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तृणमूल कांग्रेस ने राज्यसभा उपचुनाव के लिए जवाहर सरकार को नामित किया

By भाषा | Updated: July 24, 2021 18:04 IST

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कोलकाता, 24 जुलाई तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने राज्य में आगामी राज्य सभा उपचुनाव के लिए अपने प्रत्याशी के तौर पर पूर्व नौकरशाह जवाहर सरकार को शनिवार को नामित किया।

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की अध्यक्षता वाली पार्टी ने कहा कि वह सरकार को चुन रहे हैं क्योंकि ‘‘ उन्होंने जनसेवक के तौर पर अमूल्य योगदान दिया है तथा देश की और बेहतर सेवा में वे हमारी मदद कर सकते हैं।’’

पार्टी ने एक बयान में कहा, “हम संसद के उच्च सदन में जवाहर सरकार को नामित कर प्रसन्न हैं।” वर्ष 1952 में जन्मे सरकार ने कोलकाता के सेंट जेवियर स्कूल से पढ़ाई करने के बाद यहीं के प्रेसिडेंसी कॉलेज और कलकत्ता विश्वविद्यालय से उच्च शिक्षा प्राप्त की।

राज्य में सत्तारूढ़ पार्टी ने कहा कि सरकार ने लोकसेवा में करीब 42 वर्ष दिए हैं और वह प्रसार भारती के पूर्व मुख्य कार्याधिकारी (सीईओ) भी रहे हैं।

नामांकन पर प्रतिक्रिया देते हुए सरकार ने कहा कि जब उन्हें राज्यसभा भेजने की पहली बार पेशकश की गई तो वह स्तब्ध थे लेकिन वह जनता के लिए कार्य करना चाहेंगे।

सरकार ने कहा, “मैं एक नौकरशाह था। मैं राजनीतिक व्यक्ति नहीं हूं लेकिन मैं लोगों के विकास के लिए काम करुंगा और जनता से जुड़े मुद्दों को संसद में उठाउंगा।” उन्होंने कहा, ‘‘ असहिष्णु और तानाशाही नरेंद्र मोदी सरकार का विरोध किया जाना चाहिए और हर स्तर पर प्रतिवाद करना चाहिए। यह नामांकन मुझे और ताकत के साथ इस भाजपा सरकार के खिलाफ बोलने का मौका देगा।’’

सरकार ने निर्धारित समय से चार महीने पहले अक्टूबर 2016 में सूचना प्रसारण मंत्रालय को अपना इस्तीफा सौंप दिया था। उन्हें फरवरी 2017 में सेवानिवृत्त होना था।

सरकार ने उन दिनों को याद करते हुए कहा, ‘‘ मैं कभी नरेंद्र मोदी की नीतियों का समर्थक नहीं रहा और सेवानिवृत्त होने के बाद अपने विचार व्यक्त करने से कभी नहीं हिचकिचाया।’’

प्रधानमंत्री के साथ कलाइकुंडा में होने वाली बैठक में शामिल नहीं होने पर पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्य सचिव अल्पन बंदोपाध्याय के खिलाफ केंद्र की कार्रवाई की सरकार ने हाल में आलोचना की थी।

पश्चिम बंगाल भाजपा के प्रदेश उपाध्याक्ष जॉयप्रकाश मजूमदार ने कहा, ‘‘सरकार लंबे समय से नौकरशाह रहे हैं और सेवानिवृत्त् होने के बाद से हमारे कट्टर आलोचक रहे हैं, लेकिन उन्होंने कभी भी तृणमूल कांग्रेस सरकार के अपराधों का विरोध नहीं किया, इस प्रकार उनका हमेशा से तृणमूल कांग्रेस का समर्थन रहा है और उनमें संतुलन की कमी रही है।’’

उल्लेखनीय है कि विधानसभा चुनाव से पहले तृणमूल कांग्रेस नेता दिनेश त्रिवेदी ने भाजपा में शामिल होने के लिए राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था जिससे यह सीट खाली हुई। निर्वाचन आयोग के मुताबिक इस सीट के लिए नौ अगस्त को उप चुनाव होगा।

त्रिवेदी ने इस साल 12 फरवरी को राज्यसभा से इस्तीफा दिया था आर उनका कार्यकाल अप्रैल 2026 में समाप्त होना था।

विपक्षी दल भाजपा द्वारा इस सीट के लिए प्रत्याशी उतारे जाने की स्थिति में पश्चिम बंगाल की राज्य सभा की इस सीट पर उपचुनाव होगा अन्यथा तृणमूल कांग्रेस के प्रत्याशी को निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया जाएगा।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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