाम फाइनल कर रहे हैं, जबकि बहुजन समाज पार्टी (बसपा) इस चुनाव से दूर रहेगी क्योंकि बसपा में उपचुनाव में हिस्सा न लेने का नियम है.
इन सीटों पर चुनाव कराने की तैयारी
गौरतलब है कि सूबे की घोसी, फरीदपुर और दुद्धी विधानसभा सीट वहां के विधायकों के निधन के कारण खाली चल रही है. मऊ की घोसी सीट गत 20 नवंबर को सपा विधायक सुधाकर सिंह के निधन से चलते खाली हुई थी. सुधाकर सिंह ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के दारा सिंह चौहान को चुनाव हराकर इस सीट पर कब्जा जमाया था.
जबकि बरेली जिले की फरीदपुर विधानसभा सीट पर चुनाव जीते भाजपा के श्याम बिहारी लाल का जनवरी के पहले सप्ताह में हार्ट अटैक से निधन होने के कारण यह सीट रिक्त हो गई. भाजपा के टिकट पर दूसरी बार विधायक बने श्याम बिहारी लाल ने यह सीट महज 2921 वोटों से जीती थी. वहीं सोनभद्र की दुद्धी विधानसभा सीट सपा विधायक विजय सिंह गोंड के निधन से रिक्त हुई है.
अब इन तीनों सीटों पर अब उप चुनाव होना है. मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अनुसार, रिक्त सीट पर छह माह की भीतर चुनाव कराना है. अगर कोई असामान्य हालत नहीं हैं या विधानसभा चुनाव कराने में एक साल से कम समय न बचा हो तो छह माह के भीतर चुनाव कराया जाता है.
अब चूंकि अगले माह के अंत में घोसी सीट के रिक्त हुए करीब छह माह हो जाएंगे. इसलिए अप्रैल-मई में ही चुनावी प्रक्रिया पूरी होनी है. ऐसे में 10 अप्रैल को वोटर लिस्ट जारी होने के बाद इन तीनों सीटों पर चुनाव करने की तारीख घोषित किए जाने की उम्मीद है. मुख्य निर्वाचन अधिकारी का कहना है कि इन तीनों सीटों पर चुनाव करने के लिए आयोग की तैयारी पूरी हैं.
उपचुनाव से बनेगा मोमेंटम
विधानसभा चुनाव के पहले इन तीन सीटों पर होने वाले उपचुनाव को मोमेंतम की लड़ाई बताया जा रहा है. जिन तीन सीटों पर उपचुनाव होना है, उनमें दो सपा और एक भाजपा के पास थी. कहा जा रहा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ चाहते हैं कि उप चुनाव में इन तीनों सीटें भाजपा के उम्मीदवार चुनाव जीते, ताकि विधानसभा चुनाव के पहले सपा को झटका दिया जा सके.
लेकिन यह आसान नहीं है क्योंकि घोसी सीट पर सीएम योगी के तमाम प्रयास के बाद भी सुधाकर सिंह ने दारा सिंह चौहान को शिकस्त दी थी. दुद्धी विधानसभा सीट पर भी सीएम योगी सपा विधायक विजय सिंह गोंड को जीतने से रोक नहीं सके. इन दोनों ही सीटों पर सपा का वोट बैंक मजबूत है और उसे सत्ता के प्रभाव से रोका नहीं जा सकता है. सपा मुखिया अखिलेश यादव भी यह जानते हैं.
इसलिए वह अपनी सीटों पर कब्जा बरकरार रखने के लिए घोसी सीट पर सुधाकर सिंह के बेटे और दुद्धी सीट पर विजय सिंह गोंड के परिवार के किसी व्यक्ति को चुनाव मैदान में उतारने का ऐलान कर चुके हैं. इसलिए अब इन तीनों ही सीटों पर सपा और भाजपा के बीच सीधा चुनावी संघर्ष होता दिखेगा. यह भी कहा जा रहा है कि इस उपचुनाव के चुनाव परिणाम से अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव का मोमेंटम भी बनता हुआ दिखेगा.