यूपी विधानसभाः विपक्ष के हंगामे के बीच राज्यपाल ने पढ़ा 55 पेज का अभिभाषण?, सपा-कांग्रेस विधायकों ने लगाए गो बैक गो बैक के नारे
By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: February 9, 2026 17:34 IST2026-02-09T17:33:42+5:302026-02-09T17:34:56+5:30
UP Assembly: राज्यपाल आनंदीबेन ने करीब 30 मिनट में अपना अभिभाषण जैसे-तैसे पूरा किया और सदन से चली गई.

photo-lokmat
लखनऊः उत्तर प्रदेश विधानमंडल के संयुक्त सत्र में सोमवार को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का अभिभाषण समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस विधायकों के शोर-शराबे तथा सरकार विरोधी नारेबाजी की भेट चढ़ गया. विपक्षी सदस्यों के हंगामे और नारेबाजी के बीच राज्यपाल आनंदीबेन ने अपने अभिभाषण में योगी सरकार की उपलब्धियों का जिक्र किया और प्रदेश सरकार की प्राथमिकताओं का उल्लेख किया. इस बीच सपा और कांग्रेस के विधायक सदन में राज्यपाल वापस जाओ, राज्यपाल गो बैक के नारे लगाते हुए अभिभाषण का विरोध करते रहे हैं. विपक्षी सदस्यों के इस रवैये से राज्यपाल नाराज हुई और उन्होंने कई बार सदन में नारे लगा रहे विपक्षी विधायकों को टोका, लेकिन विधायक शांत नहीं हुए. ऐसे में राज्यपाल आनंदीबेन ने करीब 30 मिनट में अपना अभिभाषण जैसे-तैसे पूरा किया और सदन से चली गई.
राज्यपाल के सदन से जाने के बाद भी विधायकों की नारेबाजी जारी रही. तब वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने पहली बार सदन में राज्य की आर्थिक समीक्षा रिपोर्ट को सदन के पटल पर रखा और इसके बाद सदन की कार्यवाही को मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दिया गया.
विपक्ष का हंगामा
विधानमंडल के संयुक्त सत्र की शुरुआत होने पर सरकार को विपक्ष के हंगामा करने का अंदेशा था और हुआ भी वही. विधानमंडल की कार्यवाही शुरू होने के पहले ही सपा विधायकों के विधानसभा के मुख्य भवन के सामने पूर्व प्रधानमंत्री चरण सिंह की प्रतिमा के सामने धरना-प्रदर्शन शुरू किया. इस धरना प्रदर्शन में कांग्रेस के विधायक भी सपा के साथ थे.
सपा विधायक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र के मणिकर्णिका घाट पर हुई तोड़फोड़ का विरोध कर रहे थे. सपा के कई विधायक अपने हाथों में अहिल्याबाई होल्कर का चित्र लिए थे. जबकि कई विधायकों के हाथों में सरकार विरोधी नारेबाजी लिखी तख्तियां थी. सपा विधायक ज़ाहिद बेग एसआईआर का विरोध जताते हुए नाम काटने के लिए फार्म -7 बंद करो लिखी तख्ती लेकर विधानसभा परिसर में पहुंचे थे. इन विधायकों के करीब दो घंटे तक सरकार के नीतियों की आलोचना की.
राज्यपाल ने 55 पेज का अभिभाषण पढ़ा
कुल मिलकर सपा और कांग्रेस विधायकों के विरोध प्रदर्शन के बीच राज्यपाल आनंदीबेन पटेल 55 पेज का अभिभाषण पढ़ा. उन्होने प्रदेश सरकार की उपलब्धियों का अपने अभिभाषण में जिक्र किया. राज्यपाल ने इस दौरान योगी आदित्यनाथ सरकार के कार्यकाल को जमकर सराहा और कहा कि मुख्यमंत्री को उत्तर प्रदेश को ‘बॉटलनेक स्टेट’ से ‘ब्रेक थ्रू स्टेट’ के तौर पर स्थापित करने में सफलता मिली है.
‘सबका साथ, सबका विकास’ के संकल्प के साथ प्रदेश में लगभग छह करोड़ लोगों को बहुआयामी गरीबी से ऊपर उठाया गया है. राज्यपाल ने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए जीरो टॉलरेंस की नीति जारी है.वर्ष 2017 से अब तक कुल 267 अपराधी मुठभेड़ में मारे गए. 977 अभियुक्तों को रासुका के तहत निरुद्ध किया गया.
साथ ही माफिया अपराधियों से 04 हजार 137 करोड़ रुपए से अधिक की अवैध रूप से अर्जित संपत्ति जब्त की जा चुकी है. नवंबर, 2019 से अब तक 129 अपराधियों को अलग-अलग अभियोगों में आजीवन कारावास अथवा अन्य अवधि के कारावास व अर्थदंड से दंडित कराया गया है. दो को मृत्युदंड की सजा हुई है.राज्य में छह करोड़ लोगों को गरीबी से मुक्ति मिली है.
राज्यपाल ने प्रयागराज में बीते साल हुए महाकुम्भ का जिक्र किया और कहा कि महाकुम्भ के दौरान लगभग 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं तथा माघ मेला 2026 में 21 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं द्वारा स्नान करने का अनुमान है.
उन्होने यह भी कहा कि प्रदेश के सभी 75 जनपदों में दो-दो विद्यालयों को मुख्यमंत्री मॉडल कम्पोजिट विद्यालयों एवं एक-एक विद्यालय को मुख्यमंत्री अभ्युदय विद्यालय के रूप में विकसित किया जा रहा है। वर्ष(2022-23, 2023-24 एवं 2024-25 में परिषदीय प्राथमिक, उच्च प्राथमिक एवं कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में शिक्षकों के उपयोगार्थ 2 लाख 61 हजार से अधिक टैबलेट्स वितरित किये जा चुके हैं।
विपक्ष ने की आलोचना
सपा मुखिया अखिलेश यादव ने राज्यपाल के अभिभाषण को योगी सरकार के झूठ का पुलिंदा बताया है। अखिलेश यादव का कहना है कि भाजपा झूठ के अलावा कुछ नहीं बोलती है. यूपी ने प्रधानमंत्री बनाए हैं, तो यूपी को बुलेट ट्रेन कब मिलेगी? इसका उल्लेख अभिभाषण में होना चाहिए था. राज्यपाल के अभिभाषण की सपा के सीनियर नेता शिवपाल सिंह यादव ने भी आलोचना की है.
उनका कहना है कि भ्रष्टाचार में लिप्त सरकार को बढ़ावा देता राज्यपाल का अभिभाषण और कुछ नहीं बल्कि सरकार की झूठी तारीफ़ों का महोत्सव बन कर रह गया है. जबकि बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती ने कहा है कि राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के अभिभाषण में महंगाई, बेरोजगारी, कानून-व्यवस्था और जन सुरक्षा जैसे अहम मुद्दों पर अपेक्षित जोर नहीं दिया गया.
अभिभाषण में प्रदेश के विकास और सर्व समाज के उत्थान की बात तो की गई, लेकिन आम जनता से जुड़ी गंभीर समस्याओं पर अपेक्षित स्पष्टता और संवेदनशीलता नहीं दिखी. प्रदेश में करोड़ों लोग महंगाई, बेरोजगारी और गरीबी जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं, वहीं कानून-व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर भी लोगों में चिंता बनी हुई है.