मनरेगा बहाली और शंकराचार्य अपमान के मुद्दे पर लखनऊ में कांग्रेस का 'हल्ला बोल', पुलिस से भिड़े कांग्रेसी
By राजेंद्र कुमार | Updated: February 17, 2026 17:11 IST2026-02-17T17:11:01+5:302026-02-17T17:11:57+5:30
अविनाश पांडे, प्रदेश अध्यक्ष अजय राय और विधानसभा में कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता आराधना मिश्रा मोना के नेतृत्व में जब बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं ने विधानसभा की ओर कूच किया तो पुलिस के साथ इनकी झड़प हो गई.

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लखनऊः उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में लंबे समय बाद कांग्रेस ने अपनी ताकत का अहसास योगी सरकार को कराया. यूपी कांग्रेस ने मंगलवार को मनरेगा योजना की बहाली, यूपी का खराब कानून व्यवस्था, शंकराचार्य अविमुक्तानंद के अपमान और वाराणसी में माता अहिल्याबाई होल्कर की तोड़ी गई मूर्ति के मुद्दे पर विधानसभा के घेराव का ऐलान किया था. पार्टी के इस कार्यक्रम के चलते सोमवार की रात को ही प्रदेश भर से बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता लखनऊ में हल्ला बोलने पहुंच गए. मंगलवार की सुबह कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडे, प्रदेश अध्यक्ष अजय राय और विधानसभा में कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता आराधना मिश्रा मोना के नेतृत्व में जब बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं ने विधानसभा की ओर कूच किया तो पुलिस के साथ इनकी झड़प हो गई.
जमकर धक्का-मुक्की हुई. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय, विधायक आराधना मिश्रा समेत कांग्रेस कार्यकर्ता बैरिकेडिंग पर चढ़ गए. करीब दो घंटे पुलिस और कांग्रेस नेताओं के बीच झड़प होती रही. बाद में पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस नेताओं को बसों में बिठाकर इको गार्डन गई, जहां सभी को रिहा कर दिया गया.
सभी नेताओं को रिहा किया गया
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि विधानसभा के चल रहे बजट सत्र के कारण शहर में धरना-प्रदर्शन करने में रोक लगी है. ऐसे में कांग्रेस के नेताओं को विधानसभा जाने से रोका गया. कांग्रेस नेताओं के उग्र प्रदर्शन से जनता को परेशानी होती, इसलिए अलर्ट मोड पर रहते हुए पुलिस ने कांग्रेस ने कई बड़े नेताओं को घर में नजरबंद किया.
इसके बाद भी बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने विधानसभा का घेराव करने के लिए कूच किया तो उन्हें बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया, जिसके बाद पांच हजार से अधिक कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच टकराव की स्थिति पैदा हो गई. इन कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं को रोकने में पुलिस वालों के पसीने छूट गए. आरएएफ और पीएसी संकड़ोंसे ज्यादा जवानों ने किसी तरह सभी को उतारकर बस में ठूंस-ठूंसकर भरा और ईको गार्डन ले गए. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय आज भी बैरिकेडिंग से उतरने लगे तो उनका पैर फिसल गया.
वे लड़खड़ा गए, लेकिन अच्छा यह हुआ कि इस बार उन्हे कोई चोट नहीं लगी. पिछली बार प्रदर्शन के दौरान उनका पैर टूट गया था.फिलहाल पुलिस ने इको गार्डन ले गए कांग्रेस के सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को को रिहा कर दिया है.
कांग्रेस किसी के दबाव में नहीं झुकती : अविनाश पांडेय
पार्टी के इस प्रदर्शन को लेकर कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और यूपी प्रभारी अविनाश पांडेय का कहना है कि मनरेगा योजना की बहाली के लिए पिछले 40 दिनों से कांग्रेस पार्टी प्रदेशभर में चौपालों-सभाओं का आयोजन कर रही है. इसी क्रम में आज पार्टी के नेता और कार्यकर्ता मनरेगा की बहाली और कई मुद्दों को लेकर भाजपा सरकार की बंद आंखों को खोलने के लिए लखनऊ पहुंचे थे.
अविनाश पांडेय के अनुसार इस सरकार में किसी को आवाज उठाना मुश्किल हो रहा है. आज हमारे तमाम नेता और कार्यकर्ता हाउस अरेस्ट किए गए. फिर भी बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने यहां पर पहुंचे अपनी ताकत का प्रदर्शन किया और यह जता दिया कि चाहे जितनी पुलिस लगा ली जाए. चाहे जितनी बैरिकेडिंग की जाए,
लेकिन कांग्रेस सरकार ही गलत नीतियों को उजागर करने में किसी के दबाव में विरोध करना बंद नहीं करेगी. यह दावा करते हुए अविनाश पांडेय ने कहा कि शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के बारे में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कथन को कहीं से सही नहीं कहा जा सकता. यह बहुत गलत है.