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अखिलेश सरकार में BJP MLA संगीत सोम के खिलाफ मुजफ्फरनगर दंगे सहित दर्ज हुए थे 7 मामले, योगी सरकार वापस लेने की तैयारी में

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: August 14, 2019 15:49 IST

प्रदेश के विधि मंत्री ब्रजेश पाठक ने बुधवार को बताया कि सोम ने पिछले विधानसभा सत्र के दौरान सरकार को उनके खिलाफ सात मामलों को लेकर एक पत्र दिया था। संबद्ध जिला प्रशासन से रिपोर्ट मांगी गयी है। पाठक ने बताया कि एक बार रिपोर्ट आ जाने पर फाइल प्रमुख सचिव (गृह) को भेजी जाएगी और उसके बाद फाइल वापस सरकार के पास आएगी।

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ठळक मुद्देअधिकारियों ने बताया कि सोम के खिलाफ 2013 से 2017 के बीच सात मामले दर्ज किये गये थे। इनमें से चार मामले मुजफ्फरनगर तथा एक एक मामला सहारनपुर, मेरठ और गौतमबुद्ध नगर का है।

उत्तर प्रदेश सरकार ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के संबद्ध जिला प्रशासन से भाजपा के विवादास्पद विधायक संगीत सोम से जुडी रिपोर्ट तलब की है ताकि उनके खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने की संभावना तलाशी जा सके।

प्रदेश के विधि मंत्री ब्रजेश पाठक ने बुधवार को बताया कि सोम ने पिछले विधानसभा सत्र के दौरान सरकार को उनके खिलाफ सात मामलों को लेकर एक पत्र दिया था। संबद्ध जिला प्रशासन से रिपोर्ट मांगी गयी है। पाठक ने बताया कि एक बार रिपोर्ट आ जाने पर फाइल प्रमुख सचिव (गृह) को भेजी जाएगी और उसके बाद फाइल वापस सरकार के पास आएगी।

उन्होंने कहा कि मामलों का ब्यौरा उन्हें नहीं पता है और कोई और सूचना साझा करने से पहले उन्हें फाइल देखनी पड़ेगी। पाठक ने कहा कि फिलहाल सभी चीजें प्रारंभिक चरण में हैं। अधिकारियों ने बताया कि सोम के खिलाफ 2013 से 2017 के बीच सात मामले दर्ज किये गये थे। इनमें से चार मामले मुजफ्फरनगर तथा एक एक मामला सहारनपुर, मेरठ और गौतमबुद्ध नगर का है।

इससे पहले, मुजफ्फरनगर जिला के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इनमें से एक मामला सोशल मीडिया पर डाले गए एक फर्जी लेकिन भड़काऊ वीडियो से संबंधित है जिसमें सोम को ‘क्लीन चिट’ मिल चुकी है। मुजफ्फरनगर दंगा मामलों की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) ने अप्रैल 2017 में, जांच अधिकारी द्वारा अदालत में अंतिम रिपोर्ट दाखिल किए जाने के बाद फर्जी वीडियो मामले में सोम को ‘क्लीन चिट’ दे दी थी।

एसआईटी का कहना था कि सरधना निर्वाचन क्षेत्र के विधायक के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिले हैं। विशेष जांच दल ने, 2013 में मुजफ्फरनगर जिले में सांप्रदायिक भावनाओं को भड़काने वाले वीडियो पर सीबीआई के जरिए अमेरिका स्थित फेसबुक, इंक से रिपोर्ट मांगी थी।

एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट के अनुसार फेसबुक ने केवल एक वर्ष का रिकॉर्ड रखने की बात कहते हुए इस संबंध में कोई भी जानकारी मुहैया कराने में खुद को असमर्थ बताया था। इस वीडियो को ‘लाइक’ करने वाले सोम और अन्य 200 लोगों के खिलाफ भादंवि की विभिन्न धाराओं और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66 के तहत दो सितम्बर 2013 को मामला दर्ज किया था।

वीडियो मे एक युवक को मारते हुए दिखाया गया था जिसके बाद मुजफ्फरनगर में दंगे भड़क गए थे। बाद में यह वीडियो करीब दो साल पुराना पाया गया, जो अफगानिस्तान या पाकिस्तान का था। दंगों में 60 से अधिक लोगों की जान गई थी और करीब 40,000 लोग विस्थापित हुए थे। 

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