उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पिता आनंद सिंह बिष्ट का निधन सोमवार को दिल्ली स्थित एम्स में हो गया। 89 वर्षीय आनंद सिंह बिष्ट पिछले कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे। यह जानकारी अपर मुख्य सचिव (गृह) अवनीश अवस्थी ने दी है।
बता दें कि सीएम योगी के पिता उत्तराखंड के पौड़ी जिले में रहते हैं। आनंद सिंह बिष्ट (89) उत्तराखंड में फॉरेस्ट रेंजर के पद से 1991 में रिटायर हो गए थे। उसके बाद से ही वे अपने गांव में रह रहे हैं। उन्हें बीते महीने ज्यादा तबीयत खराब होने के बाद दिल्ली के एम्स लाया गया था।
एम्स के एक डॉक्टर ने बताया कि आंनद सिंह बिष्ट को मुख्य रूप से पेट की तकलीफ के चलते भर्ती किया गया था। इसके अलावा डिहाइड्रेशन, लो-बीपी और पैरों में गैंगरीन की समस्या थी।
यूपी के अपर मुख्य सचिव (गृह) अवनीश अवस्थी ने बताया, 'मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पिता का आज सुबह 10 बजकर 44 मिनट पर स्वर्गवास हो गया है। हम उनके निधन पर गहरी शोक संवेदना प्रकट करते हैं।'
मुख्यमंत्री कोरोना वायरस संकट पर अधिकारियों के साथ बैठक में थे जब उन्हें पिता के निधन की सूचना मिली लेकिन उन्होंने कोर टीम के अधिकारियों साथ बैठक जारी रखी।
उत्तर प्रदेश के सूचना निदेशक शिशिर ने 'पीटीआई-भाषा' को बताया, '' आज सुबह 10 बजे से मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में कोविड-19 के कोर ग्रुप के अधिकारियों की बैठक हो रही थी, उसी बीच उन्हें सूचना मिली कि उनके पिता का निधन हो गया लेकिन इसके बाद भी वह बैठक करते रहे और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश देने के बाद ही बैठक से उठे।''
बैठक में उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि कोटा से उत्तर प्रदेश लौटे सभी बच्चों को घर में आइसोलेशन में रखना सुनिश्चित कराया जाए। इसके साथ ही सभी बच्चों के मोबाइल में आरोग्य सेतु ऐप डाउनलोड कराने के बाद उनको घर भेजा जाए। शिशिर ने बताया कि पिता के निधन की सूचना के बाद भी मुख्यमंत्री करीब 45 मिनट तक बैठक में रहे ।
उन्होंने कहा कि आरोग्य सेतु ऐप डाउनलोड करने के बाद ही बच्चे घर भेजे जाएं और कहा कि जिन मेडिकल कॉलेजों में परीक्षण लैब नहीं है, वहां जांच लैब तत्काल स्थापित करने की व्यवस्था की जाए। योगी ने अधिकारियों को गरीबों को राशन बांटे जाने और सामुदायिक किचन की भी विस्तृत समीक्षा की। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने मुख्यमंत्री के पिता के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया।