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आरएसएस के अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की दो दिवसीय बैठक खत्म

By भाषा | Updated: December 7, 2020 00:39 IST

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पटना, छह दिसम्बर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का दो दिवसीय अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल (एबीकेएम) की पहली क्षेत्रवार बैठक रविवार को संपन्न हुई जिसमें स्वयंसेवकों को सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण के लिए काम करने का संकल्प दिलाया गया।

आरएसएस के दक्षिण बिहार के प्रांतीय प्रचारक राजेश कुमार पांडेय द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि संघ की शीर्ष निर्णय लेने वाली शाखा एबीकेएम की इस दो दिवसीय बैठक के दौरान कोरोना वायरस महामारी के दौरान उसके स्वयंसेवकों द्वारा प्रदान की गई सेवा की चर्चा और समीक्षा की गई। साथ में शाखा के विस्तार और मजबूती पर भी विमर्श किया गया।

पटना सिटी के मिर्चा-मिर्ची मार्ग स्थित केशव सरस्वती विद्या मंदिर में संपन्न इस बैठक के बारे में पांडेय ने कहा कि बैठक में कोरोना वायरस महामारी से उत्पन्न परिदृश्य में स्वरोजगार एवं आत्मनिर्भरता से काम करते हुए अधिक जिम्मेदारी के साथ सेवा को आगे बढ़ाने के बारे में चर्चा की गई।

विज्ञप्ति में कहा गया है कि बैठक के दौरान संघ के काम की भी समीक्षा की गई और भविष्य में होने वाले कार्यक्रमों पर चर्चा के अलावा स्वयंसेवकों को बदले परिदृश्य में खुले मैदान में 'शाखा' का आयोजन करते समय कोरोना वायरस को लेकर जारी दिशानिर्देशों का पालन करने को कहा गया।

विज्ञप्ति के अनुसार बैठक में चर्चा की गई कि "हमारा समाज एक परिवार है और इसलिए किसी के साथ कोई भेदभाव नहीं होना चाहिए।"

बैठक के दौरान कहा गया कि भविष्य को पर्यावरण की रक्षा करके संरक्षित किया जा सकता है। इसके लिए जल संरक्षण, जल प्रबंधन, जल अपव्यय, वृक्षारोपण, प्लास्टिक के उपयोग पर प्रतिबंध के लिए जागरूकता अभियान शुरू करने की आवश्यकता पर भी बल दिया।

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने केशव सरस्वती विद्या मंदिर स्कूल परिसर में बने "केशव सभागार" का उद्घाटन किया, जबकि सह सरकार्यवाह दत्तात्रय होसाबले और सुरेश सोनी, अखिल भारतीय सह प्रचारक प्रमुख अरुण जैन और नरेंद्र ठाकुर ने स्कूल परिसर में पौधारोपण किया।

पांडेय ने कहा कि यह पहली बार है कि पटना में एबीकेएम की क्षेत्रवार बैठक हो रही है। इस साल की एबीकेएम की बैठक दीपावली के आसपास उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में होने वाली थी, लेकिन कोविड - 19 के कारण इसे आयोजित नहीं किया जा सका।

उन्होंने कहा कि आरएसएस ने संगठन और इसके कार्यों के सुचारू संचालन के लिए देश को 11 क्षेत्रों में विभाजित किया है। उत्तर पूर्व क्षेत्र में बिहार और झारखंड राज्य शामिल हैं।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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