UP Budget 2026: सीएम योगी के शासन का 10वां बजट पेश, रोजगार, विकास पर फोकस
By राजेंद्र कुमार | Updated: February 11, 2026 14:26 IST2026-02-11T14:21:59+5:302026-02-11T14:26:15+5:30
UP Budget 2026:मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नई योजनाओं के लिए 43,565 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए

UP Budget 2026: सीएम योगी के शासन का 10वां बजट पेश, रोजगार, विकास पर फोकस
UP Budget 2026: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार का 10वां बजट बुधवार को पेश किया गया. प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने विधानसभा में नौ लाख, बारह हजार 696 करोड़ (9,12,696.36) करोड़ रुपए का बजट पेश किया.विधान चुनाव से पहले यह दूसरे कार्यकाल का आखिरी पूर्ण बजट है. इस बजट में कई बड़े ऐलान किए हैं. योगी सरकार ने इस बजट में महिलाओं और युवाओं को लुभाने के लिए कई घोषणाएं की हैं.
Some highlights of #UttarPradeshbudget
— Puja Awasthi (@pujaawasthi) February 11, 2026
1. 44 sugar mills to be modernised creating 10 lakh jobs
2. Kukrail night safari gets Rs 207 cr
3. 100 cr for marriages of SC and BC girls, 50 cr for GC
4. 1500 cr for Surya Ghar Yojana
5. 3000 cr for widening & construction of roads pic.twitter.com/zFkfI7tOUQ
युवाओं को दस लाख नौकरी देने का वादा फिर किया गया है. साथ ही लड़कियों की शादी में एक लाख रुपए की मदद देने का ऐलान किया गया है. वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने सदन में 9.12 लाख करोड़ रुपए के बजट में पेश करते हुए दावा किया है कि बजट में निवेश, रोजगार, बुनियादी विकास और कल्याणकारी योजनाओं पर फोकस किया गया है.
वित्त मंत्री के अनुसार बीते साल पेश किए गए 8.08 लाख करोड़ रुपए के बजट की तुलना में इस बार के बजट में 12 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई है. इस बजट में 43 हजार करोड़ की नई योजनाओं का ऐलान किया गया है. बजट में 14 नए मेडिकल कॉलेज खोले जाने का ऐलान भी किया गया है.सूबे के अर्थशास्त्रियों का कहना है कि योगी सरकार का बजट का आकार पाकिस्तान-बांग्लादेश, नेपाल और भूटान से बड़ा है.
योजनाओं के लिए आवंटित धन का विवरण
सदन में पेश किए गए योगी सरकार के इस बजट में आने वाले चुनावों की तैयारी दिखी है. इस बजट में रोजगार के साथ शिक्षा पर फोकस किया गया.वित्त मंत्री सुरेश खन्ना के अनुसार, हमारी सरकार ने इस बजट में शिक्षा पर 12.4 प्रतिशत और स्वास्थ्य पर 6 प्रतिशत धन आवंटित किया है. पूंजीगत खर्च पर 19.5 प्रतिशत बजट रखा गया है. कृषि और संबद्ध सेवाओं के लिए कुल बजट का 9 प्रतिशत आवंटित किया गया है. वित्त मंत्री ने प्रदेश में 10 लाख युवाओं को नौकरी देने और बेटियों की शादी के लिए दी जाने वाली सहायता राशि को 50 हजार से बढ़ाकर 1 लाख रुपए किए जाने और महिलाओं के लिए अलग प्रशिक्षण केंद्र बनाए जाने का ऐलान किया.
इसके साथ ही उन्होने कौशल विकास मिशन के तहत 9.25 लाख युवाओं को ट्रेनिंग दिए जाने की जानकारी सदन को दी. प्रदेश में डिजिटल एंटरप्रन्योरशिप योजना पर कार्य करने, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के अगले चरण के रूप में जनविश्वास सिद्धांत के आधार पर उद्योगों को प्रोत्साहन प्रदान करने की भी उन्होंने घोषणा की. किसानों को लेकर उन्होंने यह ऐलान किया कि किसानों की आय बढ़ाने, लागत कम करने और कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने की दिशा में अपने प्रयास जारी रखेगी. इसके लिए प्रदेश में एग्री-एक्सपोर्ट हब की स्थापना की जाएगी. विश्व बैंक सहायतित यूपी एग्रीज परियोजना के अन्तर्गत यह कार्य किया जाएगा. वित्त मंत्री के अनुसार,प्रदेश में 43 हजार करोड़ की नई योजनाएं लॉन्च की जाएगी और स्टेट डाटा अथॉरिटी और डाटा सेंटर क्लस्टर की स्थापना होगी.
