उपेंद्र कुशवाहा को फिर से राज्यसभा टिकट?, भाजपा के 2, जदयू के 2 और रालोमो के 1 होंगे प्रत्याशी
By एस पी सिन्हा | Updated: March 3, 2026 17:27 IST2026-03-03T17:25:17+5:302026-03-03T17:27:44+5:30
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने जानकारी दी कि 5 मार्च को एनडीए के सभी पांचों उम्मीदवार एक साथ नामांकन करेंगे।

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पटनाः बिहार में राज्यसभा चुनाव को लेकर जारी सियासी हलचल के बीच भाजपा ने पहले ही पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन और शिवेश राम को अपना उम्मीदवार घोषित कर चुकी है। इसके बाद एनडीए की ओर से राज्यसभा की एक सीट के लिए राष्ट्रीय लोक मोर्चा (रालोमो) के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेन्द्र कुशवाहा के नाम पर मुहर लगी है। उपेन्द्र कुशवाहा 5 मार्च को अपना नामांकन पत्र दाखिल करेंगे। रालोमो ने उन्हें आधिकारिक रूप से उम्मीदवार बनाया है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने जानकारी दी कि 5 मार्च को एनडीए के सभी पांचों उम्मीदवार एक साथ नामांकन करेंगे।
संजय सरावगी ने घोषणा की है कि बिहार की सभी पांच राज्यसभा सीटों पर एनडीए गठबंधन अपने उम्मीदवार उतारेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि एनडीए के पास पर्याप्त बहुमत है और उनके सभी पांचों प्रत्याशी चुनाव जीतकर सदन पहुंचेंगे। सीटों के बंटवारे की जानकारी देते हुए सरावगी ने बताया कि भाजपा की ओर से दो उम्मीदवार मैदान में होंगे।
जिनमें भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन और प्रदेश उपाध्यक्ष शिवेश कुमार राम शामिल हैं। वहीं, राष्ट्रीय लोक मोर्चा (रालोमो) के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा एनडीए के साझा उम्मीदवार के तौर पर राज्यसभा के लिए नामांकन करेंगे। संजय सरावगी के अनुसार, पांच सीटों में से भाजपा के दो और जदयू के दो उम्मीदवार होंगे।
शेष एक सीट रालोमो के खाते में गई है, जिसपर उपेंद्र कुशवाहा अपना पर्चा दाखिल करेंगे। उल्लेखनीय है कि शिवेश कुमार राम भाजपा के सासाराम से पूर्व प्रत्याशी रहे हैं, उन्हें पांचवें प्रत्याशी के तौर पर मैदान में उतारा गया है। संजय सरावगी ने स्पष्ट किया कि एनडीए के सभी उम्मीदवार आगामी 5 मार्च को सामूहिक रूप से अपना नामांकन पत्र दाखिल करेंगे।
इस दौरान एनडीए के तमाम दिग्गज नेताओं के मौजूद रहने की संभावना है। जदयू भी जल्द लिस्ट जारी कर सकता है। रालोमो के द्वारा भी राज्यसभा चुनाव के लिए पार्टी का आधिकारिक उम्मीदवार घोषित कर दिया गया है। वे एनडीए समर्थित प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ेंगे। पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता नितिन भारती ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर इसकी जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि एनडीए के शीर्ष नेतृत्व से विचार-विमर्श के बाद यह फैसला लिया गया है। इसी के साथ पवन सिंह को लेकर चल रहे कयासों पर भी विराम लग गया है। उनके नाम की चर्चा हो रही थी, लेकिन उम्मीदवार घोषित न होने से अब उनकी संभावनाएं समाप्त हो गई हैं। राज्यसभा चुनाव को लेकर बिहार की राजनीति में गतिविधियां तेज हो गई हैं और 5 मार्च का दिन राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है।
एनडीए के फार्मूले के तहत भाजपा के 2, जदयू के 2 और रालोमो के 1 उम्मीदवार मैदान में होंगे। अब सबकी निगाहें महागठबंधन की ओर से तय किए जाने वाले उम्मीदवार पर टिकी होगी। अगर छठे प्रत्याशी मैदान में होंगे तब नौबत चुनाव की होगी, अन्यथा पांचों उम्मीदवार निर्विरोध जीत जा सकते हैं।
