यूपी सरकार के सोशल मीडिया सेल में काम करने वाले पार्थ ने आत्महत्या से पहले दोस्तों को किए थे मैसेज

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: May 23, 2021 18:51 IST2021-05-23T18:44:06+5:302021-05-23T18:51:37+5:30

पुलिस को पार्थ श्रीवास्तव की कथित आत्महत्या के मामले में नए सबूत हाथ लगे हैं। 28 वर्षीय पार्थ बीईसीआइएल (ब्रॉडकास्ट इंजीनियरिंग कंसल्टेंट्स इंडिया लिमिटेड) का कर्मचारी था। उसने मौत से पहले अपने कुछ दोस्तों को मैसेज किए थे। 

UP government social media handler message friends before suicide | यूपी सरकार के सोशल मीडिया सेल में काम करने वाले पार्थ ने आत्महत्या से पहले दोस्तों को किए थे मैसेज

पार्थ ने सुसाइड नोट में दो सहकर्मियों पर पीड़ित करने का आरोप लगाया है। (फोटोः पार्थ श्रीवास्तव के फेसबुक पेज से)

Highlightsबीईसीआइएल राज्य सरकार के सोशल मीडिया को संभालती है पार्थ ने आत्महत्या से पहले कई दोस्तों को मैसेज किए थे

लखनऊ पुलिस को उत्तर प्रदेश सरकार के सोशल मीडिया को संभालने वाली फर्म के लिए काम करने वाले पार्थ श्रीवास्तव की कथित आत्महत्या के मामले में नए सबूत हाथ लगे हैं। 28 वर्षीय पार्थ सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले भारत सरकार के बीईसीआइएल (ब्रॉडकास्ट इंजीनियरिंग कंसल्टेंट्स इंडिया लिमिटेड) का कर्मचारी था। उसने मौत से पहले अपने कुछ दोस्तों को मैसेज किए थे। 

न्यूज एजेंसी पीटीआई को उत्तर प्रदेश सरकार के एक आला अधिकारी ने बताया कि बीईसीआइएल राज्य सरकार के सोशल मीडिया को संभालती है और इसी फर्म ने पार्थ की नियुक्ति की थी। 

पुलिस को पार्थ श्रीवास्तव का शव 20 मई को लखनऊ के इंदिरा नगर में एक पंखे से लटकता मिला था। पार्थ ने कथित तौर पर एक सुसाइड नोट छोड़ा था। जिसमें उसने अपने सीनियर सहकर्मियों पर धोखा देने और पीड़ित करने का आरोप लगाया है। 

अपने एक बयान में लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट ने कहा है कि इंदिरा नगर पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आने वाले वैशाली एनक्लेव में पार्थ श्रीवास्तव ने 19 मई को पंखे से लटककर अपनी जान दे दी थी। उसी दिन पार्थ के पिता ने पुलिस को अपने बेटे की संदिग्ध मौत के बारे में बताया था। 

पार्थ ने कथित आत्महत्या से पहले चार दोस्तों को किया था मैसेज!  

पार्थ के पिता की शिकायत पर उसके दोनों सहकर्मियों के खिलाफ आइपीसी की धारा 306 के तहत एफआइआर दर्ज की गई है। पार्थ के पारिवारिक सदस्यों का कहना है कि उसने कथित सुसाइड नोट की कॉपी ट्विटर पर भी पोस्ट की थी, जिसे किसी अज्ञात व्यक्ति ने हटा दिया। लखनऊ पुलिस के सूत्रों के अनुसार, पार्थ ने मरने से पहले अपने चार दोस्तों को कथित आत्महत्या से पहले मैसेज किए थे।  

पार्थ ने अपने एक दोस्त को 19 मई की सुबह चार बजकर 50 मिनट पर मैसेज किया था। जिसमें उसने लिखा था कि भाई मैं छोड़कर जा रहा हूं। अपना ध्यान रखना। जिसके बाद उसके दोस्त ने दोपहर 12 बजकर एक मिनट पर प्रतिक्रिया दी, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और उसका मैसेज बिना पढ़े ही रह गया। 

साथ ही पार्थ ने अपने एक अन्य दोस्त को सुबह चार बजकर 54 मिनट पर मैसेज किया था। जिसमें उसने लिखा कि अगर मैंने तुम्हारा दिल दुखाया हो तो उसे भुला देना। जिसके बाद उस दोस्त ने सुबह छह बजकर 26 मिनट पर मैसेज किया कि क्या हुआ भाई? जवाब में 7 बजकर चार मिनट पर पार्थ ने कहा कि कुछ नहीं, बस जा रहा हूं। जिसके बाद दोस्त ने प्रतिक्रिया दी, लेकिन पार्थ की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। 

Web Title: UP government social media handler message friends before suicide

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