वित्त मंत्री के मुताबिक सड़क और सेतु निर्माण के लिए 34,468 करोड़ रुपए बजट में प्रस्तावित किए गए हैं. जबकि सड़कों के निर्माण और चौड़ीकरण के लिए तीन हजार करोड़ रुपए प्रस्तावित किए गए हैं. सिंचाई योजनाओं के लिए 18 हजार करोड़ रुपए दिए गए हैं. उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के अगले चरण के रूप में जनविश्वास सिद्धान्त के आधार पर उद्योगों को प्रोत्साहन प्रदान करने का फैसला किया गया है. इसके लिए रजिस्ट्रेशन, लाइसेंसिंग आदि कार्यवाहियों को और अधिक सहज एवं सुगम बनाया जाएगा. उन्होने नई स्कीम मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के लिए 1000 करोड़ आवंटित किए जाने का भी घोषणा की.
वित्त मंत्री ने अयोध्या को स्मार्ट सिटी बनाने और प्रदेश में हवाई पट्टियों के निर्माण और भूमि अर्जन के लिए 1100 करोड़ आवंटित किए जाने का भी ऐलान किया है. प्रदेश में नागरिक उड्डयन के लिए 2111 करोड़ आवंटित किए जाने की भी जानकारी दी. मजदूरों को उनके गांव के समीप की रोजगार दिलाने के लिए प्रदेश में लेबर अड्डे बनाए जाने का ऐलान भी वित्त मंत्री ने किया. उन्होने बताया कि अपने घर, गांव से दूर शहरों में काम करने वाले मजदूरों के लिए लेबर अड्डों को बनाया जाएगा. ईवी वाहनों को बढ़ावा देने के लिए बस अड्डों पर 50 करोड़ रुपए की लागत से चार्जिंग प्वाइंट बनाए जाने के लिए बजट में धन आवंटित करने की जानकारी भी वित्त मंत्री ने दी. न्याय विभाग की योजनाओं के लिए 9845 करोड़ रुपए बजट में प्रस्तावित किए गए और
यूपी का बजट इन देशों से बड़ा है :
राज्य के अर्थशास्त्री कहते हैं कि यूपी सरकार का बजट आकार में पाकिस्तान-बांग्लादेश, नेपाल और भूटान के बजट से बड़ा है. 10 जून 2025 को वित्त मंत्री मुहम्मद औरंगजेब ने 17.573 ट्रिलियन पाकिस्तानी रुपए के कुल परिव्यय के साथ संघीय बजट प्रस्तुत किया था. एक भारतीय रुपए की वैल्यू पाकिस्तान में 3.09 पाकिस्तानी रुपया है. इस प्रकार पाकिस्तान सरकार का बजट भारतीय करेंसी में करीब छह लाख करोड़ करोड़ रुपए का होगा. जबकि योगी सरकार का इस वित्तीय वर्ष का बजट 9.12 लाख करोड़ रुपए का है. इस प्रकार यूपी सरकार का बजट पाकिस्तान के केंद्रीय बजट से बड़ा है. इसी प्रकार बांग्लादेश, नेपाल और भूटान के बजट से भी योगी सरकार का बजट से बड़ा है.
हर वर्ग को ध्यान में रखा गया : सीएम योगी
सदन में बजट पेश होने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पत्रकारों से वार्ता करते हुए यह दावा किया कि इस बजट में सभी के हितों का ध्यान रखा गया है. हमारी सरकार का दसवां बजट देश की सबसे बड़ी आबादी का बजट है. यह बजट किसान, युवा, महिला का बजट है. नौ वर्ष में उत्तर प्रदेश पर राय बदली है, इन नौ वर्ष में हमने एक भी टैक्स नहीं लगा. मुख्यमंत्री यह भी कहा कि उनकी सरकार का यह बजट सुरक्षित नारी, सक्षम युवा, खुशहाल किसान, हर हाथ को काम, तकनीकी निवेश से समृद्ध होते उत्तर प्रदेश के लिए समर्पित है. और यह बजट सरकार की नौ वर्ष के नवनिर्माण की एक नई गाथा को देशवासियों के समक्ष प्रस्तुत करता है. उत्तर प्रदेश का बजट नौ वर्ष में तीन गुना से अधिक बढ़ा है. बजट की थीम "सुरक्षित नारी, सक्षम युवा और खुशहाल किसान" हैं. इसमें दो लाख करोड़ की धनराशि कैपिटल एक्सपेंडिचर के लिए है. यह पहली बार हुआ है कि कोई एक सरकार का दसवीं बार बजट प्रस्तुत हो रहा है और नौ वर्ष में कोई भी टैक्स नहीं लगाया गया है.
विपक्ष का दावा : घाटे का बजट है, जनता को धोखा ही मिलेगा : शिवपाल
समाजवादी पार्टी नेता शिवपाल सिंह यादव ने योगी सरकार के बजट को घाटे का बजट बताया है. उनका कहना है कि हमने भाजपा के अभी तक सब बजट देख लिए हैं, किसानों, गरीबों, युवाओं के लिए कुछ नहीं है। पूर्वांचल पिछड़ा है, पूर्वांचल, बुंदेलखंड को कुछ नहीं दिया. यह बजट सिर्फ दिखावे का बजट है. जनता को धोखा ही मिलेगा.