लाइव न्यूज़ :

नेताओं की घर वापसी के बारे में फैसला तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष ममता बनर्जी लेंगी

By भाषा | Updated: June 4, 2021 18:45 IST

Open in App

कोलकाता, चार जून तृणमूल कांग्रेस नेतृत्व ने पार्टी के पूर्व नेताओं की घर वापसी पर अभी कोई फैसला नहीं किया है जो हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों से पहले भाजपा में चले गये थे।

तृणमूल कांग्रेस के शीर्ष सूत्रों ने बताया कि मुख्यमंत्री और पार्टी अध्यक्ष ममता बनर्जी भाजपा में चले गये तृणमूल के लोगों की वापसी पर फैसला लेंगी।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पार्टी बहुत चुनिंदा नेताओं की वापसी करेगी ताकि 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले पार्टी कार्यकर्ताओं को संदेश दिया जा सके कि बगावत बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

तृणमूल के एक नेता ने नाम जाहिर नहीं होने के अनुरोध के साथ कहा, ‘‘इस मुद्दे पर शीर्ष नेतृत्व ही अंतिम फैसला ले सकता है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘इस समय हम कोविड-19 महामारी से जूझ रहे हैं और चक्रवात यास के बाद राहत कार्यों का बंदोबस्त कर रहे हैं।’’

तृणमूल कांग्रेस के नेता दीपेंदु बिस्वास और सोनाली गुहा समेत अनेक पूर्व विधायक पिछले कुछ दिनों में पत्र लिखकर भाजपा में शामिल होने के लिए खेद जता चुके हैं। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस में वापसी की इच्छा जाहिर की है।

एक समय बनर्जी की करीबी रहीं सोनाली ने मुख्यमंत्री से माफी की मांग करते हुए कैमरे पर भावुक अपील की।

दक्षिण 24 परगना के सतगचिया से चार बार विधायक रहीं सोनाली ने एक पत्र में लिखा कि जिस तरह पानी के बाहर मछली नहीं रह सकती, उसी तरह दीदी, ‘मैं आपके बिना नहीं रह पाऊंगी।’

अटकलें तो तृणमूल कांग्रेस के संस्थापकों में शामिल रहे मुकुल रॉय की भी संभावित घर वापसी को लेकर चल रही हैं जो भाजपा के राज्यसभा सदस्य हैं। हाल ही में ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक ने शहर के एक अस्पताल में जाकर रॉय की पत्नी का हालचाल जाना और उनके बेटे से बात की।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी रॉय को फोन कर उनकी पत्नी की सेहत के बारे में पूछा।

रॉय तृणमूल कांग्रेस में वापसी की अटकलों को अपनी तरफ से खारिज करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन अटकलों का बाजार अब भी गर्म है क्योंकि बनर्जी ने कहा था कि रॉय का बर्ताव इतना बुरा नहीं है।

मुख्यमंत्री बनर्जी ने चुनाव प्रचार के दौरान बागी नेताओं को मीर जाफर की संज्ञा दी थी।

अब तृणमूल कांग्रेस चुनिंदा तरीके से नेताओं की घर वापसी कर सकती है।

कलकत्ता रिसर्च ग्रुप के सदस्य और जानेमाने राजनीतिक विश्लेषक रजत रॉय ने कहा कि इसका मकसद सांगठनिक रूप से भाजपा को कमजोर करना होगा लेकिन उसी समय वह सभी नेताओं की घर वापसी नहीं कराएगी ताकि बगावत करने वालों के साथ सख्ती का संदेश भी जाए।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

विश्वझुके ट्रंप? अमेरिका के 2 हफ्तों के युद्धविराम को ईरान ने बताया ऐतिहासिक जीत, कही ये बात

विश्वइस ड्रोन और उस ड्रोन में कितना फर्क है...!

भारतनिजी जासूसी एजेंसियों को लेकर नई चिंताएं

विश्वहोर्मुज जलडमरूमध्य खोलने पर सहमत ईरान?, 14 दिन बमबारी और हमले रोकने को तैयार राष्ट्रपति ट्रंप?, पाकिस्तान के पीएम शरीफ क्या बोले?

विश्व'हम नए लॉन्च प्लेटफॉर्म्स के साथ अपने हमले दोगुने कर देंगे': ट्रंप की धमकी के बाद ईरान का जवाब

भारत अधिक खबरें

भारतपंजाब में अमित शाह का प्रतिभा खोज अभियान?, आरिफ मोहम्मद खान ढाका जाएंगे!

भारतNagpur: पवनी सफारी में दिखा दुर्लभ ‘काला चीतल’, पर्यटकों में बढ़ा रोमांच

भारत‘अपने स्तर को नीचे न गिराएं’: मल्लिकार्जुन खड़गे के ‘गुजरात के लोग अनपढ़ हैं’ वाले बयान पर शशि थरूर की सलाह

भारत'इस बार पाकिस्तान के कितने टुकड़े होंगे ये तो सिर्फ ऊपरवाला जानता है', राजनाथ सिंह ने PAK के रक्षामंत्री ख्वाजा आसिफ की धमकी का दिया करारा जवाब

भारत403 करोड़ रुपए खर्च?, योगी सरकार का सियासी दांव, बीआर अंबेडकर की मूर्ति पर लगेगा छत्र