लाइव न्यूज़ :

टीकाकरण में वृद्धि से ही कम किए जा सकते हैं कोरोना वायरस के स्वरूप : गगनदीप कांग

By भाषा | Updated: May 26, 2021 18:31 IST

Open in App

नयी दिल्ली, 26 मई जानी-मानी चिकित्सकीय वैज्ञानिक गगनदीप कांग ने कोविड रोधी टीकाकरण को लेकर फ्रांस के विषाणु विज्ञानी एवं नाबेल पुरस्कार विजेता लुक मांटेगनियर के दावे को गलत करार देते हुए कहा कि केवल टीकाकरण में वृद्धि किए जाने से कोरोना वायरस के स्वरूपों को कम किया जा सकता है।

कांग ने कहा कि मांटेगनियर ने यह नहीं कहा कि टीकाकरण कराने वाले सभी व्यक्ति दो साल के भीतर मर जाएंगे, जैसा कि कई जगह दावा किया गया है, लेकिन उन्होंने यह कहा कि वायरस के नए स्वरूप टीकाकरण के माध्यम से एंटीबॉडी हस्तक्षेप से उत्पन्न होते हैं।

उन्होंने ट्वीट में कहा कि मांटेगनियर ने यह भी कहा कि टीकाकरण करा चुके लोगों में ‘एंटीबॉडी निर्भरता वृद्धि’ (एडीई) और सामूहिक टीकाकरण की वजह से संक्रमण अधिक मजबूत होगा और यह एक बड़ी गलती, एक चिकित्सकीय गलती है।

कांग ने कहा के ये दावे ‘‘सही नहीं हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘जब हम संक्रमित होते हैं या हमारा टीकाकरण होता है तो हम समूचे वायरस या वायरस के हिस्से के खिलाफ एंटीबॉडी उत्पन्न करते हैं। किसी विषाणु संक्रमण में, एंटीबॉडी सहित शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता विषाणु को प्रतिकृति बनाने से रोक देती है और हम ठीक हो जाते हैं।’’

टीकाकरण को ‘‘तैयारी और नियंत्रण’’ की कवायद करार देते हुए टीका विज्ञानी ने कहा कि इससे उत्पन्न होने वाली प्रतिक्रिया का (विषाणु से) तत्काल लड़ाई से कोई लेना-देना नहीं है, लेकिन ‘‘हम रोग प्रतिरोधक क्षमता को यह सिखा देते हैं कि यदि या जब भी विषाणु आए तो वह उसे पहचान ले।’’

उन्होंने एक अन्य ट्वीट में कहा कि कुछ लोगों में, खासकर जो रोग प्रतिरोधक क्षमता संबंधी विकार से पीड़ित हों, संभव है कि वायरस की प्रतिकृति दीर्घकालिक हो सकती है। इस तरह के (दुर्लभ) मामलों में वायरस के ऐसे स्वरूप विकसित हो सकते हैं जो रोग प्रतिरोधक क्षमता से बच जाएं।

कांग ने कहा कि वायरस के स्वरूप अनेक हो सकते हैं, लेकिन उनमें से कुछ ही ऐसे होंगे जो रोग प्रतिरोधक क्षमता से बच निकलें।

उन्होंने कहा, ‘‘क्योंकि वायरस आबादी के जरिए फैलता है और तेजी से विस्तार करता है, कुछ स्वरूप ऐसे हो सकते हैं जो टीकों से उत्पन्न रोग प्रतिरोधक क्षमता से बच निकलें, ऐसी स्थिति टीकों को कम प्रभावी कर सकती है।’’

कांग ने कहा, ‘‘चाहे यह बी1.351 और बी1.617.2 स्वरूप हों जो हम वर्तमान में देख रहे हैं, टीके की दोनों खुराक (कतर और ब्रिटेन से लिए गए आंकड़ों के अनुसार) पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध कराती हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘वायरस के स्वरूपों में कमी लाने का एकमात्र रास्ता टीकारण को बंद करना नहीं, बल्कि इसे विस्तारित करना है जिससे कि वायरस का प्रसार रुके और यह अपनी प्रतिकृति न बना पाए।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

विश्वसमय तेजी से बीत रहा और 48 घंटे बाद उन पर कहर टूट पड़ेगा?, ट्रंप ने कहा- होर्मुज जलडमरूमध्य को नहीं खोले तो?

भारतबारामती विधानसभा उपचुनावः सीएम फडणवीस की बात नहीं मानी?, कांग्रेस ने उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के खिलाफ आकाश मोरे को चुनाव मैदान में उतारा

क्रिकेटबेंगलुरु में छक्कों की बौछार के बीच, टिम डेविड की विस्फोटक पारी से CSK के खिलाफ RCB ने बनाया 250/3 का विशाल स्कोर

विश्व5 दिन और न्यायिक हिरासत में रहेंगे पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक

क्राइम अलर्टपंजाब पुलिस ने सीमा पार से मादक पदार्थ तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ किया, 2 गिरफ्तार, 4.13 किलोग्राम हेरोइन बरामद

भारत अधिक खबरें

भारतUP की महिला ने रचा इतिहास! 14 दिनों में साइकिल से एवरेस्ट बेस कैंप पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला बनीं

भारतLadki Bahin Yojana Row: महाराष्ट्र में 71 लाख महिलाएं अयोग्य घोषित, विपक्ष ने किया दावा, सरकार की जवाबदेही पर उठाए सवाल

भारतयूपी बोर्ड ने 2026-27 के लिए कक्षा 9 से 12 तक NCERT और अधिकृत पुस्तकें अनिवार्य कीं

भारतपाकिस्तान के रक्षामंत्री ख्वाजा आसिफ के कोलकाता पर हमले की धमकी वाले बयान पर सोशल मीडिया पर 'धुरंधर' अंदाज़ में आई प्रतिक्रिया

भारतबिहार में CM नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को सीएम बनाने की मांग को लेकर महिलाओं ने शुरू किया सत्याग्रह