बिहार प्रदेश जदयू का तीसरी बार अध्यक्ष बने उमेश सिंह कुशवाहा, करीब 5 साल से संभाल रहे हैं बिहार में जदयू संगठन की जिम्मेदारी
By एस पी सिन्हा | Updated: March 6, 2026 17:53 IST2026-03-06T17:53:36+5:302026-03-06T17:53:36+5:30
शुक्रवार को नामांकन के बाद उनके खिलाफ किसी अन्य नेता ने पर्चा दाखिल नहीं किया। इसके बाद उन्हें निर्विरोध तीसरी बार प्रदेश अध्यक्ष घोषित कर दिया गया। शाम करीब 4 बजे पार्टी की ओर से इसकी औपचारिक घोषणा कर दी गई।

बिहार प्रदेश जदयू का तीसरी बार अध्यक्ष बने उमेश सिंह कुशवाहा, करीब 5 साल से संभाल रहे हैं बिहार में जदयू संगठन की जिम्मेदारी
पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने को लेकर जारी सियासी हलचल के बीच जदयू में कराए गए संगठनात्मक चुनाव के तहत वैशाली जिले के महनार से विधायक उमेश सिंह कुशवाहा तीसरी बार बिहार प्रदेश अध्यक्ष बने हैं। शुक्रवार को नामांकन के बाद उनके खिलाफ किसी अन्य नेता ने पर्चा दाखिल नहीं किया। इसके बाद उन्हें निर्विरोध तीसरी बार प्रदेश अध्यक्ष घोषित कर दिया गया। शाम करीब 4 बजे पार्टी की ओर से इसकी औपचारिक घोषणा कर दी गई।
उमेश सिंह कुशवाहा पिछले करीब पांच साल से बिहार में जदयू संगठन की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। उन्हें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के करीबी और भरोसेमंद नेताओं में गिना जाता है। साल 2021 में उन्हें पहली बार जदयू का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया था। उस समय उन्होंने वरिष्ठ नेता वशिष्ठ नारायण सिंह की जगह ली थी। इसके बाद वे लगातार इस पद पर बने हुए हैं और अब तीसरी बार उन्हें यह जिम्मेदारी मिली है। बिहार की राजनीति में जदयू का एक बड़ा आधार ‘लव-कुश’ यानी कुर्मी और कोइरी वोट बैंक माना जाता है।
नीतीश कुमार कुर्मी समाज से आते हैं, जबकि उमेश सिंह कुशवाहा कोइरी समाज से संबंध रखते हैं। ऐसे में पार्टी के सामाजिक समीकरण को मजबूत करने में उनकी भूमिका अहम मानी जाती है। सियासत के जानकारों के अनुसार, इस समीकरण के कारण भी नीतीश कुमार का भरोसा उन पर बना हुआ है। उमेश कुशवाहा को जदयू संगठन की मजबूत कड़ी माना जाता है। वे लंबे समय से पार्टी के लिए जमीनी स्तर पर काम करते रहे हैं।
उपेंद्र कुशवाहा जैसे बड़े कोइरी नेता के पार्टी छोड़ने के बाद भी उमेश कुशवाहा नीतीश कुमार के साथ मजबूती से खड़े रहे। इससे पार्टी नेतृत्व का भरोसा उन पर और बढ़ा। उमेश सिंह कुशवाहा महनार विधानसभा क्षेत्र से 2015 और 2025 में यहां से चुनाव जीत चुके हैं। हालांकि 2020 के विधानसभा चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। इसके बावजूद नीतीश कुमार ने उन पर भरोसा जताते हुए उन्हें प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी थी।
बता दें कि बिहार की राजनीति इस समय कई बदलावों के दौर से गुजर रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की चर्चाओं के बीच जदयू संगठन को मजबूत रखना पार्टी के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ऐसे में उमेश सिंह कुशवाहा को तीसरी बार प्रदेश अध्यक्ष बनाना पार्टी की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। जदयू नेतृत्व को उम्मीद है कि उनके नेतृत्व में संगठन को और मजबूत किया जा सकेगा।