महाकुंभ के वैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक पक्षों पर विचार रखे, केसी त्यागी ने सामाजिक समरसता पर बल दिया
By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: April 1, 2026 21:40 IST2026-04-01T21:39:49+5:302026-04-01T21:40:31+5:30
डॉ. जूही बिरला, डॉ. निशा यादव, डॉ. मणि अरोड़ा, डॉ.विनीता सिंह , डॉ. माधुरी पाल एवं अन्य का महती भूमिका विशेष रूप से सराहनीय रही।

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गौतम बुद्ध नगरः कुमारी मायावती राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय, बादलपुर में “महाकुंभ-2025: आस्था, सौहार्द एवं संस्कृति के संगम का पर्व” विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्य प्रो. डॉ. अनीता रानी राठौर, मुख्य अतिथि केसी त्यागी एवं अन्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। प्राचार्य ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए आयोजन की सराहना की। संयोजक डॉ. कनकलता ने संगोष्ठी के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला।
उद्घाटन सत्र में पूर्व वाइस चांसलर, प्रो. सुखदेव भोई एवं जेएनयू के प्रो. डॉ. सुधीर कुमार ने महाकुंभ के वैदिक, सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक महत्व पर विचार प्रस्तुत किए, जबकि पूर्व सांसद केसी त्यागी ने सामाजिक समरसता पर बल दिया। तीन तकनीकी सत्रों में लगभग 200 प्रतिभागियों ने ऑनलाइन एवं ऑफलाइन माध्यम से शोध पत्र प्रस्तुत किए।
डॉ. देशराज एवं डॉ. अरविंद कुमार ने विषय की समकालीन प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। समापन सत्र में मुख्य अतिथि प्रो. वाचस्पति मिश्र, एवं विषय विशेषज्ञ डॉ. विजय शंकर द्विवेदी ने महाकुंभ के वैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक पक्षों पर विचार रखे। कार्यक्रम का सफल बनाने व प्रबंधन में डॉ. संजीव कुमार, डॉ. जूही बिरला, डॉ. निशा यादव, डॉ. मणि अरोड़ा, डॉ.विनीता सिंह , डॉ. माधुरी पाल एवं अन्य का महती भूमिका विशेष रूप से सराहनीय रही।